UGC अपडेट: अगर आप अभी किसी भी तरह की स्कॉलरशिप या फ़ेलोशिप का फ़ायदा उठा रहे हैं, तो यह ख़बर आपके लिए बहुत ज़रूरी है। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने पेमेंट देने के बारे में नए नियम लागू किए हैं। अब से, स्कॉलरशिप या फ़ेलोशिप की रकम सिर्फ़ उसी बैंक खाते में जमा की जाएगी जो आधार से जुड़ा हुआ है।
अगर आपका बैंक खाता आधार से नहीं जुड़ा है, तो आपके पैसे रोके जा सकते हैं।
UGC अपडेट के नए नियम क्या हैं?
UGC ने फ़ैसला किया है कि सभी स्कॉलरशिप और फ़ेलोशिप के पेमेंट अब आधार-आधारित पेमेंट (ABP) सिस्टम के ज़रिए किए जाएँगे। यह सिस्टम डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र (DBT) फ़्रेमवर्क के तहत काम करता है।
इसका मतलब है कि अब पैसे सीधे लाभार्थी के आधार नंबर से जुड़े बैंक खाते में जमा किए जाएँगे। यह पेमेंट प्रक्रिया इस तरह से बनाई गई है कि यह काम करने में आसान, सुरक्षित और व्यवस्थित हो।
छात्रों को क्या करना होगा?
सभी छात्रों को अब स्कॉलरशिप और फ़ेलोशिप मैनेजमेंट पोर्टल (SFMP) पर अपनी जानकारी अपडेट करना ज़रूरी है।
सबसे ज़रूरी काम ये हैं:
- अपने आधार नंबर को अपने बैंक खाते से जोड़ना।
- पोर्टल पर अपने आधार-लिंकिंग की जानकारी अपडेट करना।
अगर आपने अभी तक अपना आधार लिंक नहीं किया है, तो कृपया इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें।
डेडलाइन का रखें ध्यान
UGC ने आदेश दिया है कि यह पूरी प्रक्रिया 15 अप्रैल, 2026 तक पूरी हो जानी चाहिए।
- छात्रों को 15 अप्रैल तक आधार लिंकिंग और पोर्टल अपडेट का काम पूरा कर लेना चाहिए।
- 15 अप्रैल, 2026 तक, संबंधित अधिकारी जमा की गई सभी जानकारियों की जाँच और पड़ताल करेंगे।
अगर आप तय समय सीमा तक अपना आधार लिंक नहीं कर पाते हैं, तो नए वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए आपकी स्कॉलरशिप या फ़ेलोशिप के पैसे देना रोका जा सकता है।
ये नियम किन छात्रों पर लागू होते हैं?
ये नियम उन सभी छात्रों पर लागू होते हैं जिन्हें स्कॉलरशिप या फ़ेलोशिप मिलती है। ये नियम पहले ही कुछ विश्वविद्यालयों, जैसे पॉन्डिचेरी विश्वविद्यालय और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लागू किए जा चुके हैं। UGC-NET फ़ेलोशिप पाने वाले छात्रों के लिए यह शर्त पहले से ही ज़रूरी थी। अब, इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
अपना आधार कैसे अपडेट करें?
अगर आपको यह प्रक्रिया समझने में मुश्किल हो रही है, तो चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। SFMP पोर्टल पर एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड उपलब्ध है। रजिस्टर्ड आवेदक वहाँ दिए गए निर्देशों का पालन करके आसानी से अपना आधार लिंक अपडेट कर सकते हैं। आप संबंधित यूनिवर्सिटी से भी संपर्क कर सकते हैं या दिए गए ईमेल पते के ज़रिए उनसे जुड़ सकते हैं।
ये बदलाव क्यों ज़रूरी हैं?
सरकार का मकसद यह पक्का करना है कि छात्रों को उनका फंड सीधे और सुरक्षित रूप से मिले। DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) और आधार-आधारित पेमेंट सिस्टम के ज़रिए:
- धोखाधड़ी वाली गतिविधियाँ कम से कम होंगी।
- फंड सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा होगा।
- पेमेंट में होने वाली देरी कम होगी।
यह कदम छात्रों के सबसे अच्छे हित में उठाया गया है, ताकि यह पक्का हो सके कि उन्हें उनकी आर्थिक सहायता मिले।
छात्रों के लिए ज़रूरी सलाह:
- अपना आधार और बैंक खाता तुरंत लिंक करें।
- पक्का करें कि पोर्टल पर दी गई जानकारी सही और अप-टू-डेट हो।
- किसी भी फ़र्ज़ी ख़बर या अफ़वाह पर विश्वास न करें।
- सिर्फ़ आधिकारिक वेबसाइट और यूनिवर्सिटी से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।
अगर आप यह काम समय पर पूरा कर लेते हैं, तो आपकी स्कॉलरशिप या फ़ेलोशिप की रकम बिना किसी रुकावट के आपके खाते में जमा हो जाएगी। इसलिए, देर न करें—आज ही अपनी जानकारी अपडेट करें!
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