Vaishakh Amavasya : हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने की एक निर्धारित परंपरा है। ऐसा करने से व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो जाता है और उसे पुण्य फल प्राप्त होते हैं। अमावस्या तिथि हर महीने आती है। वैशाख महीने की अमावस्या 17 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस दिन किए गए दान-पुण्य के कार्य कई गुना अधिक फल देते हैं।
इसके अलावा, वैशाख अमावस्या (Vaishakh Amavasya) पर इन अचूक उपायों को करने से पितृ दोष (Pitra Dosh) से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। इसलिए, यदि आप पितृ दोष से परेशान हैं तो आपको इस अमावस्या के दिन ये उपाय अवश्य करने चाहिए। वैशाख अमावस्या के दिन इन उपायों को करने से व्यक्ति को पितृ दोष (पूर्वजों से जुड़ा दोष) से मुक्ति पाने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं कि अमावस्या के दिन पूर्वजों का आशीर्वाद पाने के लिए क्या करना चाहिए।
पितृ दोष से मुक्ति पाने वैशाख अमावस्या पर ये करें अचूक उपाय
पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
वैशाख अमावस्या की शाम को, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल से भरा एक दीपक जलाएँ और ‘ॐ पितृभ्यः नमः’ मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष के बुरे प्रभाव कम होते हैं।

तर्पण करें
वैशाख अमावस्या पर शुभ मुहूर्त के दौरान गंगा नदी या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करें। उसके बाद एक तांबे के बर्तन (लोटा) में कच्चा दूध और काले तिल मिलाएँ, दक्षिण दिशा की ओर मुख करें और अपने पूर्वजों को तर्पण दें। अपने पूर्वजों के लिए तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
भोजन अर्पण करें
वैशाख अमावस्या के दिन गायों, कुत्तों, कौओं और चींटियों को भोजन कराएं। इसके साथ ही, उन्हें पीने के लिए पानी भी दें। ऐसा करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और वे अपनी संतानों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
जल दान
वैशाख का महीना भीषण गर्मी वाला होता है। इसलिए, इस महीने में जल दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। अतः वैशाख अमावस्या के दिन जल से भरा एक मिट्टी का घड़ा किसी ब्राह्मण या ज़रूरतमंद व्यक्ति को दान करें। इसके अतिरिक्त, मौसमी फलों का भी दान करें। ऐसे कार्य करने से पूर्वज (पितृ) प्रसन्न होते हैं।
दान-पुण्य के कार्य
वैशाख अमावस्या के दिन अनाज, धन, वस्त्र और साबुत काली उड़द जैसी वस्तुएं गरीबों और ज़रूरतमंदों को दान करें। इन वस्तुओं का दान करने से पूर्वजों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिस व्यक्ति ने अपने पूर्वजों को प्रसन्न कर लिया हो, उसे कभी भी पितृ दोष के कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता।
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वैशाख अमावस्या 2026 के शुभ मुहूर्त
अमावस्या तिथि (अमावस्या चरण): 17 अप्रैल 2026 को शाम 05:21 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:49 बजे से 05:34 बजे तक
शुभ काल: सुबह 09:50 बजे से 11:18 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 01:03 बजे तक

















