कोरोना काल में काम धंधे बंद होने से लोग वैसे ही परेशान हैं। ऊपर से बीमारी लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। ऐसे में अस्पतालों द्वारा लोगों से अधिक बिल वसूलना उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा ही है। ऐसे ही 4 अस्पतालों पर जिला प्रशासन भोपाल द्वारा सख्त कार्रवाई (Action on hospitals) की गई है। इन अस्पतालों ने मरीजों से 40 प्रतिशत तक अधिक राशि वसूल की थी।
जिला प्रशासन की टीम ने लोगों द्वारा अधिक बिलिंग की शिकायत पर 4 अस्पतालों पर कार्रवाई करते हुए लोगों को 1.20 लाख की राशि वापिस करवाई है। इस दौरान अस्पतालों से दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने कलेक्टर को शिकायत की थी कि अस्पतालों द्वारा अधिक राशि वसूली जा रही है, जिसके बाद कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अस्पतालों के औचक निरीक्षण करने के आदेश जारी किए थे।
यह है मामला :
कलेक्टर अविनाश लवानिया (Collector Avinash Lawaniya, IAS) को पिछले कुछ दिनों से कुछ अस्पतालों से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद कलेक्टर सभी एसडीएम को अस्पतालों के औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद एसडीएम कोलार ने रुद्राक्ष मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बिलों की जांच करने पर पाया कि अस्पताल द्वारा भर्ती मरीजों से शासन द्वारा निर्धारित दर से 40% से ज्यादा राशि अतिरिक्त वसूल की जा रही है।

इन लोगों को लौटाए गए पैसे :
कार्रवाई के बाद एसडीएम द्वारा पीयूष अग्रवाल को 8 हजार रुपए, प्रभा पांडे को 12 हजार रुपए, एसपी दीक्षित को 24 हजार रुपए और एसआर तानपुरे को 12 हजार रुपए वापिस करवाए गए। होशंगाबाद रोड स्थित उबंटू अस्पताल में मोंटू सिन्हा की शिकायत पर जांच की गई। शिकायत सही मिलने पर मोंटू को 71हजार रुपए अस्पताल से वापिस दिलवाए गए। कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन द्वारा रुद्राक्ष और उबंटू अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसके अलावा कोलार के भगवती गौतम एवं निर्माणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को लेकर भी लोगों द्वारा शिकायत की गई है, जिसके बाद एसडीएम कोलार क्षितिज शर्मा ने यहां से भी कई दस्तावेज जब्त किए हैं।