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सरकारी अस्पतालों के डाक्टर जा सकते हैं अनिश्चित कालीन हड़ताल पर

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राजधानी भोपाल के सभी सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों (Doctor) ने अपनी मांगो को लेकर हड़ताल किया इस मौके पर सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए करीब २ घंटों तक चिकितसा सुविधा रोक दी गई| जिससे कई मरीजों को वापस लौटना भी पड़ा | शहर के सभी सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों ने २ घंटो की हड़ताल को लेकर पहले से ही प्राशसन को सुचना दे दी थी|

चिकितसा महासंघ के संयोजक द्वारा यह जानकारी दी गई है की यदि सरकार की ओर से की गई मांगो को लेकर कोई ठोस कदम जल्द ही नहीं उढाये गए तो अस्पतालों के डॉक्टर (Doctor) अनिश्चित काल के लिए हड़ताल पर चले जायेंगे|

जानिए क्या है डॉक्टरों (Doctor) की मांग का पूरा मामला

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सरकारी अस्पतालों के ये सभी डाक्टर अपने वेतन , भत्ते के लिए नहीं बल्कि चिकितसा छेत्र में व्यवस्थों के लिए हड़ताल पर जाने को तैयार हैं | इस सम्बन्ध में चिकितसा महासंघ के बैनर तले हड़ताल पर जाने की योजना बनाई गई है|

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इस हड़ताल में जूनियर डॉक्टर (Doctor) भी सीनियर डॉक्टरों के साथ होंगे| दिनांक १७ फरवरी से शहर के सभी शासकीय अस्पतालों के डॉक्टर मांगे पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जायेंगे|

जानें डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से क्या पड़ेगा असर

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अगर सभी सरकारी अस्पतालों के जूनियर और सीनियर डॉक्टर हड़ताल पर जाते है तो मरीजों को कोई भी चिकित्शा सुविधा नहीं मिल पायेगी| ओपीडी पूरी तरह से बंद रहेगा, ऑपरेशन थियेटर से भी जरुरत मंद मरीजों को बंचित रहना पड़ सकता है|

चिकितसा महासंघ के संयोजक राकेश मालवीय ने बताया कि ऐसा पहेली भर है जब सीनियर डॉक्टरों के साथ जुड़ा भी हड़ताल पर जायेंगे| सरकार से की जा रही मांगो से डॉक्टरों के साथ ही मरीजों को भी इसका पूरा लाभ मिलेगा|

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इसके साथ ही चिकित्स्क छात्रों को भी इसका पूरा लाभ मिलेगा| उन्होंने बताया की १७ फरवरी २०१३ से अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर जा सकते हैं|

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