• Latest
  • Trending
  • All
होलाष्टक

होलाष्टक 2026: 24 फरवरी से शुरू, जानें होलाष्टक में क्या नहीं करना चाहिए और इसका धार्मिक महत्व

February 23, 2026
Suvendu Adhikari

Suvendu Adhikari बंगाल के CM जिसे ममता ने बनाया था स्टार, उसी ने छीन ली ममता की सत्ता!!

May 8, 2026
Swift Hydrogen

Swift Hydrogen: साइलेंसर से धुएं की जगह निकलेगा पानी! क्या पेट्रोल-CNG का दौर खत्म?

May 8, 2026
Gullak 5

Gullak 5 की हो गई घोषणा.. वैभव नहीं बल्कि ‘12th Fail’ का यह कलाकार बनेगा ‘अन्नु’ भैया!!

May 8, 2026
EPFO 3.0

EPFO 3.0: अब PF पैसा सेकंडों में ट्रांसफर, UPI और ATM से निकासी जल्द शुरू

May 8, 2026
तमिलनाडु में विजय का होगा राजतिलक, मुख्यमंत्री बनने के लिए रास्ता साफ़, ऐसे मिलेगा समर्थन!

तमिलनाडु में विजय का होगा राजतिलक, मुख्यमंत्री बनने के लिए रास्ता साफ़, ऐसे मिलेगा समर्थन!

May 8, 2026
MP Kisan News

MP Kisan News : अनाज खरीद एजेंसी पर हाईकोर्ट का शिकंजा, किसानों के पक्ष में सुनाया फैसला, ₹96 लाख चुकाने का आदेश, जानें पूरा मामला?

May 8, 2026
Shani-Rahu Wrath

Shani-Rahu Wrath: जरा संभलकर लाएं ससुराल से चीजें, वरना शनि-राहु की प्रताड़ना के बन सकती हैं भागी, जानें कैसे?

May 8, 2026
TVK MLAs इस्तीफा

TVK MLAs इस्तीफा: विजय की पार्टी के 108 विधायक दे सकते हैं सामूहिक इस्तीफा, जानें पूरा राजनीतिक मामला।

May 8, 2026
iQOO Z11 सीरीज़

iQOO Z11 सीरीज़ का ग्लोबल डेब्यू: 9,020mAh बैटरी, 144Hz डिस्प्ले और दमदार परफॉर्मेंस

May 8, 2026
Mangal Nakshatra Gochar

Mangal Nakshatra Gochar: केतु नक्षत्र में मंगल के प्रवेश करने से इन 4 राशियों की किस्मत में लगेंगे चार चांद, होगी बंपर कमाई, जानें?

May 8, 2026
MP

MP में लगातार बाद रहे आत्महत्या के मामले! 15,000 मामलों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर राज्य

May 8, 2026
_निशांत कुमार मंत्री जेडीयू नीतीश का बेटे को आगे करने का असली दांव क्या है

जेडीयू में Nishant Kumar की एंट्री से बदलेगी बिहार राजनीति? जानें Nitish Kumar का नया मास्टरप्लान

May 8, 2026
Friday, May 8, 2026
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech
  • होम
  • एग्रीकल्चर
  • स्पोर्ट्स
    • आईपीएल 2026
  • बिज़नेस
    • Gold And Silver
  • मनोरंजन
    • ‎बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • वायरल वीडियो
  • टॉप न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • टैकनोलजी
      • गेमिंग
    • जॉब वेकेन्सीस
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • हैल्‍थ
    • इंफोर्मेटिव
    • लाइफस्टाइल
    • धार्मिक
  • वेब स्टोरीज
  • इंग्लिश
No Result
View All Result
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech
No Result
View All Result
Home धार्मिक

होलाष्टक 2026: 24 फरवरी से शुरू, जानें होलाष्टक में क्या नहीं करना चाहिए और इसका धार्मिक महत्व

