मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज मोदी लहर जारी है, जंबुरी मैदान में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने और 100 करोड़ के बजट में तैयार हुए भोपाल के वर्ल्‍ड क्‍लास रेल्‍वे स्‍टेशन हबीबगंज का नाम बदलकर कर उद्घाटन करने प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे हैं।

भोपाल की हर सड़को पर मोदी के स्‍वागत की तैयारियां धूमधाम से की जारी हैं, “आज, भारत अपना पहला जनजातीय गौरव दिवसमना रहा है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार आदिवासी समाज की कला और संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान को गर्व से याद और सम्मानित किया जा रहा है,”

महासम्मेलन में मोदी जी की इन बातों पर चर्चा:

महासम्‍मेलन पर मोदी जी ने आदिवासी समाज पर चर्च करते हुए कहा कि “जब हम राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समाज के योगदान पर चर्चा करते हैं, तो कुछ लोग हैरान हो जाते हैं। वे विश्वास नहीं कर सकते कि भारत की संस्कृति को मजबूत करने में आदिवासी समाज की सबसे बड़ी भूमिका रही है। लेकिन उनके योगादान को अंधेरे में रखा गया और इस पर बहुत सीमित जानकारी दी गई थी … ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आजादी के बाद दशकों तक देश पर शासन करने वालों ने अपनी स्वार्थी राजनीति को प्राथमिकता दी। दशकों तक, लोगों की संस्कृति और क्षमता को नजरअंदाज किया गया, भले ही वे भारत की आबादी का लगभग 10% हिस्सा हैं। उनके मुद्दे, शिक्षा और स्वास्थ्य उनके लिए कोई मायने नहीं रखते थे।

हबीबंग (रानी कमलापति रेल्‍वे स्‍टेशन) पहुंचे प्रधानमंत्री

जनजातीय गौरव दिवस या आदिवासी गौरव दिवस पर मोदी की भोपाल यात्रा से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रानी कमलापति की बहादुरी और विरासत का सम्मान करने के उद्देश्य से नए नाम की घोषणा की। जिसका उद्घाटन करने पीएम रेल्‍वे स्‍टेशन पहुंचे हैं। खबरों की माने तों इस रेल्‍वे मॉडल पर 440 करोड़ रुपये की लागत आयी है।

कमलापति रेल्‍वे स्‍टेशन पर पीएम मोदी का बयान

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