अजीत पवार अंतिम यात्रा: आज 28 जनवरी 2026 का दिन महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास में दर्दनाक रूप से याद रखा जाएगा। आज महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्रीज़ वरिष्ठ नेता अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे के बरामती एयरपोर्ट के पास हुआ जहां उनका प्राइवेट विमान लैंडिंग करते समय अचानक गिर पड़ा और विमान में सवार सभी लोग घायल होकर मृत्यु को प्राप्त हुए। अजीत पवार का इस प्रकार जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। देश भर के नेता और राजनीतिज्ञ उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
क्या है क्रैश लैंडिंग की भयानक कहानी
28 जनवरी 2026 की सुबह अजीत पवार सुबह विधानसभा चुनाव प्रचार कार्यक्रम के लिए सुबह 8:10 पर मुंबई से बारामती की ओर जाने के लिए अपने चार्टर्ड प्लेन से निकले। सुबह 8:30 पर मुंबई से बारामती की ओर जा रहा चार्टर्ड प्लेन Learjet 45 विमान लैंडिंग की कोशिश करने लगा और इस दौरान वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। क्रैश लैंडिंग की वजह से विमान में सवार कुल 5 लोग मृत्यु को प्राप्त हुए। इनमें एक अजीत पवार, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, एक सहायक और दो ग्रुप मेंबर शामिल थे।
स्थानीय लोगों के मुताबिक विमान रनवे से लगभग 100 फीट पहले ही नीचे गिर गया और जमीन पर गिरते ही उसमें भीषण आग लग गई और भारी धुआँ उठा। हालांकि लोगों ने आगे बढ़कर बचाव करने की कोशिश की लेकिन आग की लपटें काफी तेज थी जिसकी वजह से बचाना असंभव हो गया। सोशल मीडिया पर विमान क्रैश के दृश्य और वीडियो सामने आ रहे हैं जिसमें विमान के बिखरे हुए टुकड़े आग और काले धुएं के बीच दिखाई दे रहे हैं।
देश भर के नेताओं ने प्रकट किया शोक
अजीत पवार के निधन की खबर सामने आते ही देश भर के नेताओं ने शोक संदेश और संवेदना व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना को बेहद ही दुखद और निशब्द करने वाली बताया है और उन्होंने ईश्वर से अजीत परिवार के परिवार को धैर्य और शांति देने की प्रार्थना की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे भारतीय राजनीति के लिए गंभीर क्षति बताया है। इसके अलावा राहुल गांधी ने भी अपना शोक व्यक्त किया है। महाराष्ट्र के कई राजनीतिक नेताओं और सिनेमा जगत के कलाकारों ने भी सोशल मीडिया पर अजित पवार को श्रद्धांजलि दी है। महाराष्ट्र के कई वरिष्ठ नेता, स्थानीय मंत्री और कार्यकर्ता बारामती की ओर रवाना हो चुके हैं।
गृहनगर बारामती में होगा अजीत पवार का अंतिम संस्कार
मृत्यु की दुखद खबर के बाद अब परिवार के सदस्यों और पार्टी सदस्यों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी है। अजीत पवार के पार्थिव शरीर को बारामती में उनके गृह नगर लाया जाएगा जहां उनका अंतिम संस्कार परंपरा और विधान अनुसार किया जाएगा। अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने के लिए परिवार के सदस्य, राजनीति सहयोगी और उनके चाहने वाले बारामती में एकत्रित हो रहे हैं। अजीत पवार समाज के हर वर्ग, किसान, व्यापारी, युवा और वरिष्ठों के लोकप्रिय थे। ऐसे में सूत्रों की माने तो उनके अंतिम संस्कार के पहले अंतिम दर्शन की यात्रा आयोजित की जाएगी ताकि समाज का हर वर्ग उनके आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर सके।
अजीत पवार का राजनीतिक जीवन और विरासत
अजीत परिवार ने 1982 में राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और बाद में बारामती से विधायक सांसद और मंत्रिमंडल में विभिन्न पद संभाले। अजीत पवार महाराष्ट्र में कई सरकारों में उपमुख्यमंत्री रहे। कांग्रेस-एनसीपी के गठबंधन में, शिवसेना-उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में, शिंदे-भाजपा गठबंधन में उन्होंने डिप्टी सीएम के पद पर अनेकों बार शपथ ली है। उन्होंने वित्त, ऊर्जा, जल संसाधन ग्रामीण विकास जैसे कई विभाग संभाले हैं।
अजीत पवार लंबे समय से महाराष्ट्र की राजनीति में एक शीर्ष नेता रहे। राज्य के प्रशासनिक और विकास कार्य में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। खासकर कृषि, सहकारी क्षेत्र, स्थानीय शासन में अपने काम के लिए वह पहचाने जाते थे। उनका निधन सिर्फ एक नेता को खोले जैसा नहीं है बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग का अंत कहा जा रहा है।












