छत्तीसगढ़ कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव से जुड़े वायरल MMS क्लिप को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अब इस मामले में नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। विधायक ने हाल ही में अपनी तस्वीरें और वीडियो पुलिस को सौंपे हैं और मांग की है कि इस मामले के पीछे की सच्चाई सामने लाई जाए।
देवेंद्र यादव MMS विवाद की शुरुआत

यह विवाद 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के दौरान तब शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति जिसे BJP नेताओं ने देवेंद्र यादव के रूप में पहचाना था को एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, इससे भारी राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया। मामला पुलिस थाने तक पहुंचा, और उसके बाद जांच शुरू की गई। हालांकि, विधायक यादव लगातार यह कहते रहे हैं कि यह वीडियो फर्जी है और इसे चुनाव के दौरान जानबूझकर उन्हें बदनाम करने के लिए फैलाया गया था।
वायरल MMS वीडियो की जांच में हो रही देरी पर विधायक की प्रतिक्रिया

यादव ने कहा कि जांच पिछले तीन साल से चल रही है। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले FIR दर्ज की गई थी, लेकिन जांच अभी भी अधूरी है।
यादव ने कहा: “वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद हमने FIR दर्ज कराई थी। जांच अभी भी लंबित है। हमें सच्चाई की तह तक पहुंचना होगा।”
चुनावों के दौरान वीडियो फैलाने के आरोप

देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि यह वीडियो चुनाव के दौरान उनके मतदाताओं की सोच को प्रभावित करने और उनकी राजनीतिक छवि को खराब करने के खास इरादे से फैलाया गया था। उन्होंने इस घटना को एक राजनीतिक साजिश करार दिया।
देवेंद्र यादव की फोरेंसिक रिपोर्ट
शुरुआत में ही, यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया था कि यह वीडियो मनगढ़ंत है। इसके बाद, उन्होंने एक फोरेंसिक रिपोर्ट भी सौंपी, जिसमें यह निष्कर्ष निकला कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वास्तव में यादव नहीं थे।
MMS वीडियो वायरल होने पर यादव की प्रतिक्रिया

जब यह वीडियो पहली बार वायरल हुआ, तो यादव बहुत भावुक हो गए थे। मीडिया से बात करते समय उनकी आंखों में आंसू भी आ गए थे। उन्होंने बताया कि वीडियो सार्वजनिक रूप से फैलने से कई महीने पहले ही उन्हें मिल गया था और उन्होंने उसी समय इसके संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के जानबूझकर किए गए प्रयास के तहत रची गई एक साजिश थी।
FAQ
Q1: देवेंद्र यादव MMS विवाद कब शुरू हुआ था?
A: यह विवाद 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के दौरान शुरू हुआ था, जब सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ था।
Q2: विधायक देवेंद्र यादव का वीडियो असली था या फर्जी?
A: देवेंद्र यादव ने दावा किया कि यह वीडियो फर्जी है। उन्होंने पुलिस को फोरेंसिक रिपोर्ट भी सौंपी, जिसमें यह साबित हुआ कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति यादव नहीं थे।
Q3: इस मामले की जांच अब तक क्यों लंबित है?
A: विधायक यादव के अनुसार, मामला पिछले तीन साल से लंबित है। FIR तत्काल दर्ज की गई थी, लेकिन जांच अब तक पूरी नहीं हुई है।
Q4: वीडियो वायरल होने के पीछे किसका उद्देश्य था?
A: देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि यह वीडियो उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा चुनाव के समय उनकी छवि खराब करने और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए फैलाया गया था।
Q5: विधायक ने इस मामले में अब क्या कदम उठाए हैं?
A: हाल ही में यादव ने अपनी तस्वीरें और वीडियो पुलिस को सौंपे हैं और मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है।

















