प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोनावायरस महामारी के बीच 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पैकेज भारत की जीडीपी का लगभग 10% है। उन्होंने कहा, "विशेष आर्थिक पैकेज में भूमि, श्रम, तरलता और कानूनों पर जोर होगा। बुधवार से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विशेष आर्थिक पैकेज के विवरण की घोषणा करेंगी," उन्होंने कहा।

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पर आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह आर्थिक पैकेज दुनियां का 5वां सबसे बड़ा राहत पैकेज है। इससे पहले कोरोना महामारी से उबरने के लिए सबसे बड़ा राहत पैकेज जापान ने दिया है जोकि उनकी जीडीपी का 21.1 प्रतिशत है। उसके बाद दूसरे नम्‍बर पर अमेरिका जिसने अपनी जीडीपी का 13 प्रतिशत राहत पैकेज घोषित किया है। स्‍वीडन ने अपनी जीडीपी का 12 प्रतिशत राहत पैकेज घोषित किया है जो तीसरे स्‍थान में शामिल हुई और चौथे नम्‍बर पर जर्मनी जिसने अपनी जीडीपी का 10.7 प्रतिशत राहत पैकेज घोषित किया है।

भारत इस लिस्‍ट में  5वें स्‍थान पर है जिसने अपनी जीडीपी का 10 प्रतिशत राहत पैकेज घोषित किया है। वित्‍तीय पैकेज के बारे मे विस्‍तार से समझाने के लिए पीएम मोदी ने कहा सरकार ने भूमि, श्रम, तरलता और कानूनों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 20,00,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की। यह देश की जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत है और इसका उद्देश्य मध्यम वर्ग, व्यापारिक और सभी समुदाय को आत्‍मनिर्भर बनाना होगा।

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