अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने रविवार को कोरोना के नए वैरियंट के बारे में चैतावनी देते हुए कहा कि बढ़ते COVID-19 मामलों को देखते हुए, भारत को किसी भी स्थिति के लिए खुद को तैयार करना चाहिए।

“हमें तैयार रहना चाहिए और उम्मीद करनी चाहिए कि चीजें यूनाइटेड किंगडम की तरह खराब नहीं हैं। हमें ओमाइक्रोन पर अधिक डेटा की आवश्यकता है। जब भी दुनिया के अन्य हिस्सों में मामलों में वृद्धि होती है, तो हमें इसकी बारीकी से निगरानी करने और किसी के लिए तैयार रहने की आवश्यकता होती है। घटना।” गुलेरिया ने एएनआई से बात करते हुए कहा।

भारत में ओमिक्रोन के मामले अब 150 के पार कर चुके हैं इसमें कोई दोराह नहीं है कि आने वाले महीनों में ओमिक्रोन भी तेजी से देखने को मिलेगा, न्‍यू ईयर और बाकी त्‍यौहार कोरोना की तीसरी लहर की भी वजह बन सकते हैं।

भारत की राजधानी दिल्ली में सोमवार को दो और ओमाइक्रोन मामलों की पुष्टि की गई एएनआई ने बताया, कि दिल्‍ली में ओमिक्रोन की मामले 24 हो चुके हैं। शहर के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इनमें से 12 को छुट्टी दे दी गई है और अन्य 12 का इलाज चल रहा है।

भारत में ओमाइक्रोन मामलों की संख्या अब कम से कम 163 बताई जा रही है। केंद्र और राज्य के अधिकारियों के अनुसार, ओमाइक्रोन मामलों का पता लगाया गया है। इन राज्‍यों में ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है।

  • महाराष्ट्र (54),
  • दिल्ली (24),
  • राजस्थान (17)
  • कर्नाटक (19),
  •  तेलंगाना (20),
  • गुजरात (11),
  • केरल (11),
  • आंध्र प्रदेश (1),
  • चंडीगढ़ (1),
  • तमिलनाडु (1)
  • पश्चिम बंगाल (4)

कोरोना के बढ़ते मामले देखते हुए फरवरी तक तीसरी लहर की अशंका है हालांकि अगर लोग कोरोना के नियमों का ठीक से पालन करते हैं तो इसे रोका जा सकता है।

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