Raj Chouhan Rb by Raj Chouhan Rb
February 23, 2026
in धार्मिक
होलाष्टक
0
VIEWS
whatsappShare on FacebookShare on Twitter

होलाष्टक 24 फरवरी, 2026 से शुरू हो रहा है। यह समय फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से होलिका दहन तक रहता है। पारंपरिक रूप से, इन आठ दिनों को शुभ कामों के लिए अशुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, नया बिज़नेस शुरू करना, या प्रॉपर्टी या गाड़ी खरीदना जैसे बड़े और शुभ काम नहीं करने चाहिए। लेकिन क्या ये आठ दिन सच में अशुभ हैं? या इसके पीछे कोई धार्मिक, ज्योतिषीय, या मौसमी कारण हैं? आइए इसे आसान शब्दों में समझते हैं।

होलाष्टक पौराणिक आधार

होलाष्टक को भक्त प्रह्लाद और उनके पिता हिरण्यकश्यप की कहानी से जुड़ा माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रह्लाद ने इन आठ दिनों में कई मुश्किलों और दुखों का सामना किया। आखिरकार, होलिका दहन के दिन बुराई खत्म हुई और भक्ति की जीत हुई। इसी वजह से, इन दिनों को संघर्ष, तपस्या और धैर्य का समय माना जाता है। परंपरा के अनुसार, जब माहौल बदल रहा हो, तो कोई भी नया शुभ काम शुरू करने से बचना चाहिए। यह समय आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक साधना के लिए अच्छा माना जाता है।

होलाष्टक

RelatedPosts

Shani-Rahu Wrath

Shani-Rahu Wrath: जरा संभलकर लाएं ससुराल से चीजें, वरना शनि-राहु की प्रताड़ना के बन सकती हैं भागी, जानें कैसे?

May 8, 2026
Mangal Nakshatra Gochar

Mangal Nakshatra Gochar: केतु नक्षत्र में मंगल के प्रवेश करने से इन 4 राशियों की किस्मत में लगेंगे चार चांद, होगी बंपर कमाई, जानें?

May 8, 2026
Budh Gochar 2026

Budh Gochar 2026: बुध के कुबेर की दिशा में प्रवेश करने इन 4 राशियों की बदल जाएगी किस्मत, जानें किन राशियों को क्या होगा लाभ?

May 7, 2026
Shani Amavasya

Shani Amavasya: साढ़ेसाती-ढैय्या से चल रहे हैं परेशान तो शनि अमावस्या पर करें ये विशेष उपाय, समस्याओं से मिलेगा छुटकारा-चमक किस्मत, जानें?

May 7, 2026

ज्योतिषीय मान्यता

ज्योतिष के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक चंद्रमा लगातार आठ राशियों में घूमता रहता है। कुछ मान्यताएं इसे ग्रहों की तीव्र या अस्थिर स्थिति का समय मानती हैं। माना जाता है कि यह समय मानसिक स्थिति पर असर डाल सकता है और फैसले लेने की क्षमता को कमजोर कर सकता है। हालांकि मॉडर्न साइंस ऐसे ग्रहों के असर की साफ तौर पर पुष्टि नहीं करता है, लेकिन पारंपरिक समाज सावधानी बरतते हैं। कई लोग मानते हैं कि जब ग्रह और तारे अस्थिर हों, तो बड़े फैसले टालदेना ही समझदारी है।

मौसम और वैज्ञानिक सोच

होलाष्टक सर्दियों से गर्मियों में बदलाव का संकेत है। इस दौरान मौसम तेजी से बदलता है। कभी ठंडा, कभी हल्का गर्म—तापमान में उतार-चढ़ाव होता रहता है।

बदलता मौसम शरीर की इम्यूनिटी पर असर डाल सकता है। सर्दी, बुखार और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान बड़ी सोशल गैदरिंग से हेल्थ प्रॉब्लम बढ़ सकती हैं। इसलिए, पुराने ज़माने में लोग सावधानी के तौर पर इस दौरान ज़्यादा भीड़ से बचना ही समझदारी समझते थे।

