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8वां वेतन आयोग: HRA, DA और DR में बड़े बदलाव की मांग, कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

8वां वेतन आयोग HRA DA और DR में बड़े बदलाव की मांग कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

भारत सरकार द्वारा गठित 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने वेतन, हाउस रेंट अलाउंस (HRA), महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे हैं।

इन मांगों में सबसे प्रमुख मांग हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बढ़ोतरी की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और मकानों के किराए को देखते हुए मौजूदा HRA दरें पर्याप्त नहीं हैं।

वर्तमान में HRA कितना मिलता है?

7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वर्ष 2016 में HRA की दरें इस प्रकार निर्धारित की गई थीं:

  • X श्रेणी के शहर: 24%
  • Y श्रेणी के शहर: 16%
  • Z श्रेणी के शहर: 8%

हालांकि जनवरी 2024 में महंगाई भत्ता (DA) 50% पहुंचने के बाद वित्त मंत्रालय ने HRA दरों में संशोधन किया था। वर्तमान में कर्मचारियों को निम्न दरों पर HRA मिल रहा है:

  • X श्रेणी के शहर: 30%
  • Y श्रेणी के शहर: 20%
  • Z श्रेणी के शहर: 10%

अब 8वें वेतन आयोग के सामने इन दरों को और बढ़ाने की मांग रखी गई है।

NC-JCM की HRA बढ़ाने की मांग

नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), जो केंद्रीय कर्मचारियों का सबसे बड़ा प्रतिनिधि संगठन माना जाता है, ने आयोग को दिए गए ज्ञापन में HRA की नई दरें प्रस्तावित की हैं।

प्रस्तावित दरें:

  • X शहर: 40%
  • Y शहर: 35%
  • Z शहर: 30%

संगठन ने यह भी सुझाव दिया है कि भविष्य में DA बढ़ने के साथ HRA में भी स्वतः वृद्धि की व्यवस्था की जाए।

IRTSA ने चार श्रेणी वाले HRA सिस्टम का दिया सुझाव

इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने वर्तमान तीन-स्तरीय HRA व्यवस्था को बदलकर चार श्रेणियों में विभाजित करने का सुझाव दिया है।

प्रस्तावित HRA संरचना

शहर की श्रेणीजनसंख्याप्रस्तावित HRA
A श्रेणी50 लाख से अधिक40% + DA
B श्रेणी20 से 50 लाख30% + DA
C श्रेणी5 से 20 लाख20% + DA
D श्रेणी5 लाख से कम10% + DA

IRTSA का मानना है कि HRA को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) या DA से जोड़ा जाना चाहिए। संगठन ने यह भी सुझाव दिया है कि जब भी DA में 25% की वृद्धि हो, HRA दरों में भी स्वतः 25% बढ़ोतरी की जाए।

FNPO की मांग: पेंशनर्स को भी मिले HRA का लाभ

फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स (FNPO) ने भी HRA में बड़ी वृद्धि की मांग की है।

FNPO द्वारा प्रस्तावित HRA दरें:

  • X शहर: 40%
  • Y शहर: 35%
  • Z शहर: 30%

संगठन का कहना है कि HRA को DA से लिंक किया जाना चाहिए और इसका लाभ पेंशनर्स को भी दिया जाना चाहिए।

AINSPEF ने क्या सुझाव दिए?

ऑल इंडिया नॉन-एससी/एसटी पब्लिक एंप्लॉइज फेडरेशन (AINSPEF) ने HRA के लिए निम्नलिखित प्रस्ताव दिए हैं:

  • X शहर: 36%
  • Y शहर: 24%
  • Z शहर: 12%

इसके अलावा संगठन ने सुझाव दिया है कि जब DA 25% से अधिक हो जाए तो उसे मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज कर दिया जाए और उसके बाद शेष DA नई बेसिक सैलरी पर दिया जाए।

DA और DR की गणना को लेकर उठे सवाल

  • ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष DA और DR की वर्तमान गणना प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
  • वर्तमान में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) की गणना 12 महीने के औसत ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर की जाती है।
  • AIDEF का कहना है कि यह प्रणाली वास्तविक महंगाई और घरेलू खर्चों को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती। विशेष रूप से खाद्य पदार्थों और दैनिक जरूरतों की बढ़ती कीमतों का असर इस इंडेक्स में पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं देता।

पेंशनर्स पर भी पड़ रहा है असर

फेडरेशन का मानना है कि यदि महंगाई की वास्तविक स्थिति और सरकारी इंडेक्स के आंकड़ों में अंतर रहेगा तो इसका सीधा असर पेंशनर्स पर पड़ेगा। ऐसे में DR की गणना के लिए भी अधिक सटीक और व्यावहारिक प्रणाली अपनाने की जरूरत है।

वर्तमान में कितना है DA और DR?

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को फिलहाल 60% की दर से DA और DR का लाभ मिल रहा है। सरकार समय-समय पर महंगाई के आंकड़ों के आधार पर इसमें संशोधन करती रहती है।

8वें वेतन आयोग से क्या उम्मीदें हैं?

फिलहाल 8वां वेतन आयोग परामर्श प्रक्रिया के चरण में है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर संघों से सुझाव लिए जा रहे हैं। आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद वेतन, पेंशन, HRA, DA और अन्य भत्तों में संभावित बदलावों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि कर्मचारी संगठनों की मांगों को स्वीकार किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।

8वें वेतन आयोग के तहत HRA, DA और DR में बड़े बदलावों की मांग जोर पकड़ रही है। कर्मचारी संगठन बढ़ती महंगाई और आवास लागत को देखते हुए HRA में बड़ी बढ़ोतरी चाहते हैं। वहीं DA और DR की गणना प्रणाली में सुधार की मांग भी प्रमुख मुद्दा बनकर उभरी है। अब सभी की नजर आयोग की अंतिम सिफारिशों पर टिकी हुई है, जो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के भविष्य को प्रभावित करेंगी।

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