चन्द्र ग्रहण 2026: आसमान में लगने वाला चंद्र ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं होती। असल में यह एक संवेदनशील समय होता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को भावनाओं और मन का कारक माना जाता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाती है।
परंतु ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दौरान राहु-केतु की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसकी वजह से वातावरण में नकारात्मक तरंगे उठाती हैं। यही कारण है कि चन्द्र ग्रहण नियम पालन करना जरूरी है। इसलिये इस दौरान शास्त्र शारीरिक संबंध ना बनाने की सलाह देते हैं।
चन्द्र ग्रहण नियम में सेक्स से जुड़े तथ्य
शारीरिक संबंध असल में दो ऊर्जाओं का मिलन होता है। ग्रहण काल में शारीरिक संबंध बनाने से मन और शरीर दोनों पर सूक्ष्म प्रभाव पड़ता है जिससे दांपत्य जीवन में तनाव उठता है। मानसिक शांति प्रभावित होती है। घर के वातावरण में नकारात्मकता बढ़ जाती है और इस समय यदि गर्भधारण हो जाए तो अलग प्रकार की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। हालांकि विज्ञान इस चन्द्र ग्रहण नियम की पुष्टि नहीं करता। लेकिन भारतीय आस्था और परंपरा आज भी ग्रहण काल को संयम, ध्यान और साधना का काल मानते हैं।
ग्रहण काल में शारिरिक संबंध और गर्भधारण से जुड़ी मान्यता

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण काल में नकारात्मक तरंगे सक्रिय हो जाती हैं। इस दौरान शारीरिक संबंध बनाने से मानसिक अशांति बढ़ती है और यदि गर्भधारण हो जाए तो शिशु के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। गर्भवती महिलाओं को भी ग्रहण काल में विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। इसलिए ग्रहण काल में शारीरिक संबंध बनाने से परहेज करने को कहा जाता है।
वहीं वास्तु शास्त्र के अनुसार ग्रहण काल के दौरान ऊर्जा का स्तर कम हो जाता है। ऐसी मान्यता है इस दौरान घर में शांति स्वच्छता और सकारात्मकता बनाए रखना जरूरी है। इस समय यदि नकारात्मक विचार या असंयमित व्यवहार किया गया तो घर की ऊर्जा पर दीर्घकालिक असर पड़ता है।
ग्रहण काल के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से होने वाले विपरीत परिणाम
- मानसिक अशांति, चिड़चिड़ापन और आपसी तकरार का बढ़ना
- दांपत्य जीवन में अस्थायी तनाव या भावनात्मक दूरी आना
- मन में नकारात्मक विचार पैदा होना
- घर में बेवजह झगड़ा होना
- ऊर्जा का असंतुलन होना थकान और सुस्ती महसूस करना
- लगातार बीमारी का सामना करना
- निर्णय लेने की क्षमता में कमी महसूस करना
- सकारात्मक ऊर्जा कमजोर पड़ जाना

- संबंधों में गलतफहमी आना
- घर का वातावरण भारी हो जाना
- इस दौरान यदि गर्भधारण हो गया तो बच्चे में भी मानसिक और शारीरिक समस्याएं आ जाती है।
- इस दौरान माता यदि गर्भधारण कर ले तो बच्चा शारीरिक रूप से कमजोर होता है।
- बच्चों के शरीर पर त्वचा से जुड़े रोग या दाग होने लगते हैं।
- बच्चा स्वस्थ नहीं रहता।
- बच्चा भावनात्मक रूप से कमजोर रहता है और मानसिक रोगी भी हो सकता है।
ग्रहण काल नियम के अनुसार पति- पत्नी को क्या करना चाहिए?
- ग्रहण काल के दौरान पति-पत्नी को घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखना चाहिए।
- जितना हो सके इस दौरान आध्यात्मिक साधना करनी चाहिए।
- शारीरिक संबंध/सेक्स से परहेज करने चाहिए और मन को शांत तरह रखना चाहिए।
- मानसिक रूप से मंत्र जाप करते रहना चाहिए।
- नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।

- वहीं गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि इस दौरान नुकीली, धारदार वस्तुओं से दूर रहें।
- जितना हो सके आराम करें ।
- सब्जियां काटना छीलना जैसे काम ना करें।
- ग्रहण में भोजन का सेवन बिलकुल न करें।
हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण काल केवल एक खगोलीय घटना होती है जिसका सेक्स या गर्भधारण से कोई लेना देना नही। लेकिन ग्रहण काल के दौरान विशेष प्रकार की तरंगे निकलती है यह विज्ञान भी मानता है। और आध्यात्मिक ज्योतिष तथा वास्तु शास्त्र के अनुसार ग्रहण काल के दौरान सकारात्मक माहौल बनाए रखना जरूरी होता है। इसीलिए ग्रहण काल के दौरान भूल कर भी शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। अन्यथा भविष्य में विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) –
1. चंद्र ग्रहण के समय क्या नहीं करना चाहिए?
चंद्र ग्रहण के समय किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचार और अशुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
2. चंद्र ग्रहण में गर्भवती महिलाएं सो सकती हैं?
गर्भवती महिलाएं यदि शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं तो वह आराम कर सकती हैं। हालांकि इस दौरान मानसिक रूप से मंत्र जाप लाभकारी होता है।
3. क्या चंद्र ग्रहण के समय शारीरिक संबंध बनाना चाहिए?
जी नहीं चंद्र ग्रहण के समय शारीरिक संबंध नहीं बनना चाहिए। इससे दांपत्य जीवन और होने वाले बच्चे पर असर पड़ सकता है।
4. ग्रहण में प्रेग्नेंट लेडी क्या करें?
ग्रहण में प्रेग्नेंट लेडी जितना हो सके बच्चों के लिए अच्छी कामनाएं करें और मानसिक मंत्र जाप करें।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि StackUmbrella किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
















