मध्य प्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में से एक है, जहां पिछले 25 दिनों में कोविड ने तेज़ी से अपने पांव पसार लिए हैं। यदि आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश में अब तक 5 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। लेकिन इन लोगों में से 84 प्रतिशत लोग घर पर रहते हुए ही पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। यदि कोविड के शुरुआती लक्षण आने पर लोग खुद को घर में आइसोलेट कर शुरू से ही दवाएं लेना शुरू कर दें। तुरंत आरटीपीसीआर टेस्ट करवाएं तो कोविड को हराना बहुत आसान हो जाता है।
हालांकि इस दौरान चिकित्सकों के संपर्क में बने रहना बहुत जरूरी है। यदि हम आंकड़ों पर एक नजर डालें तो मध्य प्रदेश में कोरोना से 5,11,990 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इस दौरान 4 लाख 14 हजार 235 लोग इस बीमारी को परास्त कर पूरी तरह स्वस्थ भी हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 92,534 एक्टिव केस हैं। जिनमें से 72 प्रतिशत लोग घर पर रहकर ही कोरोना का इलाज कर रहे हैं। वर्तमान में केवल 28 प्रतिशत संक्रमित ही अस्पतालों में भर्ती हैं।एक्टिव केस के मामले में प्रदेश पहले 7वें स्थान पर था, लेकिन वर्तमान में ये 11वें स्थान पर आ गया है।
ज्यादातर लोग घर पर ही ले सकते हैं स्वास्थ्य लाभ :
मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की मानें तो वर्तमान में मध्य प्रदेश में 72% मरीज होम आइसोलेशन में हैं। सरकार का प्रयास है कि भविष्य में ज्यादातर मरीज बिना अस्पताल जाए होम आइसोलेशन में ही ठीक हो जाएं। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाने की तैयारी है। साथ ही प्रदेश के 52 जिलों में 174 कोविड केयर सेंटर के माध्यम में माइल्ड सिंपटम्स वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है।। इन सेंटर्स में 12 हजार 864 बेड्स की व्यवस्था है। इनमें से 634 ऑक्सिजन बेड्स है।















