Top News

₹2 लाख की लॉटरी का कॉल पड़ न जाए भारी! रीवा में गरीब किसान से ₹15,200 की ऑनलाइन ठगी, आप भी रहें सावधान

रीवा ऑनलाइन ठगी

रीवा, मध्य प्रदेश: अगर आपके पास भी किसी अनजान नंबर से कॉल आए और कहा जाए कि आपने लाखों रुपये की लॉटरी जीत ली है, तो सावधान हो जाइए। साइबर ठग इन दिनों इसी तरह के लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश के रीवा जिले से सामने आया है, जहां एक गरीब किसान-मज़दूर से लॉटरी के नाम पर हजारों रुपये ठग लिए गए। पीड़ित पवन कुमार कोल ने साइबर हेल्पलाइन और स्थानीय पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।

रीवा ऑनलाइन ठगी

जियो कंपनी का कर्मचारी बनकर किया फोन

जानकारी के अनुसार, पवन कुमार कोल, निवासी ग्राम एवं पोस्ट हटवा, थाना गुढ़, जिला रीवा (मध्य प्रदेश), किसान-मज़दूर के रूप में काम करते हैं। उनकी रोजाना आय लगभग ₹100 से ₹150 के बीच है।

बताया गया कि 6 जून 2026 को उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को जियो कंपनी का कर्मचारी बताया और दावा किया कि पवन कुमार कोल की ₹2 लाख की लॉटरी निकली है। आरोपी ने लॉटरी की राशि प्राप्त करने के लिए पहले ₹15,200 जमा कराने की बात कही।

UPI के जरिए भेजी गई रकम

बताया गया कि पवन कुमार कोल ने अपने परिचित के माध्यम से ₹15,200 नकद दिए, जिसके बाद यह रकम UPI के जरिए अनिकेत यादव नाम के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। भुगतान से संबंधित स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध बताया गया है।

रीवा ऑनलाइन ठगी

दूसरी बार मांगे गए ₹10,000, तब हुआ शक

राशि प्राप्त होने के बाद आरोपी ने दोबारा फोन कर ₹10,000 और जमा कराने की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि इसके बाद पीड़ित को ₹2 लाख रुपये और एक गाड़ी प्रदान की जाएगी।

लगातार पैसों की मांग होने पर पवन कुमार कोल को संदेह हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार बन चुके हैं।

साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई शिकायत

घटना के बाद पीड़ित पवन कुमार कोल ने एक स्थानीय युवक सचिन पांडेय से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। सचिन पांडेय ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई तथा पीड़ित को गुढ़ थाना में लिखित शिकायत देने की सलाह दी। सचिन पांडेय के अनुसार, उनके पास पीड़ित का वीडियो बयान, भुगतान का स्क्रीनशॉट और मामले से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है।

गरीब मजदूरों और किसानों को बना रहे हैं निशाना

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर और कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं। लॉटरी, नौकरी, इनाम, सरकारी योजना और बैंक अपडेट जैसे बहानों का इस्तेमाल कर उनसे पैसे ऐंठे जाते हैं।

ऐसे कॉल आए तो तुरंत हो जाएं सावधान

  • किसी भी लॉटरी या इनाम के नाम पर पैसे जमा करने की मांग को तुरंत संदेह की नजर से देखें।
  • जियो, बैंक या किसी भी बड़ी कंपनी की ओर से मिलने वाले ऐसे दावों की आधिकारिक माध्यमों से पुष्टि करें।
  • अनजान खातों में पैसे ट्रांसफर न करें।
  • ठगी का संदेह होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
  • साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज की जा सकती है।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

रीवा की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर ठग लोगों की मेहनत की कमाई पर नजर लगाए बैठे हैं। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता आपको ऐसी ठगी से बचा सकती है। यदि आपके पास भी लॉटरी, इनाम या मुफ्त गाड़ी देने का दावा करने वाला कोई कॉल आए, तो पहले उसकी सच्चाई जांचें और फिर ही कोई कदम उठाएं।

लोगों से अपील है कि इस तरह की घटनाओं की जानकारी अपने परिवार, गांव और आसपास के लोगों तक जरूर पहुंचाएं, ताकि कोई और व्यक्ति साइबर ठगों का शिकार न बने।

अस्वीकरण: इस समाचार में दी गई जानकारी पीड़ित पक्ष द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों और दस्तावेजों पर आधारित है। मामले की जांच संबंधित पुलिस एवं साइबर अपराध प्रकोष्ठ द्वारा की जानी है। आरोपित पक्ष का पक्ष सामने आने पर समाचार को अपडेट किया जा सकता है।

Read more: EPFO 3.0 Rules 2026: अब UPI और ATM से मिनटों में निकाल सकेंगे PF का पैसा, जानें नए नियम

Share post: facebook twitter pinterest whatsapp