इन दिनों पश्चिम एशिया के तनावों के चलते एलपीजी गैस की कमी को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुए एक अनोखे प्रदर्शन ने सोशल मीडिया पर ध्यान आकर्षित किया है। यह विरोध अलग तरह से किया गया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए, साथ ही कई मजेदार प्रतिक्रियाएं भी आईं।
छात्रों ने किया नाले से चाय बनाने का प्रयास
वाराणसी में काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के गेट नंबर 1 के बाहर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने एलपीजी की कमी के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध जाहिर करने के लिए नाले से निकलने वाली गैस से चाय बनाने का प्रयास किया। उनका मकसद स्थिति को मज़ाकिया तरीके से उजागर करना था, लेकिन यह कदम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
खुद पुलिस वाले भी शर्मा रहे हैं, हंस भी रहे हैं. लेकिन करे भी तो क्या ?
यह उनकी ड्यूटी है. पुलिस वाले सिलेंडर, चूल्हा और चाय की केतली जब्त करके ले जा रहे हैं.
दरअसल, बनारस में कुछ युवक नाले की गैस से चाय बनाने की कोशिश कर रहे थे. इतने में पुलिस वाले आ गए और सब चूल्हा-चौका उठा… pic.twitter.com/E179MJFbSW
— Priya singh (@priyarajputlive) March 16, 2026
पुलिस ने जब सील किया गैस सिलेंडर और चाय बनाने का सामान
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से गैस सिलेंडर, चूल्हा और केतली को कब्जे में ले लिया। इस दौरान पुलिसकर्मी हंसते हुए इन सामानों को पुलिस वाहन में रखते हुए दिखाई दिए। यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, और लोगों ने इसे काफी मजेदार तरीके से लिया है।
इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं का तांता
वीडियो वायरल होने के बाद, सोशल मीडिया यूजर्स ने तरह-तरह की मजेदार और तंज भरी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “Banane dete, kya pata kuch aviskar hi ho jata (उन्हें बनाने देना चाहिए था, क्या पता कुछ नया आविष्कार हो जाता)।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा, “Ye policewale Bharat ko aatmanirbhar nahi banne denge (ये पुलिस वाले भारत को आत्मनिर्भर नहीं बनने देंगे)।”
कुछ यूजर्स ने इसे और भी मजेदार तरीके से लिया। एक यूजर ने लिखा, “Nobel prize na mile Bhartiyo ko, eske liye saazish kar rahi hai UP Police (उत्तर प्रदेश पुलिस यह साजिश कर रही है ताकि भारतीयों को नोबेल पुरस्कार न मिले)।”
एक और यूजर ने व्यंग्य करते हुए कहा, “Ye toh technology ka apmaan hua (यह तो तकनीकी का अपमान है)।”
कुछ अन्य लोगों ने इस प्रयास को एक वैज्ञानिक उन्नति के रूप में भी देखा। एक व्यक्ति ने लिखा, “Where is scientific temperament in this country? Agar naale se chai banti hai prove ho jaaye toh it would have been a great achievement (अगर यह साबित हो जाए कि नाले से चाय बन सकती है, तो यह एक बड़ी उपलब्धि होती)।”
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
इस असामान्य विरोध प्रदर्शन के बाद, पुलिस ने छह व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है, जो इस घटना में शामिल थे। हालांकि पुलिसकर्मी वीडियो में हंसते हुए दिखे, लेकिन कानून के अनुसार कार्रवाई भी की गई है।
क्या था उद्देश्य?
इस प्रदर्शन का उद्देश्य एलपीजी की बढ़ती कीमतों और गैस की कमी के मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। प्रदर्शनकारियों ने इसे इस तरह से किया ताकि उनका विरोध भी सुर्खियों में आए, और साथ ही यह दिखाने की कोशिश की कि अगर हम चाहें तो किसी भी समस्या का हल ढूंढ सकते हैं, चाहे वह कितना भी असामान्य क्यों न हो।
यह घटना न केवल विरोध का एक अजीब तरीका थी, बल्कि यह सोशल मीडिया पर हंसी और तंज का कारण भी बन गई। हालांकि, यह प्रदर्शन कुछ लोगों के लिए मजाक का विषय बना, लेकिन इसका असल उद्देश्य गैस की कमी और उसके बढ़ते दामों के खिलाफ आवाज उठाना था। अब देखना यह होगा कि इस तरह के विरोधों से क्या सरकार पर कोई असर पड़ता है या यह सिर्फ एक मजेदार घटना बन कर रह जाती है।













