नासिक में एक अस्पताल में ऑक्सीजन लीक होने के बाद लगी आग और ऑक्सीजन सप्लाई रोक देने के बाद वेंटीलेटर सपोर्ट पर सर्वाइव कर रहे 24 मरीजों की मौत से शायद राजधानी भोपाल के अस्पतालों ने कोई सबक नहीं लिया है। इसलिए भोपाल के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा कभी भी पेशेंट्स को भुगतना पड़ सकता है।
मंगलवार को नगर निगम की टीम ने इंजीनियर्स के साथ राजधानी के120 अस्पतालों का ऑडिट शुरू किया। निरीक्षण के दौरान बड़ी लापरवाहियां उजागर हुई, जिनसे अस्पताल में काम कर रहे कर्मचारियों के साथ यहां एडमिट पेशेंट्स को भी खतरा है। मरीजों की जान से की जा रही इस तरह खिलवाड़ से नगर निगम ने कई अस्पतालों को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है। ये कार्रवाई इसलिए की गई ताकि राजधानी में किसी भी अप्रिय घटना को घटित होने से पहले ही रोका जा सके।
निगम अधिकारियों ने दी अस्पतालों को हिदायत, दुरुस्त करें व्यवस्थाएं :नासिक में हुई घटना से सबक लेते हुए नगर निगम के इंजीनियर्स की टीम ने राजधानी भोपाल के विभिन्न अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान एलबीएस, सिल्वर लाइन, ग्रीन सिटी, निर्वाण, सहारा, रेड क्रॉस और मध्य प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल हमीदिया में भी कई खामियां निकलीं। इन खामियों के सामने आने के बाद नगर निगम ने सभी अस्पतालों के प्रशासन को नोटिस जारी कर 3 दिन में अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।
निरीक्षण में इन सभी अस्पतालों के ऑक्सीजन प्लांट और सप्लाई सिस्टम में बड़ी खामियां सामने आई हैं। निगम के अफसरों ने अस्पताल प्रशासन को हिदायत देते हुए समय पर सभी कमियां दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
इन खामियों के कारण जारी किए गए नोटिस :निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि शहर के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर सुरक्षित स्थानों पर सुरक्षित तरीके से नहीं रखे गए हैं। न ही इन ऑक्सीजन सिलेंडर का सेफ्टी ऑडिट अस्पतालों द्वारा किया जा रहा था। ज्यादातर अस्पतालों ने प्लांट का संचालन भी नौसिखियों को सौंप कर रखा था। प्रशिक्षित टैक्नीशन न होने से अस्पताल में कभी भी बड़ा हादसा घटित हो सकता था।
इसलिए निगम ने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी जारी कर कमियों को समय पर दूर करने को कहा है। यदि अस्पताल संचालक समय पर इन कमियों को दूर नहीं करते हैं तो निगम द्वारा अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इन अस्पतालों में भी खामियां आईं सामने :
कस्तूरबा अस्पताल में गैस का प्रेशर लो और हाई करने वाला वॉल्व खराब मिला। वहीं एम्स में व्यवस्थाएं तो दुरुस्त मिलीं, लेकिन यहां कर्मचारी ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए ट्रॉली न होने के कारण कर्मचारी इन्हें लुढ़का कर ला रहे थे। जिसके कारण कभी भी अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती थी। वही रेडक्रॉस में भी ऑक्सीजन लीक होते पाई गई। जिसे मौके पर ही दुरुस्त कराया गया।
इन अधिकारियों ने किया अस्पताल का दौरा :
नगर निगम के अपर आयुक्त सीपी गोहिल के नेतृत्व में एक्सक्यूटिव इंजीनियर आशीष श्रीवास्तव, एई चंचलेश कुमार की टीम ने विभिन्न अस्पतालों का दौरा किया। टीम ने विभिन्न अस्पतालों के साथ भेल स्थित एम्स, कस्तूरबा और अरेरा कॉलोनी स्थित भोपाल फ्रेक्चर हॉस्पिटल का भी दौरा किया।















