नैंसी ग्रेवाल: कनाडा के शांत शहर में अचानक एक ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया जिसने दुनिया भर के यूट्यूबर और इन्फ्लुएंस को पूरी तरह से डरा दिया है। सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय रखने वाली और युट्युब वीडियो के लिए पहचानी जाने वाली पंजाबी यूट्यूबर नैंसी ग्रेवाल पर अचानक से कनाडा में कुछ हमलावरों ने बेरहमी से चाकूओं से हमला किया।
हमले को इतनी बुरी तरह से अंजाम दिया गया कि नैंसी ग्रेवाल को जब खून से लथपथ हालत में अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने कनाडा के प्रवासी भारतीय समुदायों को तो डरा दिया है साथ ही सोशल मीडिया पर अपने विचार रखने वाले इनफ्लुएंसर और युटयुबर्स को भी सुरक्षा के प्रति ज्यादा संवेदनशील कर दिया है। अब हर जगह यही सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर नैंसी ग्रेवाल की हत्या किसने की? इसके पीछे क्या मकसद था?

कौन थी पंजाबी यूट्यूबर नैंसी ग्रेवाल?
नैंसी ग्रेवाल पंजाबी मूल की सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और यूट्यूबर थी जो कनाडा के ओंटारियो प्रांत के विंडसर इलाके में रह रही थी। करीबन 45 वर्ष की नैंसी ग्रेवाल सोशल मीडिया पर अपने बेबाक विचार रखती थी। राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलना, सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखना, समाज में बदलाव के लिए लगातार डटे रहना यही उनकी खासियत थी।
सोशल मीडिया पर उनके अच्छे खासे फॉलोअर्स थे। उनके वीडियो भारत, कनाडा के राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित होते थे। खासकर पंजाबी समुदायों और सामाजिक मुद्दों पर वह बढ़-चढ़कर बोलती थी। इसी की वजह से कई बार विवाद का हिस्सा भी रही। रिपोर्ट के मुताबिक वे कनाडा की राजनीति और कट्टरपंथी विचारधाराओं की खुलेआम आलोचना करती थी। उन्होंने कई बार कनाडा के प्रधानमंत्री और खालिस्तानी समर्थकों पर भी टिप्पणी की थी।
नैंसी ग्रेवाल हत्या मामले में अब तक जांच में क्या सामने आया?
नैंसी ग्रेवाल हत्या के मामले में पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। कनाडा के जिस इलाके में नैंसी रहती थी वहां तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हमलावर हमला करते ही भाग चुके हैं। ऐसे में पुलिस अब अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। हालांकि पुलिस ने इसे होमीसाइड मामले में दर्ज कर लिया। CCTVऔर डोर बेल कैमरा फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
नैंसी के परिवार वालों की माने तो यह साधारण हत्या नहीं है। यह असल में सोची समझी साजिश है। नैंसी के परिवार वालों को कुल तीन लोगों पर शक है जिनसे पहले भी नैंसी को धमकियां मिल चुकी है। पुलिस ने इसे आइसोलेटेड घटना बताया है। फिलहाल कनाडा के इस रिहायशी इलाके में गहरी जांच शुरू की जा चुकी है।

क्या इसके पीछे खालिस्तान या कट्टरपंथी विचारधाराओं का हाथ है?
नैंसी के फॉलोअर्स की माने तो नैंसी हमेशा अपने स्पष्ट और तीखे विचारों को खुलकर रखती थी। भारत और कनाडा से संबंधित मुद्दों पर खुलकर बात करती थी। कट्टरपंथी विचारधारा और खालिस्तान समर्थकों की आलोचना भी करती थी। इसलिए उन्हें कई बार ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा। यूजर्स की माने तो इन्हीं में से किसी ने नैंसी की हत्या की है। कोई ऐसा जिसे नैंसी के विचारों से परेशानी होती हो। सोशल मीडिया यूजर्स और नैंसी के फॉलोअर्स की माने तो कट्टरपंथी विचारधारा और खालिस्तान समर्थकों में से ही कोई है जिन्होंने नैंसी पर इस प्रकार हमला किया है। हालांकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
नैंसी ग्रेवाल की हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या हमला किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम था या नैंसी के खुलकर बोलने की वजह से उन पर यह हमला हुआ? इस हत्या की घटना ने सोशल मीडिया और यूट्यूब पर खुलकर बोलने वाले लोगों को भी डरा दिया है। क्या अब लोग अपने विचार सोशल मीडिया पर नहीं रख सकते? और यदि रखेंगे तो उन्हें इस प्रकार के खतरों का सामना करना पड़ेगा? हालांकि इन सभी सवालों के जवाब जांच की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे। लेकिन इतना तय है कि सोशल मीडिया पर लंबे समय से एक सक्रिय आवाज को अब पूरी तरह से दबा दिया गया है।
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