मिलावटी दूध पीने से किडनी फेल, सभी 65 साल से ज़्यादा उम्र के
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी ज़िले में मिलावटी दूध (Adulterated Milk) ने 4 लोगों की जान लेली है। यह चौंकाने वाली घटना राजमुंदरी इलाके से सामने आई है। यहां पिछले 48 घंटों में किडनी से जुड़ी बीमारी से चार लोगों की मौत हो गई है। बारह अन्य का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सभी पीड़ितों की उम्र 65 साल से ज़्यादा बताई जा रही है।
मिलावटी दूध (Adulterated Milk) पीने से तबीयत बिगड़ी
इस मामले की जांच में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जांच में पता चला कि पीड़ितों ने मिलावटी दूध पिया था। मिलावटी दूध पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनमें से चार की मौत हो गई। कई अस्पताल में भर्ती हैं।
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दूध बेचने वाला हिरासत में
जांच अधिकारियों ने कोरुकोंडा मंडल के नरसापुरम गांव से एक दूध बेचने वाले को हिरासत में लिया है। जांच के दौरान उसकी गैर-कानूनी डेयरी यूनिट को भी ज़ब्त कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि उस खास बेचने वाले से दूध लेने वाले 105 परिवारों में से 75 से सैंपल लिए गए हैं। संदिग्ध बीमारी का कारण पता लगाने के लिए टेस्टिंग चल रही है।
CM नायडू ने इमरजेंसी रिव्यू मीटिंग की
विजयवाड़ा से स्पेशल टीमें राजमुंदरी में स्थिति पर नज़र रखने और मेडिकल और बचाव के उपायों की देखरेख करने के लिए पहुँच गई हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ एक इमरजेंसी रिव्यू मीटिंग की और उन्हें प्रभावित लोगों के बेहतर इलाज के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्देश दिया।
सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं
जैसे ही ज़िला प्रशासन को जानकारी मिली, सबसे पहले प्रभावित इलाकों में पानी के सैंपल टेस्ट किए गए। जब ये सैंपल पॉजिटिव पाए गए, तो जाँच की दिशा बदल गई। सभी प्रभावित परिवारों के बीच एक लिंक सामने आया: वे सभी एक ही वेंडर से मिलने वाला दूध इस्तेमाल करते थे। तब से जाँच चल रही है, जिसमें मिलावटी दूध के एंगल पर ध्यान दिया जा रहा है।
दूध असली है या मिलावटी, कैसे करें इसकी पहचान?
स्टार्च में मिलावट की जांच करें
थोड़ा दूध लें और उसमें आयोडीन की 2-3 बूंदें डालें। अगर रंग नीला हो जाए, तो स्टार्च मिलाया गया है। अगर दूध का स्वाद थोड़ा कड़वा या साबुन जैसा हो, हाथों में रगड़ने पर चिकना लगे, या गर्म करने पर पीला हो जाए या अजीब सी गंध आए, तो यह सिंथेटिक है। मिलावटी दूध से पेट दर्द, उल्टी और दस्त, बच्चों में कुपोषण, किडनी और लिवर पर बुरा असर और लंबे समय तक हार्मोनल असंतुलन हो सकता है। डिटर्जेंट या यूरिया वाला दूध शरीर के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है।
सुरक्षित रहें
दूध सिर्फ़ किसी भरोसेमंद डेयरी या ब्रांड से ही खरीदें, हमेशा पैकेट पर FSSAI नंबर देखें, और उबालने के बाद ही पिएं। अगर शक हो, तो लैब टेस्ट करवाएं। दूध पोषण का एक ज़रिया है, लेकिन मिलावट इसे ज़हरीला भी बना सकती है। अपनी और अपने परिवार की सेहत का ध्यान रखें।

