लखपति दीदी योजना: 13 फरवरी 2026 का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक बदलाव की दिशा में भी बहुत बड़ा मोड लेकर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज साउथ ब्लॉक से अपने नए कार्यालय PMO सेवा तीर्थ में शिफ्ट हो चुके हैं और यहां शिफ्ट होते उन्होंने तत्काल प्रभाव से महत्वपूर्ण निर्णय लेने भी शुरू कर दिए हैं। एक ओर जहां उन्होंने जनकल्याण, कृषि और युवाओं से जुड़े बड़े-बड़े निर्णयों पर हस्ताक्षर किए। वहीं उन्होंने महिलाओं से जुड़ी लखपति दीदी योजना में भी विस्तार की घोषणा कर दी। लखपति दीदी योजना के लिए अब 2029 तक दुगना टारगेट सेट कर दिया गया है।
पहले सरकार ने लक्ष्य रखा था कि लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाया जाएगा। यह लक्ष्य समय से पहले ही पूरा हो गया और इस सफलता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस लक्ष्य को दुगना कर दिया है। मतलब अब मार्च 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को इस योजना का भागीदार बनाया जाएगा। उन्हें आर्थिक रूप से मदद दी जाएगी अब 6 करोड़ महिलाएं हर साल 1 लाख कमा पाएंगी।
क्या है लखपति दीदी योजना?
लखपति दीदी योजना केंद्र सरकार की महत्त्वकांक्षी योजना है। जिसका उद्देश्य ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्र की महिलाओं को आत्म निर्भर बनाना है। इस योजना के माध्यम से सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) से जुड़ी महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें 5 लाख तक के बैंक लोन में सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाता है ताकि हर महिला साल में कम से कम ₹100000 की इनकम कमा सके।
लखपति दीदी योजना 2026 में आवेदन कैसे करें?
- लखपति दीदी योजना 2026 में आवेदन करने के लिए सबसे पहले महिलाओं को अपने गांव या ब्लॉक स्तर पर सक्रिय सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) से जुड़ना होगा।
- कम से कम 2 साल ग्रुप में एक्टिव सदस्यता दर्ज करानी होगी।
- इसके बाद नजदीकी बैंक, SG कार्यालय या ब्लॉक ऑफिसर के पास अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे और लखपति दीदी योजना का आवेदन फॉर्म भरना होगा।
- इसके बाद महिला का नाम डिजिटल आजीविका रजिस्टर में दर्ज किया जाता है।
- नाम रजिस्टर में दर्ज होते ही योग्यता के आधार पर लाभ ट्रांसफर किया जाता है।
लखपति दीदी योजना के लिए पात्रता
- लखपति दीदी योजना का लाभ पाने के लिए महिला का ग्रामीण क्षेत्र या अर्ध शहरी क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है।
- आवेदक महिला की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदन को कम से कम दो रोजगार से जुड़ी गतिविधियों का अनुभव होना चाहिए। उदाहरण के लिए कृषि या किसी प्रकार का लघु उद्योग।
- आवेदक महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप में 2 साल तक रजिस्टर और एक्टिव होनी चाहिए।
लखपति दीदी योजना के अंतर्गत क्या लाभ मिलेंगे
- वर्ष 2026 में लखपति दीदी योजना के लाभ टारगेट को दुगना कर दिया गया है।
- अब 6 करोड़ महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।
- योजना के अंतर्गत महिला को अपना बिजनेस चालू करने के लिए 5 लाख तक का लोन मिलता है।
- 1.5 लाख तक राशि के लिए ब्याज में इंटरेस्ट पर छूट मिलती है।
- महिलाओं को बिज़नेस आगे बढ़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है, मार्केटिंग के गुण सिखाए जाते हैं साथ ही उन्हें फाइनेंस मैनेजमेंट की जानकारी भी दी जाती है।
PMO सेवा तीर्थ से लिए गए अन्य जरूरी फैसले
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ परिसर में शिफ्ट होने के बाद न केवल लखपति दीदी योजना पर निर्णय लिया।बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री राहत स्कीम में कैशलेस इलाज पर भी प्रस्ताव पारित किया। जिसमें दुर्घटना के शिकार व्यक्तियों को अब 1.5 तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।
- इसके अलावा कृषि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में भी 1 लाख करोड़ से फंड को बढ़ाकर 2 लाख करोड़ कर दिया गया है।
- स्टार्टअप इंडिया फंड आफ फंड्स 2.0 में भी 10,000 करोड़ का कोर्पस स्टार्टअप इंडिया फंड रिलीज किया गया है ताकि युवाओं को नया रोजगार मिल सके।
कुल मिलाकर नए PMO ऑफिस सेवा तीर्थ में शिफ्ट होते ही लिए गए नए फैसलों में लखपति दीदी योजना की भूमिका काफी खास रही। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना के तहत अब 6 करोड़ महिलाओं को सहायता पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मतलब अब मार्च 2029 तक देशभर की 6 करोड़ महिलाओं को अब आत्मनिर्भर बनाया जाएगा ताकि हर महिला लखपति बन सके।
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