मप्र सरकार अब ब्लैक फंगस के मरीजों का बिल्कुल फ्री इलाज करेगी। वहीं कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी सरकार उठाएगी। साथ ही राज्य सरकार कोरोना से संक्रमित अधिवक्ताओं की भी मदद करेगी। इसके अलावा कोरोना काल में जिन लोगों की अजीविका प्रभावित हो गई है। उनके लिए सरकार ठोस कदम उठाने की बात कह रही है।
यह सारी जानकारियां मप्र के सीएम शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अलग अलग प्रेस कान्फ्रेंस में दीं। साथ ही यह भी बताया कि देश में इस तरह की सुविधाएं देने वाला मप्र पहला राज्य बन गया है।
फ्री होगा ब्लैक फंगस का इलाज :

मध्य प्रदेश में ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों का इलाज अब बिल्कुल फ्री होगा। इस संबंध में प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि बीमारी से संक्रमित मरीजों के इलाज की जवाबदारी अब सरकार की है। केंद्र की सहायता से इसके इलाज के लिए सेंटर सबसे पहले मप्र के भोपाल और जबलपुर में ही बनाए जा रहे हैं।
अनाथ बच्चों की मदद करेगी सरकार :
वहीं कोरोना में अनाथ हुए बच्चों का लालन-पालन अब मध्य प्रदेश सरकार करेगी। सीएम ने बताया कि कोरोना के कारण अपनी आजीविका खोने वालों और पालकों को खो चुके बच्चों को 5 हजार रुपए पेंशन, निशुल्क राशन और बच्चों को निशुल्क शिक्षा की सुविधा दी जाएगी। साथ ही सरकार कोरोना से संक्रमित अधिवक्ताओं की मदद भी करेगी।
वकीलों के इलाज के लिए 5 करोड़ की राशि स्वीकृत :
इस दौरान गृहमंत्री ने यह भी जानकारी दी की बुधवार को हुई अधिवक्ता कल्याण न्यास निधि की बैठक में संक्रमण काल में अधिवक्ता सहायता योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत यदि कोई अधिवक्ता कोरोना से गंभीर रूप से संक्रमित हो जाता है, तो उनके लिए इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सरकार ने 5 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।
उन्होंने जानकारी दी कि कोरोना के कारण प्रदेश में 45 वकीलों की मौत हो चुकी है। जिनकी सहायता सरकार करेगी। वहीं इसके पहले सरकार कोरोना महामारी के कारण मर चुके 303 वकीलों की सहायता कर चुकी है।
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