CM Devendra Fadnavis & Ashok Kharat Case: रूपाली चाकणकर को समन मिलने की खबरों के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का कहना है कि खरात मामले की जांच निष्पक्ष है।
“समन” एक कानूनी नोटिस होता है, जिसके जरिए अदालत या पुलिस किसी व्यक्ति को पूछताछ या गवाही के लिए बुलाती है। इसे मिलने पर तय समय पर उपस्थित होना जरूरी होता है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने 31 जनवरी 2026 को कहा कि उन्हें अशोक खरात मामले के संबंध में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता रूपाली चाकणकर को जारी गए किसी भी समन की जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है।
पिछले सप्ताह एक विशेष जांच दल (SIT) नियुक्त किया गया था, जिसमें नासिक पुलिस आयुक्त ज्योति सिंह अशोक खरात के खिलाफ आरोपों की जांच की निगरानी कर रही हैं। खरात पर बार-बार यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। अधिकारी पीड़ितों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
मीडिया से बात करते हुए फड़णवीस ने कहा, “अशोक खरात मामले में रूपाली चाकणकर को क्या समन जारी किया गया है, इसके बारे में मुझे फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। मुझे इस मामले की वर्तमान स्थिति भी पता नहीं है। जांच जारी है और निष्पक्ष रूप से की जा रही है। ऐसे मामलों की जानकारी दैनिक आधार पर नहीं ली जाती, केवल आवश्यक होने पर ही ली जाती है। इसलिए, पूछताछ जारी है और उचित समय पर जानकारी दी जाएगी।”
ये टिप्पणियां उस समय आईं जब रूपाली चाकणकर ने मामले में नाम आने के आरोपों के बीच शुक्रवार को एनसीपी महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से फोन पर बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
चाकणकर ने स्पष्ट किया कि खरात द्वारा किए गए किसी भी कथित कदाचार से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा, “अंततः सत्य की जीत होगी।”
मुख्यमंत्री फड़णवीस द्वारा मामले के मद्देनजर कथित तौर पर पद छोड़ने का अनुरोध किए जाने के बाद चाकणकर ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया।
यह मामला सिन्नर स्थित श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक खरात से जुड़ा है, जिन्हें गिरफ्तार कर 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। उन पर आध्यात्मिक मार्गदर्शन के बहाने 35 वर्षीय महिला का कई वर्षों तक बार-बार यौन उत्पीड़न करने, उसे डराने-धमकाने और हेरफेर के जरिए 2022 से दिसंबर 2025 के बीच शोषण करने का आरोप है। खरात कई सार्वजनिक हस्तियों के बीच जाने-पहचाने जाते थे।

















