Gehu: अभी भी भारत में ज्यादातर लोग खेती पर ही निर्भर है और यदि आप भी एक किसान है तो आज मैं आपको एक ऐसे खाद के बारे में बताने वाला हूं जिसे डालने के बाद कई किसानों को काफी अच्छी कमाई हो रही है क्योंकि इस खाद की वजह से उनकी गेहूं की पैदावार में काफी बढ़ोतरी हुई है।
अभी तक ज्यादातर किसान गेहूं के साथ सिर्फ डीएपी डाल देते हैं और उसके बाद पानी के समय यूरिया डाल देते हैं इससे हालांकि फसल को कुछ पोषण तो मिलता है लेकिन यदि लोग इसके अलावा भी कुछ दूसरी खाद का उपयोग करें तो उनकी फसल में काफी बढ़ोतरी होगी क्योंकि Gehu को छह जरूरी पोषक तत्वों की जरूरत रहती है लेकिन यूरिया और डीएपी से उन्हें यह सभी नहीं मिलते हैं इसीलिए यदि उनके साथ किसान जीवामृत का उपयोग करें तो उसे काफी फायदा मिल सकता है।

Gehu में जीवामृत का उपयोग
जो लोग भी जैविक खेती करते हैं उन्हें जीवामृत के बारे में तो पता ही होगा लेकिन यदि आप इसका नाम पहली बार सुन रहे हैं तो मैं आपको बता दूं यह एक ऐसा खाद है जिसे हमारे पूर्वज भी उपयोग करते थे और कई बड़े-बड़े साइंटिस्ट भी आज यह मानते हैं कि इसके उपयोग से फसल को काफी फायदा होता है और यदि Gehu में इसका उपयोग किया जाता है तो शुरुआत से ही गेहूं में कई सारे कल्ले निकलते हैं और फसल काफी अच्छी रहती है और अंत में गेहूं की पैदावार भी काफी ज्यादा हो जाती है।
जीवामृत Gehu में कब डाला जाता है
आपको बता दे गेहूं की बोनी के साथ ही यदि आप खेत में जीवामृत का छिड़काव कर देते हैं तो इससे खेत में गेहूं की फसल शुरुआत से अच्छी और स्वस्थ हो जाती है और आप यदि हर बार पानी के साथ जीवामृत को मिलाकर खेत में दे देते हैं तो जैसे-जैसे गेहूं बड़ा होगा उसमें खूब सारे कल्ले निकलेंगे और यदि आप जीवामृत को हर 21 दिन में खेत में छिड़कते हैं तो यह भी उत्तम माना जाता है और इससे आपकी फसल काफी अच्छी रहती है और पैदावार में काफी बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
Gehu में जीवामृत उपयोग के फायदे
यदि आप अपने गेहूं के खेत में जीवामृत का उपयोग करते हैं तो इसके कई फायदे हैं पहला तो आपके गेहूं की फसल को अतिरिक्त खाद मिलता है और दूसरा आपको मार्केट से कोई दूसरा खाद लाने के लिए पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ते क्योंकि यह घर पर ही बन जाता है इसके उपयोग से फसल की पैदावार तो बढ़ती ही है और यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है और मार्केट में ऐसे गेहूं की कीमत भी ज्यादा रहती है यदि बिना रसायन के सिर्फ जीवामृत से गेहूं की खेती की जाए।
जीवामृत किन चीजों से बनता है
- जीवामृत बनाने के लिए पांच मुख्य चीज लगती हैं
- 10 किलो गाय का गोबर
- 10 किलो गाय का गोमूत्र
- 1 किलो बरगद या पीपल के पेड़ के नीचे की मिट्टी जहां किसी भी रासायनिक खाद का उपयोग न किया गया हो
- 1 किलो गुड़
- 1 किलो किसी भी दाल का आता
- यह सभी एक एकड़ खेत के हिसाब से हैं
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जीवामृत कैसे बनाया जाता है
यदि आप अपने Gehu के खेत के लिए जीवामृत बनाना चाहते हैं तो एक एकड़ के लिए आपको सभी पांच चीजों को 180 लीटर पानी में मिलकर एक बड़े 200 लीटर के ड्रम में डाल देना है और उसे हर दिन सुबह शाम हिलाना है यह 10 से 15 दिन में बनकर तैयार हो जाएगा और इसे आप अपने खेत में छिड़क कर या स्प्रे मशीन से नोजल निकालकर स्प्रे कर सकते हैं और इसका काफी जबरदस्त असर फसल पर होता है।











