PMO सेवा तीर्थ: भारत के इतिहास में 13 फरवरी 2026 की तारीख एक महत्वपूर्ण तिथि के रूप में दर्ज की जा चुकी है। PMO सेवा तीर्थ के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय का पता आधिकारिक रूप से बदल गया है। ब्रिटिश काल से लेकर आज तक दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से संचालित होता था। परंतु अब नया कार्यालय आधुनिक सेवाओं से लैस नए परिसर सेवा तीर्थ में शिफ्ट कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय PMO के शिफ्ट होते ही देश के इस नए अध्याय को याद रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ₹100 का विशेष स्मारक सिक्का भी जारी किया है, जो इस बदलाव को और भी ऐतिहासिक बनाता है। PMO सेवा तीर्थ का उद्घाटन केवल भवन परिवर्तन ही नहीं होगा बल्कि यह वर्तमान में भारत की प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर भी करेगा।
PMO सेवा तीर्थ के लिए कहां से आया 20,000 करोड़ का फ़ंड
सेवा तीर्थ PMO के साथ सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट पर लगभग 20,000 करोड़ का खर्चा आया है। यह राशि एक साथ तो नहीं पर स्टेप बाय स्टेप खर्च की गई है। सेवा तीर्थ प्रोजेक्ट को सरकार ने 2019 में शुरू किया था हालांकि उस दौरान कई आलोचकों ने इस प्रोजेक्ट के खिलाफ आवाज भी उठाई। लेकिन यह प्रोजेक्ट सरकार के लिए बेहद जरूरी प्रोजेक्ट था। टिकाऊ और टेक फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखकर इसको तैयार किया गया है जो 100 सालों तक मजबूत बना रहेगा।
क्या होंगे PMO सेवा तीर्थ के मुख्य फीचर?
- सेवा तीर्थ PMO में पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम पर ध्यान दिया गया है।
- सारी फाइलें डिजिटल कर दी गई हैं।
- मंत्रालयों के बीच रियल टाइम कम्युनिकेशन एस्टेब्लिश किया गया है।
- इस प्रोजेक्ट को ग्रीन और सस्टेनेबल डिजाइन से बनाया गया है।
- इस बिल्डिंग को सोलर एनर्जी से ऑपरेट किया जाएगा।
- बिल्डिंग में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और एनर्जी एफिशिएंसी की पूरी सुविधा है जिससे बिजली की बचत होगी।
- यह बिल्डिंग मल्टीलेयर सिक्योरिटी सिस्टम को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
- हर कर्मचारी और मेंबर के पास स्मार्ट एक्सेस कार्ड होगा।
- साथ ही यहां सेफ्टी काफी टाइट होने वाली है।
PMO के साथ-साथ मंत्रालयों को भी मिला नया घर!
प्रधानमंत्री ऑफिस के साथ-साथ अब भारत के केंद्रीय मंत्रालयों को भी नया स्थान मिलने वाला है। 13 फरवरी 2026 के दिन कर्तव्य भवन 1 और 2 का भी उद्घाटन हुआ। मतलब इन दोनों भवनों में कई केंद्रीय मंत्रालयों को आवास मिलेगा। जैसे कि,
- वित्त मंत्रालय
- रक्षा मंत्रालय
- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
- शिक्षा मंत्रालय
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉरपोरेट अफेयर्स
- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
- कानून और न्याय मंत्रालय
- रसायन और उर्वरक मंत्रालय
क्या होगा इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा ?
- सेवा तीर्थ PMO और प्रमुख सचिवालय एक ही परिसर में होने की वजह से अब काम जल्दी होगा।
- पुरानी इमारत के रखरखाव और किराए के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
- यह ऑफिस पूरी तरह से डिजिटल और सेंट्रलाइज तरीके से बनाए गए हैं जिसकी वजह से नागरिकों को पहले से ज्यादा बेहतर सेवाएं मिलेगी।
- साथ ही आने वाले समय में साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक को संग्रहालय के रूप में विकसित करने की योजना है।
- जहां इन पुरानी बिल्डिंगों को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा और नागरिकों को यहां विज़िट करने की परमिशन मिलेगी।
कुल मिलाकर PMO अब सेवा तीर्थ PMO में शिफ्ट हो गया है और सारे केंद्रीय मंत्रालय कर्तव्य भवन 1 और 2 में शिफ्ट हो जाएंगे। यह नया कदम केवल भौतिक बदलाव नहीं होगा बल्कि देश की प्रशासनिक सेवा में सुधार होगा। नए प्रशासनिक भवन में हालांकि लागत बहुत बड़ी लगी है जिसकी वजह से लगातार विरोध भी झेला जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव बेहतर व्यवस्था के लिए जरूरी था। अब देखना यह होगा कि इस बदलाव के बाद देश की कार्य व्यवस्था में कोई बदलाव आता भी है या केवल पता ही बदलेगा?
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