मई 2026 में पेट्रोल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई, जिससे देशभर में आम लोगों और वाहन चालकों पर असर पड़ा।  

नई कीमतें लागू होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल लगभग ₹97.77 प्रति लीटर पहुंच गया, जबकि कई शहरों में यह ₹100 के पार चला गया।

मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹106 से ज्यादा हो गई, जिससे देश के सबसे महंगे शहरों में इसका नाम शामिल रहा।  

कोलकाता और हैदराबाद जैसे शहरों  में पेट्रोल की कीमत ₹108 के करीब पहुंच गई, जिससे लोगों की जेब पर  अतिरिक्त बोझ बढ़ा। 

सरकार और तेल कंपनियों ने बढ़ती वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया।  

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से  बढ़े हैं।  

लगभग चार साल बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है।  

पेट्रोल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट, टैक्सी और डिलीवरी सेवाओं की लागत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।  

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से महंगाई और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं।  

अलग-अलग राज्यों में VAT और टैक्स के कारण पेट्रोल की कीमतों में अंतर देखने को मिला, जिससे हर शहर में रेट अलग रहे। 

दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में पेट्रोल अपेक्षाकृत सस्ता रहा, जबकि महाराष्ट्र और तेलंगाना में कीमतें ज्यादा रहीं।  – 

बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच लोग अब इलेक्ट्रिक वाहन और वैकल्पिक ऊर्जा विकल्पों की ओर तेजी से ध्यान देने लगे हैं।