चैत्र नवरात्रि 2026: चैत्र नवरात्रि वर्ष का वह समय होता है जब प्रकृति करवट बदलती है। इस दौरान भक्ति, श्रद्धा और जप-तप का अनूठा संगम देखने को मिलता है। चैत्र नवरात्रि के 9 दिनों तक मां दुर्गा की आराधना चैत्र नवरात्रि 2026: कब करें कन्या पूजन? जाने अष्टमी-नवमी की सही तिथि, मुहूर्त और पूजा विधिका महत्व कहा जाता है। इन 9 दिनों में सबसे खास दिन अष्टमी और नवमी के होते हैं क्योंकि इन दिनों में कन्या पूजन किया जाता है।
कहा जाता है कि 9 दिन व्रत करने वाले व्यक्ति अष्टमी अथवा नवमी के दिन कन्या पूजन कर अपने व्रत का पारण करते हैं। कन्या पूजन को मां दुर्गा की पूजन से जोड़ा जाता है। लेकिन इस साल हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर कन्या पूजन अष्टमी को करें या नवमी को? चैत्र नवरात्रि 2026 में अष्टमी कब आ रही है? नवमी कब है? क्या है पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त? इत्यादि
चैत्र नवरात्रि में अष्टमी-नवमी पूजन का महत्त्व
हर साधक यही चाहता है कि नवरात्रि की पूजा में उससे कोई गलती ना हो, क्योंकि हर कोई पूरी विधि से पूजा इत्यादि कर मां दुर्गा की कृपा पाना चाहता है। इसीलिए सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है सही तिथि के बारे में पता करना। ऐसे में अष्टमी और नवमी की तिथि को लेकर जो सबसे बड़ा कंफ्यूजन पैदा हुआ है उसका निवारण करना बहुत ज्यादा जरूरी है। क्योंकि गलत समय और अधूरी विधि से किया गया पूजन फल भी अधूरा देता है। और सही मुहूर्त में किया गया कन्या पूजन जीवन में सुख समृद्धि और सौभाग्य लेकर आता है।
इसलिए आज हम आपको बताएंगे चैत्र नवरात्रि 2026 की अष्टमी-नवमी की सही तिथि, कन्या पूजन का सटीक मुहूर्त, पूजा विधि, जरूरी नियम और आध्यात्मिक महत्व। ताकि आप भी सही विधि से कन्या पूजन कर 9 दिन के तपस्या को फलदायी बना सकें।
चैत्र नवरात्रि 2026: अष्टमी और नवमी तिथि की सही तारीख
चैत्र नवरात्रि 2026 19 मार्च 2026 गुरुवार से आरंभ हो चुके हैं। यह 9 दिनों का पर्व होता है जिसका समापन 27 मार्च 2026 रामनवमी के साथ होगा। इस बार भी लोगों को कंफ्यूजन है कि आखिर अष्टमी और नवमी तिथि कब लगने वाली है?
- बता दे इन नवरात्रियों में दुर्गा अष्टमी 26 मार्च 2026 गुरुवार के दिन पड़ रही है। वहीं महानवमी अथवा रामनवमी 27 मार्च 2026 शुक्रवार के दिन पड़ रही है।
- नवमी तिथि 26 मार्च को 11:48AM से शुरू होगी जो 27 मार्च सुबह 10:06AM तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार रामनवमी का पूजन 27 मार्च को करना श्रेष्ठ माना गया है।
चैत्र नवरात्रि 2026 कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
- चैत्र नवरात्रि 2026 कन्या पूजन अष्टमी और नवमी तिथि दोनों दिन पर किया जा सकता है। वे लोग जो अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करना चाहते हैं वह 26 मार्च सुबह 11:00 बजे से पहले कन्या पूजन कर सकते हैं। क्योंकि यह मुहूर्त सबसे शुभ बताया गया है।
- इसके अलावा यदि कोई नवमी के दिन कन्या पूजन करना चाहता है तो वह 27 मार्च सुबह 6:18 से 10:56 तक पूजा कर सकता है।
- रामनवमी के लिए पूजा का मुहूर्त 27 मार्च 2026 सुबह 11:27 से 1:54 तक कहा जा रहा है।
नवरात्रि में कन्या पूजन का महत्व और सही विधि
नवरात्रि में कन्या पूजन मां दुर्गा के रूप का पूजन कहा जाता है। इसीलिए इन दिनों 9 छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर घर में आमंत्रित किया जाता है। साथ में एक भैरव को भी भोजन कराया जाता है। कहा जाता है ऐसा करने से माता दुर्गा प्रसन्न होती हैं और नवरात्रि का व्रत पूर्ण होता है।
नवरात्रि में कन्या पूजन की सही तैयारी इस प्रकार करें
- सबसे पहले अपने घर को साफ करें।
- पूजा स्थान पर मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
- मां दुर्गा को हलवा, पूरी और चने का भोग लगाएं ।
- 9 कन्याओं और एक बालक को घर में बुलाए।
- उन्हें सम्मान पूर्वक बिठायें।
- सबसे पहले उनके पैर पखारें अर्थात पैरों को धोएं।
- उनके माथे पर रोली चावल का तिलक लगाए।
- उन्हें चुनरी या रुमाल भेंट करें।
- अब उन्हें हलवा, पूरी, काले चने भोग के रूप में अर्पित करें।
- भोग समाप्त होने के बाद उन्हें दक्षिण या उपहार दें।
- इसके बाद उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
कन्या पूजन के दौरान भूल कर भी ना करें यह गलतियां
- चैत्र नवरात्रि अष्टमी नवमी तिथि पर यदि आप कन्या पूजन करते हैं तो इस दौरान भूल कर भी कन्या का अपमान ना करें।
- अपने घर की बच्चियों का निरादर ना करें ।
- घर में शुद्ध सात्विक भोजन बनाएं ।
- बच्चों को खाने के लिए जबरदस्ती ना करें।
- उतना ही परोसें जितना उन्हें भूख है।
- अपवित्रता या क्रोध से बचें।
- कन्याओं को जो अच्छा लगता है उन्हें वह खाने दें।
- बिना भोजन कराए बच्चों को घर से ना भेजें।
- दक्षिणा स्वरूप जितनी इच्छा हो भेंट जरूर दें।
- 9 कन्याओं की मन से पूजा करें।
- किसी भी प्रकार की अपवित्रता से बचें।
चैत्र नवरात्रि 2026 अष्टमी और नवमी तिथि दोनों ही बेहद शुभ मुहूर्त में आ रहे हैं। सही मुहूर्त में किया गया कन्या पूजन सबसे ज्यादा शुभ फल देता है। इससे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। ऐसे में चैत्र नवरात्रि 2026 अष्टमी तिथि और नवमी तिथि को बिना किसी या त्रुटि के श्रद्धा पूर्वक कन्या पूजन करें और माता दुर्गा के 9 रूपों की कृपा प्राप्त करें।
Read More: Navgrah Shanti Upay: नवग्रह शांति के लिए नवरात्रि घर लाएं ये 9 पौधे, चमक उठेगी किस्मत


















