अगर आपने आज अपना ट्रेडिंग ऐप खोला और देखा कि Angel One Ltd के शेयर में करीब 90% की गिरावट दिख रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई क्रैश नहीं है। यह गिरावट दरअसल Angel One stock split के लागू होने के कारण आई है। 1:10 के स्टॉक स्प्लिट के बाद शेयर की कीमत गणितीय रूप से एडजस्ट हुई है, इसलिए चार्ट पर अचानक बड़ी गिरावट दिखाई दे रही है। कंपनी 26 फरवरी को एक्स-स्प्लिट हो गई, जो कि रिकॉर्ड डेट भी थी। यानी अगर आपने बुधवार के क्लोज तक शेयर होल्ड किए थे, तो आप इस स्प्लिट के पात्र हैं। आपकी निवेश की कुल वैल्यू में कोई कमी नहीं आई है।
Angel One 1:10 स्टॉक स्प्लिट क्या है?
मंजूर किए गए 1:10 स्प्लिट के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर अब 1 रुपये फेस वैल्यू के 10 शेयरों में बदल गया है। आसान शब्दों में समझें तो अगर आपके पास पहले 100 शेयर थे, तो अब आपके पास 1,000 शेयर हो जाएंगे।शेयरों की संख्या बढ़ी है, लेकिन आपके निवेश की कुल कीमत वही रहती है। बुधवार को शेयर करीब 2,491 रुपये पर बंद हुआ था।
स्प्लिट के बाद यह लगभग 244–250 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह सिर्फ कीमत का गणितीय समायोजन है, वैल्यू का नुकसान नहीं।सबसे अहम बात यह है कि कंपनी में आपकी हिस्सेदारी का प्रतिशत नहीं बदलता। हालांकि, जो निवेशक स्प्लिट के बाद यानी गुरुवार को शेयर खरीदेंगे, उन्हें इस कॉरपोरेट एक्शन का लाभ नहीं मिलेगा। केवल वही निवेशक पात्र हैं जिनका नाम 26 फरवरी को कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज था।
कंपनियां स्टॉक स्प्लिट क्यों करती हैं
स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के फंडामेंटल्स में कोई बदलाव नहीं होता। लेकिन इससे शेयर आम निवेशकों के लिए ज्यादा सुलभ हो जाता है। पहले एक शेयर की कीमत करीब 2,500 रुपये थी, जो कई रिटेल निवेशकों को महंगी लग सकती थी। अब वही शेयर करीब 250 रुपये के दायरे में आ गया है।कीमत कम होने से मनोवैज्ञानिक रूप से निवेशकों को एंट्री आसान लगती है।
इससे ट्रेडिंग वॉल्यूम और लिक्विडिटी बढ़ सकती है। मेरा मानना है कि मिड और हाई-प्राइस्ड शेयरों के लिए स्प्लिट अक्सर रिटेल भागीदारी बढ़ाने का जरिया बनता है। ब्रोकिंग कंपनी होने के नाते Angel One के लिए ज्यादा रिटेल एक्टिविटी उसके बिजनेस मॉडल के अनुकूल है।अक्टूबर 2020 में लिस्टिंग के बाद यह कंपनी का पहला स्टॉक स्प्लिट है। उस समय कंपनी ने 306 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आईपीओ लाकर 600 करोड़ रुपये जुटाए थे।
Q3 FY26 प्रदर्शन: मिला-जुला लेकिन सुधार के संकेत
स्टॉक स्प्लिट ऐसे समय पर आया है जब कंपनी ने दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजे घोषित किए। कंपनी की रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 11% की बढ़ोतरी हुई। नेट प्रॉफिट 27% बढ़कर 269 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 39% रहा, जो मजबूत माना जाता है।
ब्रोकिंग ऑर्डर्स में 6% की बढ़त हुई और यह 38 करोड़ तक पहुंच गए। प्रति ऑर्डर रेवेन्यू 16 रुपये हो गया।हालांकि, सालाना आधार पर मुनाफा 4.5% घटकर 269 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 281.5 करोड़ रुपये था। कर्मचारी खर्च, ESOP खर्च और अन्य ऑपरेटिंग लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव पड़ा।फिर भी कुल आय 5.8% बढ़कर 1,338 करोड़ रुपये रही। साथ ही F&O गतिविधियों में सुधार और कमोडिटी सेगमेंट में तेज उछाल देखने को मिला।
