आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का माहौल पूरी तरह गरम हो चुका है। टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने प्रैक्टिस सेशन के दौरान ऐसा जोशीला भाषण दिया है जिसने साफ कर दिया है कि इस बार RCB सिर्फ खेलने नहीं, बल्कि फिर से इतिहास रचने के इरादे से उतरेगी।
विराट ने अपने साथियों को साफ शब्दों में कहा कि अब एक-एक मिनट की कीमत समझनी होगी। पिछले सीजन में जो मेहनत रंग लाई, उसे बनाए रखना और भी मुश्किल होगा क्योंकि अब बाकी टीमें RCB को हराने के लिए दोगुनी ताकत लगाएंगी। उनका मैसेज सीधा था “120% देना पड़ेगा, नहीं तो बात नहीं बनेगी।” यह वही एटिट्यूड है जिसने RCB को सालों के सूखे के बाद 2025 में पहली बार चैंपियन बनाया।
17 साल का इंतज़ार खत्म, अब असली परीक्षा शुरू
RCB के फैंस के लिए 2025 किसी सपने से कम नहीं था। सालों तक स्टार खिलाड़ियों से भरी टीम होने के बावजूद ट्रॉफी हाथ नहीं लगी, लेकिन राजत पाटीदार की कप्तानी में टीम ने आखिरकार इतिहास बदल दिया। फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर RCB ने पहली बार खिताब अपने नाम किया।
लेकिन असली चैलेंज अब शुरू होता है। एक बार जीतना मुश्किल है, लेकिन लगातार जीतना उससे भी ज्यादा कठिन। यही कारण है कि टीम इस बार पहले से ज्यादा फोकस्ड नज़र आ रही है।
विराट कोहली: रिकॉर्ड्स के पीछे नहीं, इतिहास बनाने के पीछे

विराट कोहली का फॉर्म पिछले सीजन में जबरदस्त रहा था। 657 रन, शानदार औसत और दमदार स्ट्राइक रेट उन्होंने साबित कर दिया कि क्यों उन्हें इस खेल का किंग कहा जाता है। लेकिन 2026 में उनके सामने और भी बड़े रिकॉर्ड्स खड़े हैं। वह IPL में 9000 रन के करीब पहुंच चुके हैं और अगर इस सीजन में उनका बल्ला चला, तो वह यह आंकड़ा पार करने वाले पहले खिलाड़ी बन सकते हैं। इतना ही नहीं, RCB के लिए कुल T20 रन में भी वह 10,000 के ऐतिहासिक आंकड़े के बेहद करीब हैं। यानी यह सीजन सिर्फ टीम के लिए नहीं, बल्कि विराट के करियर के लिए भी खास होने वाला है।
टीम का बैलेंस: इस बार कोई कमी नहीं
RCB की इस बार की स्क्वाड को देखकर साफ लगता है कि टीम मैनेजमेंट ने हर छोटी-बड़ी कमी को ध्यान में रखा है। बैटिंग में गहराई है, ऑलराउंडर्स का अच्छा कॉम्बिनेशन है और बॉलिंग यूनिट भी संतुलित नज़र आती है। रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी इस टीम की तारीफ कर चुके हैं।
उनका मानना है कि RCB के पास अगले दो साल में एक और ट्रॉफी जीतने की पूरी क्षमता है। उन्होंने खास तौर पर टीम के “like-to-like replacements” की तारीफ की, यानी अगर कोई खिलाड़ी बाहर होता है तो उसकी जगह लेने वाला विकल्प पहले से मौजूद है।
हेजलवुड की गैरमौजूदगी: नुकसान या मौका?

ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड का शुरुआती मैचों में न खेलना चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले सीजन में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए टीम की जीत में बड़ा योगदान दिया था। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इसे पूरी तरह नुकसान नहीं माना जा रहा।
अश्विन के अनुसार, यह RCB के लिए एक “blessing in disguise” भी हो सकता है। इससे टीम को अपने दूसरे कॉम्बिनेशन आजमाने का मौका मिलेगा, खासकर विदेशी खिलाड़ियों के संतुलन में।
क्या RCB बना सकती है नया इतिहास?
अगर RCB इस बार भी ट्रॉफी जीत जाती है, तो वह चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस जैसी दिग्गज टीमों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी, जिन्होंने लगातार दो बार IPL जीता है।
अभी तक सिर्फ यही दो टीमें इस कारनामे को अंजाम दे पाई हैं। RCB के पास मौका है, फॉर्म में खिलाड़ी, मजबूत टीम और आत्मविश्वास भी। बस जरूरत है उसी भूख और जुनून को बनाए रखने की, जिसने उन्हें 2025 में चैंपियन बनाया।
पहला मुकाबला और फैंस का इंतजार
RCB अपना पहला मैच 28 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेलेगी। फैंस की उम्मीदें आसमान पर हैं, और टीम भी पूरी तरह तैयार दिख रही है। इस बार सिर्फ एक सवाल है क्या RCB सिर्फ चैंपियन रहेगी, या अब एक नई विरासत बनाएगी?
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