Swami Swaroopanand Saraswati: हिंदू सनातन धर्म के सर्वश्रेष्ठ स्वामी शंकराचार्य जी को सोमवार को पूरे विधि विधान के साथ समाधि दे दी है। समाधि स्‍थल पर उन्हें राजकीय सम्मान भी दिया गया उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और उसके बाद गार्ड ऑफ ऑनर का भी सम्मान दिया गया।

उन्हें उनके परमहंसी गंगा आश्रम झोतेश्वर में समाधि दी गई है। उनकी अंतिम विदाई में वहां पर मौजूद लोगों ने जयगुरुदेव के नारे लगाए।वहां पर कई बड़े संत- महांत लोग आए थे इसी दौरान उनके अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी वहां उपस्थित रहे।

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नए उत्तराधिकारी की गई घोषणा

शंकराचार्य ज्योतिषपीठ और द्वारका शारदापीठाधीश्वर के स्वामी थे अब उनकी जगह स्वामी सदांनद सरस्वती को द्वारका शारदापीठ और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को ज्योतिषपीठ बद्रीनाथ का स्वामी बनाया गया है।शंकराचार्य स्वरुपानंद के पार्थिव शरीर के सामने अगले उत्तराधिकारी के नामों को घोषित किया गया है।

पांच अग्निपीठ के आचार्य महामंडलेश्‍वर ब्रह्मर्षि रामकृष्‍णानंद ने शॉल श्रीफल देकर दोनों शंकराचार्यों को सम्मान दिया और इसके बाद पालकी में शंकराचार्य के पार्थिव शरीर को समाधि स्‍थल तक लाया गया और समाधि की प्रक्रिया शुरू की गई। बनारस के आचार्य पंडित अवध राम पांडे के आचार्यत्‍व में भू समाधि का कार्यक्रम हुआ।

मुख्यमंत्री के साथ कई मंत्री भी थे उपस्थित

शंकराचार्य के अंतिम समय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, विधायक जयवर्धन सिंह, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्‍खा, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्‍नू, मैथिली तिवारी, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, शेखर चौधरी, सुरेश पचौरी, विधायक अजय विश्नोई, विधायक लखन घनघोरिया मौजूद रहे।

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