डिविडेंड ट्रैक रिकॉर्ड और NCD फंडरेज
Angel One stock split के अलावा कंपनी ने डिविडेंड के जरिए भी निवेशकों को नियमित रिटर्न दिया है। नवंबर 2020 से अब तक कंपनी लगभग 200 रुपये प्रति शेयर का कुल डिविडेंड दे चुकी है।हाल के डिविडेंड में जनवरी 2026 में 23 रुपये प्रति शेयर, जनवरी 2026 में ही एक और चक्र में 21 रुपये, मार्च 2025 में 11 रुपये और मई 2024 में 26 रुपये शामिल हैं।इसके अलावा कंपनी ने 24 फरवरी को 5,000 नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स जारी कर 50 करोड़ रुपये जुटाए। प्रत्येक NCD की फेस वैल्यू 1 लाख रुपये थी। यह कदम दिखाता है कि कंपनी ग्रोथ के साथ पूंजी प्रबंधन पर भी ध्यान दे रही है।
शेयर प्रदर्शन और लंबी अवधि का रिटर्न
हाल के दिनों में शेयर में ज्यादा हलचल नहीं रही। पिछले पांच ट्रेडिंग सत्रों में यह करीब 1% गिरा है और एक महीने में लगभग 2% नीचे आया है।साल 2026 में अब तक शेयर करीब 4% चढ़ा है। एक साल में लगभग 9% का रिटर्न दिया है।लेकिन लंबी अवधि का प्रदर्शन ज्यादा प्रभावशाली है। पांच साल में शेयर ने 660% से ज्यादा रिटर्न दिया है। लिस्टिंग के बाद से अब तक यह 715% से अधिक बढ़ चुका है।जून 2025 में 3,283 रुपये के 52-सप्ताह के उच्च स्तर से यह करीब 24% नीचे आया है, फिर भी लंबी अवधि की कहानी मजबूत दिखती है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 22,400–22,600 करोड़ रुपये के बीच है।
ब्रोकरेज और विश्लेषकों की राय
ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस कंपनी पर सकारात्मक नजरिया बनाए हुए हैं। Motilal Oswal ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए प्री-स्प्लिट आधार पर 3,400 रुपये का टारगेट दिया है।Citi ने 3,215 रुपये का टारगेट दिया है, जबकि JM Financial ने 2,900 रुपये का लक्ष्य रखा है। B&K Securities ने 2,690 रुपये के टारगेट के साथ ‘होल्ड’ रेटिंग दी है।ध्यान रहे, ये सभी लक्ष्य 1:10 स्प्लिट से पहले के हैं।
स्टॉक स्प्लिट और बोनस शेयर में फर्क
कई निवेशक स्टॉक स्प्लिट और बोनस इश्यू को एक जैसा समझ लेते हैं। स्टॉक स्प्लिट में सिर्फ फेस वैल्यू कम होती है और शेयरों की संख्या बढ़ती है। कंपनी के रिजर्व पर इसका असर नहीं पड़ता।वहीं बोनस इश्यू में कंपनी अपने संचित लाभ से अतिरिक्त शेयर जारी करती है, जबकि फेस वैल्यू वही रहती है।
Angel One स्टॉक स्प्लिट पर अंतिम राय
कुल मिलाकर, Angel One stock split का मकसद शेयर को ज्यादा सुलभ बनाना है, न कि कंपनी के फंडामेंटल्स में बदलाव करना। आपकी निवेश वैल्यू सुरक्षित है, लेकिन कम कीमत का दायरा रिटेल भागीदारी बढ़ा सकता है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रदर्शन स्थिर है, मार्जिन मजबूत हैं और डिविडेंड ट्रैक रिकॉर्ड भरोसेमंद है। ब्रोकरेज की राय भी सकारात्मक बनी हुई है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कम कीमत से ट्रेडिंग वॉल्यूम में तेज बढ़ोतरी आती है और क्या शेयर में नई रफ्तार देखने को मिलती है। निवेश से पहले हमेशा तिमाही नतीजों और बाजार के व्यापक रुझानों पर नजर जरूर रखें।
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