दक्षिणी कश्‍मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षबलों ने गुरूवार को जैश-ए-मोहम्‍मद और हिजबुल मुजाहिदीन की फिदायीन हमले की साजिश नाकाम कर दिया।

भारतीय सेना द्वारा राजपोरा इलाके के 45 किलो आईईडी से एक सेंट्रो कार को पकड़ने का मामला सामने आया। आतंकियो ने कार पर फर्जी नम्‍बर प्‍लेट का इस्‍तेमाल इस घटना को अंजाम देने का फैसला किया था। इस कार को सेना द्वारा गुरूवार को विस्‍फोट कर दिया गया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विस्फोटकों से लदी कार के मालिक की पहचान का खुलासा किया है जिसे पुलवामा में रोक दिया गया था। पुलिस ने कहा कि हिदायतुल्ला मलिक शोपियां का रहने वाला है और पिछले साल हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। पुलिस ने पहले कहा, “हमें संदेह है कि वाहन 40-45 किलोग्राम विस्फोटक ले जा रहा था … हमें पिछले सप्ताह से सूचना मिल रही थी कि आतंकवादी हमला करेंगे।”

 2019 में हुए आतंकी हमले के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा पुलवामा हो सकता था। सूत्रों की मानें तो आंतकियों द्वारा 400 लोगों को निशाना बनाने का इरादा था जिनमें भारतीय जवान शामिल थे। कश्‍मीर पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कि है कि यह अब तक के सबसे खतरनाक हमले की साजिश थी।

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