Health Tips: अगर आपको लगता है कि आप बहुत ज़्यादा सो रहे हैं? अगर इसका जवाब हाँ है तो ये लक्षण ज़रूरी नहीं कि मामूली हों। अब सवाल यह उठता है। आखिर बहुत ज़्यादा नींद आने की इस समस्या का कारण क्या है? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विटामिन B12 की कमी से पूरे दिन नींद आने की समस्या हो सकती है। आइए सबसे पहले विटामिन B12 की कमी से जुड़े कुछ लक्षणों के बारे में जानें और उसके बाद हम इस कमी को दूर करने के तरीकों के बारे में जानेंगे।
विटामिन B12 की कमी के लक्षण
पूरे दिन सुस्ती या लगातार नींद महसूस होना पूरी रात आराम करने के बाद भी विटामिन B12 की कमी का एक लक्षण हो सकता है। विटामिन B12 की कमी से शरीर में ऊर्जा का स्तर कम हो सकता है। इसका मतलब है कि लगातार थकान और कमज़ोरी महसूस होना विटामिन B12 की कमी का संकेत हो सकता है।

विटामिन B12 की कमी के मुख्य लक्षण
बहुत ज़्यादा थकान और कमज़ोरी: लाल रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण लगातार थका हुआ महसूस करना; ये कोशिकाएँ पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करती हैं।
हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन: चूँकि B12 नसों के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है, इसलिए इसकी कमी से हाथों, पैरों या टांगों में “सुई चुभने जैसा” एहसास हो सकता है।
याददाश्त और एकाग्रता में कमी: सोचने-समझने की गति धीमी होना, भ्रम और भूलने की बीमारी।
पीली या पीलिया जैसी त्वचा: खून की कमी (एनीमिया) के कारण त्वचा का रंग हल्का पीला पड़ जाना।
जीभ में सूजन या छाले (ग्लोसाइटिस): जीभ का लाल, चिकना और दर्दनाक हो जाना।
मूड में बदलाव: डिप्रेशन, बहुत ज़्यादा घबराहट या चिड़चिड़ापन महसूस करना।
संतुलन और चलने में दिक्कत: चलते समय लड़खड़ाना या शारीरिक संतुलन बनाए रखने में परेशानी होना।
ध्यान रखने योग्य बातें
हाथों और पैरों में सुई चुभने जैसी सनसनी या सुन्नता और झुनझुनी महसूस होनाभी विटामिन B12 की कमी की ओर इशारा कर सकता है। इसके अलावा, विटामिन B12 की कमी चिड़चिड़ापन के रूप में भी सामने आ सकती है। क्या आपकी त्वचा पीली या हल्के पीले रंग की होती जा रही है? अगर हाँ, तो कृपया ध्यान दें कि यह भी इस विटामिन की कमी का संकेत हो सकता है।
कमी को कैसे दूर करें
विटामिन B12 की कमी को ठीक करने के लिए, अपने खान-पान में बदलाव करना ज़रूरी है। आप दूध, दही, पनीर और मक्खन जैसे डेयरी उत्पादों का सेवन करके इस कमी को दूर करने में मदद कर सकते हैं। अगर आप मांसाहारी हैं, तो आप मछली, अंडे, मांस और समुद्री भोजन का सेवन कर सकते हैं। हालाँकि, बेहतर परिणाम पाने के लिए, आपको इन खाद्य पदार्थों का सेवन सही मात्रा में और सही तरीके से करना चाहिए।
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खान-पान में बदलाव
डेयरी उत्पाद: रोज़ाना दूध, दही, पनीर और छाछ का सेवन करें।
शाकाहारी स्रोत: अपने आहार में फोर्टिफाइड अनाज (ब्रेकफ़ास्ट सीरियल्स), सोया दूध और मशरूम शामिल करें।
मांसाहारी स्रोत: मछली, अंडे और रेड मीट विटामिन B12 के बेहतरीन स्रोत हैं।
घरेलू उपाय
दही-चावल (फर्मेंटेड चावल): पके हुए चावल को दही के साथ मिलाकर रात भर रखने से (फर्मेंटेशन) उसमें विटामिन B12 की मात्रा बढ़ जाती है।
अंकुरित अनाज: नींबू का रस मिलाकर अंकुरित अनाज (जैसे अंकुरित मूंग या चना) खाने से विटामिन B12 का अवशोषण बेहतर होता है।

















