Gold And Silver

Gold Price Drop 2026: क्या थम गई सोने की रफ्तार? $4,614 तक लुढ़की कीमतें, जानें क्यों सेफ-हेवन डिमांड भी नहीं बचा पा रही सोना

सोने और चांदी

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स की रिसर्च एनालिस्ट – कमोडिटीज़ एंड करेंसीज़, वेदिका नार्वेकर का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों में किसी भी तेज़ी को ऊपरी स्तरों पर रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।

पिछले हफ़्ते सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही; अंतरराष्ट्रीय स्पॉट की कीमतें लगभग 2% गिरकर $4,614/oz के करीब पहुंच गईं, जबकि MCX पर सोना 0.80% कमज़ोर होकर Rs 1,51,352 पर आ गया। इससे इस साल सोने का कुल लाभ घटकर 7% रह गया है, जो यह संकेत देता है कि 2026 की शुरुआत में आई ज़बरदस्त तेज़ी के बाद अब कीमतें कुछ शांत हो रही हैं।

खास बात यह है कि यह गिरावट होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास जारी तनाव के बावजूद आई है। इससे पता चलता है कि इस समय सोने की कीमतों को ‘सेफ़-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) की मांग के बजाय व्यापक आर्थिक कारक ज़्यादा प्रभावित कर रहे हैं। तेल की कीमतों से बढ़ी महंगाई के कारण US बॉन्ड यील्ड में उछाल आया (30 साल की यील्ड ~5.03%, 2 साल की यील्ड ~3.99%) और Fed द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें टल गईं, जिससे सोने पर दबाव बढ़ा है।

सकारात्मक पहलू यह है कि वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, सोने की मांग अभी भी मज़बूत बनी हुई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर सोने की कुल मांग 1,231 टन (+2% सालाना) रही। इसका कुल मूल्य 74% बढ़कर $193 अरब तक पहुंच गया। इस मांग को बार और सिक्कों की मांग (474 ​​टन, +42%), ETF में आए निवेश (62 टन), और केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई खरीद (244 टन, +3%) से मज़बूत सहारा मिला।

सोने के बाज़ार के मुख्य आंकड़े

विवरणडेटा / सांख्यिकी
अंतरराष्ट्रीय स्पॉट कीमत~$4,614/oz (2% गिरावट)
MCX गोल्ड कीमतRs 1,51,352 (0.80% गिरावट)
कुल वैश्विक मांग1,231 टन (+2% सालाना)
मांग का कुल मूल्य$193 अरब (+74% सालाना)
केंद्रीय बैंकों की खरीद244 टन (+3% सालाना)
US 30-Year Bond Yield~5.03%
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