कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए विजय के नेतृत्व वाली TVK को अपना समर्थन देने का फ़ैसला किया है। यह फ़ैसला नई बनी पार्टी के विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद लिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस ने कम से कम दो मंत्री पद की मांग की है और विजय से कहा है कि उनका NDA से कोई संबंध न हो। जल्द ही गवर्नर को समर्थन का एक औपचारिक पत्र सौंपा जा सकता है, जिससे नई सरकार बनने का रास्ता साफ़ हो जाएगा।
गठबंधन की शर्तें: 2 मंत्री पद और NDA से दूरी, क्या मानेंगे विजय?
NDTV ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी इस गठबंधन के पक्ष में थे, वहीं पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे चाहते थे कि क्षेत्रीय नेता इस नई स्थिति पर फ़ैसला लें। NDTV ने कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल के हवाले से कहा, “हां, राजनीतिक मामलों की समिति ने TNCC को सरकार बनाने में TVK का समर्थन करने के लिए अधिकृत किया है।”
इस ख़बर पर प्रतिक्रिया देते हुए DMK के प्रवक्ता ए. सरवनन ने आरोप लगाया कि यह पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। उन्होंने कहा कि DMK के समर्थन के बिना कांग्रेस राज्य में 5 सांसद भी नहीं जीत पाती। कांग्रेस-DMK गठबंधन ने 2019 के लोकसभा चुनावों में कुल 39 सीटों में से 38 सीटें जीती थीं और बाद में 2024 के चुनावों में सभी सीटें जीत लीं।
हालांकि, राज्य विधानसभा में यह पुरानी पार्टी MK स्टालिन के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन में थी, लेकिन उसके पास कोई मंत्री पद नहीं था, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष था। दशकों बाद पार्टी को सरकार में अहम पद मिलने की उम्मीद है। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में DMK और AIADMK के एकाधिकार को भी खत्म कर दिया है।


















