आकाशवाणी भवन प्रोटेस्ट के दौरान राहुल गांधी ने प्रियंका को रेड ड्रिंक ऑफर की। जानिए वायरल वीडियो का सच, ड्रिंक की पहचान और प्रोटेस्ट की पूरी कहानी।

नई दिल्ली में 6 अक्टूबर को INDIA bloc का प्रदर्शन सुर्खियों में रहा। बैरिकेड, नारेबाजी और पुलिस कार्रवाई के बीच एक छोटा सा वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को एक लाल रंग की ड्रिंक ऑफर करते दिख रहे हैं।
यह घटना आकाशवाणी भवन के पास की है। वीडियो में प्रियंका पहले थोड़ा हिचकिचाती नजर आती हैं। वे बोतल को देखती हैं और ड्रिंक को सूंघती हैं, फिर आगे बढ़ती हैं। सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान राजनीतिक टकराव से ज्यादा इसी हल्के-फुल्के भाई-बहन वाले पल पर गया।
Times of India ने इसे विपक्ष का मार्च रोके जाने के बाद का एक "लाइट मोमेंट" बताया।
इस सवाल पर रिपोर्ट्स एक जैसी नहीं हैं।
Times of India और Free Press Journal की रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रियंका ने ड्रिंक सूंघने के बाद आखिर में एक सिप लिया। वहीं Siasat की रिपोर्ट के अनुसार क्लिप उसी जगह खत्म हो जाती है जहां प्रियंका ड्रिंक सूंघती हैं, और उनके पीने की बात साफ तौर पर नहीं दिखती।
वायरल क्लिप्स छोटी हैं और अलग-अलग वर्जन में थोड़े अलग नजर आते हैं। इसलिए सबसे सही बात यही है कि प्रियंका ड्रिंक को देखते और सूंघते दिखीं। उन्होंने सच में सिप लिया या नहीं, यह सभी उपलब्ध फुटेज में एक जैसा साबित नहीं होता।
सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में इस लाल रंग की ड्रिंक को Sting एनर्जी ड्रिंक बताया गया है। Aaj Tak की रिपोर्ट के अनुसार प्रोटेस्ट के दौरान राहुल गांधी Sting पीते दिखे और प्रियंका को दी गई बोतल भी वही ड्रिंक बताई गई।
हालांकि वायरल फुटेज के हर वर्जन में बोतल की ब्रांडिंग इतनी साफ नहीं है कि सिर्फ वीडियो देखकर ब्रांड की पुष्टि की जा सके। इसलिए इसे "रिपोर्ट के अनुसार Sting" कहना ही सही है। सिर्फ क्लिप के आधार पर इसे पक्का तथ्य नहीं मानना चाहिए।
दोनों नेता INDIA bloc के उस प्रदर्शन का हिस्सा थे जो चुनाव आयोग के खिलाफ 6 अक्टूबर को दिल्ली में हुआ। विपक्षी नेता संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। उनकी मांग थी कि चुनाव अधिकारियों से मुलाकात कराई जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों के Special Intensive Revision (SIR) और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर विपक्ष की आपत्तियों से जुड़ा था।
पुलिस ने नेताओं को चुनाव आयोग कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। इसी दौरान राहुल गांधी राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लेकर पुलिस बैरिकेड पर चढ़ते दिखे, क्योंकि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव बढ़ गया था।
इसके बाद राहुल और प्रियंका अन्य विपक्षी नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंचे और वहीं धरना जारी रखा।
धरना आठ घंटे से ज्यादा चला। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और बाकी विपक्षी नेता पुलिस द्वारा चुनाव आयोग की ओर बढ़ने से रोके जाने के बाद परिसर में ही बैठे रहे।
PTI की रिपोर्ट्स के अनुसार बाद में पुलिस ने परिसर खाली कराया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें लगभग 50 सांसद शामिल थे। कुछ अन्य रिपोर्ट्स में यह संख्या करीब 260 बताई गई है।
उस दिन का माहौल काफी तनावपूर्ण था। बैरिकेड, नारे, हिरासत और लंबा धरना, सब कुछ चर्चा में था। ऐसे माहौल में राहुल का बहन को सहजता से ड्रिंक ऑफर करना बिल्कुल अलग तस्वीर लगा।
प्रियंका की हिचक, ड्रिंक सूंघना और राहुल का आग्रह करना, ये सब पल बहुत स्वाभाविक और निजी लगे। वीडियो के वायरल होने की बड़ी वजह शायद यही कंट्रास्ट रहा।
ड्रिंक की पहचान को लेकर भी खूब चर्चा हुई और कई यूजर्स ने इसे Sting बताया। कुछ लोगों ने बोतल में क्या था, इस पर अटकलें भी लगाईं। लेकिन उपलब्ध रिपोर्टिंग में ऐसा कोई सत्यापित सबूत नहीं है जो रिपोर्ट की गई ड्रिंक के अलावा किसी और चीज की ओर इशारा करे।
लंबे धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर से प्रदर्शनकारियों को हटाया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। उन्हें किंग्सवे कैंप के न्यू पुलिस लाइंस ले जाया गया और उसी रात बाद में छोड़ दिया गया।
यह प्रोटेस्ट मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी टकराव का हिस्सा था। चुनाव आयोग और BJP ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
INDIA bloc के प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन के पास बैठे राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी को लाल रंग की ड्रिंक ऑफर की। प्रियंका पहले हिचकिचाईं और ड्रिंक सूंघती नजर आईं।
उन्होंने सिप लिया या नहीं, इस पर रिपोर्ट्स अलग-अलग हैं, इसलिए इसे पक्के तथ्य की तरह नहीं बताया जा सकता। ड्रिंक को व्यापक रूप से Sting बताया गया है, लेकिन यह पहचान रिपोर्टिंग और वीडियो की व्याख्या पर आधारित है, हर वर्जन में ब्रांडिंग साफ नहीं दिखती।
फिर भी राजनीतिक टकराव और पुलिस कार्रवाई से भरे दिन में इस पल ने गांधी भाई-बहन की एक अनौपचारिक झलक दिखाई।