होलाष्टक

इन कामों से बचने की सलाह

परंपरा के अनुसार, होलाष्टक के दौरान:

  • शादी, सगाई या दूसरे शुभ काम शुरू नहीं करने चाहिए।
  • नया बिज़नेस, बड़े इन्वेस्टमेंट या महंगी खरीदारी टाल देनी चाहिए।
  • हुकम (गृह प्रवेश), भूमि पूजन या नया कंस्ट्रक्शन शुरू नहीं करना चाहिए।
  • इन मान्यताओं का मकसद लोगों को सावधानी बरतने और सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह देना है।

इन आठ दिनों में क्या करें?

होलाष्टक को पूरी तरह से नेगेटिव समय नहीं माना जाता है। इसे आध्यात्मिक साधना का समय भी माना जाता है। इस दौरान:

  • मंत्रों का जाप करें और भगवान को याद करें।
  • हनुमान चालीसा या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • दान दें और ज़रूरतमंदों की मदद करें।
  • अपने जीवन के लक्ष्यों के बारे में सोचें।

ऐसा माना जाता है कि इस दौरान किया गया दान और पूजा खास तौर पर फलदायी होती है।

होलाष्टक के बारे में समाज में अलग-अलग राय है। कुछ लोग इसे सिर्फ़ धार्मिक मान्यताओं से जोड़ते हैं, जबकि दूसरे इसे मौसमी और सामाजिक परंपराओं का नतीजा मानते हैं। एक संतुलित नज़रिया यह है कि अगर आप आस्था में विश्वास करते हैं, तो परंपराओं का पालन करें। भले ही आपका नज़रिया साइंटिफिक हो, लेकिन बदलते मौसम के इस समय में बड़े फ़ैसले सोच-समझकर लें। आखिर में, होलाष्टक को डर का नहीं, बल्कि संयम, ध्यान और सावधानी का समय मानना ​​बेहतर है।

डिस्क्लेमर: यहाँ दी गई जानकारी धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं पर आधारित है। कोई भी ज़रूरी फ़ैसला लेने से पहले हमेशा एक्सपर्ट की सलाह लें।

Read More: Holashtak Remedies: होलाष्टक में बुरे प्रभावों से बचने करें नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्र का पाठ, सभी ग्रह होंगे शांत

ADVERTISEMENT
Previous Post

PM Kisan 22वीं किस्त कब आएगी? जानें eKYC, स्टेटस चेक और पात्रता की पूरी जानकारी

Next Post

Honor X6d 5G Launch: सस्ते में आया 5G का धमाका! बड़ी बैटरी और प्रीमियम फीचर्स, जानें कीमत

Next Post
Honor X6d 5G

Honor X6d 5G Launch: सस्ते में आया 5G का धमाका! बड़ी बैटरी और प्रीमियम फीचर्स, जानें कीमत

Samsung Galaxy S26 Ultra

Samsung Galaxy S26 Ultra लीक: लॉन्च से पहले बिका रिटेल यूनिट, बैटरी में बदलाव नहीं, कीमत में बड़ा उछाल संभव

StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech

Copyright © 2026 stackumbrella.

Navigate Site

  • About Us
  • Contact Us
  • RSS Feeds
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions

Follow Us

No Result
View All Result
  • होम
  • एग्रीकल्चर
  • स्पोर्ट्स
    • आईपीएल 2026
  • बिज़नेस
    • Gold And Silver
  • मनोरंजन
    • ‎बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • वायरल वीडियो
  • टॉप न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • टैकनोलजी
      • गेमिंग
    • जॉब वेकेन्सीस
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • हैल्‍थ
    • इंफोर्मेटिव
    • लाइफस्टाइल
    • धार्मिक
  • वेब स्टोरीज
  • इंग्लिश

Copyright © 2026 stackumbrella.