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Nagpur Conversion Case: एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी से दुष्कर्म और धर्मांतरण के आरोप, दो गिरफ्तार

Nagpur Conversion Case

Nagpur Conversion Case: नागपुर  से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहाँ भारतीय वायुसेना (Air Force) के एक अधिकारी की पत्नी ने एक शख्स पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि प्रॉपर्टी खरीदने के दौरान संपर्क में आए एक व्यक्ति ने न सिर्फ उसका शारीरिक शोषण किया, बल्कि ब्लैकमेल करके उस पर धर्म बदलने का दबाव भी बनाया। इस मामले में पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए दो लोगों को हिरासत में ले लिया है और आगे की कड़ियाँ जोड़ने में जुट गई है।

Nagpur Conversion Case: क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, यह पूरी कहानी फरवरी 2025 से शुरू हुई थी। 24 साल की पीड़ित महिला एक प्लॉट खरीदना चाहती थी और इसी सिलसिले में उसकी मुलाकात अय्याज ताज मदारे नाम के व्यक्ति से हुई। आरोप है कि एक दिन बातचीत करने के बहाने आरोपी महिला को एक होटल में ले गया। वहाँ उसने महिला की ड्रिंक में कोई नशीली चीज मिला दी और जब महिला होश में नहीं थी, तो उसके साथ गलत काम किया।

महिला का आरोप है कि आरोपी ने उस वक्त की कुछ आपत्तिजनक वीडियो भी रिकॉर्ड कर लीं। बाद में वो इन्हीं वीडियो के दम पर महिला को डराने-धमकाने और ब्लैकमेल करने लगा। बात सिर्फ यहीं तक नहीं रुकी, बदनामी के डर का फायदा उठाकर आरोपी ने महिला से करीब 4 लाख रुपये भी वसूल लिए।

बार-बार शोषण और धमकी के आरोप

दर्ज हुई एफआईआर (FIR) के अनुसार, वीडियो को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी महिला का लगातार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करता रहा। शिकायत में महिला ने यह बड़ा दावा भी किया है कि आरोपी उस पर अपना धर्म बदलने के लिए लगातार मानसिक दबाव बना रहा था और उसे जबरन कुछ धार्मिक रीति-रिवाजों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था।

हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी पुलिस गहराई से पड़ताल कर रही है और स्वतंत्र रूप से इनकी पुष्टि होना बाकी है।

छिंदवाड़ा ले जाकर धर्मांतरण कराने का आरोप

पीड़िता के पति की तरफ से जो शिकायत दी गई है, उसमें कहा गया है कि बीती 31 मई को महिला को किसी तरह मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा ले जाया गया। आरोप है कि वहाँ अय्याज मदारे और अमीन शेख के साथ एक मौलाना भी मौजूद था, जिनकी देखरेख में कुछ धार्मिक रस्में पूरी कराई गईं।

शिकायत के मुताबिक, वहाँ महिला पर धर्म परिवर्तन का पूरा दबाव बनाया गया और जबरन एक निकाह जैसी रस्म भी पढ़ा दी गई। नागपुर पुलिस फिलहाल इस पूरी कहानी और आरोपों के पीछे की सच्चाई जानने की कोशिश कर रही है।

एयरफोर्स अधिकारी पति ने दर्ज कराई शिकायत

पीड़ित महिला के पति भारतीय वायुसेना में अफसर हैं और जब यह पूरी वारदात हो रही थी, तब उनकी पोस्टिंग नागपुर से बाहर थी। जैसे ही उन्हें इस बात का पता चला, उन्होंने 14 जून को सोनेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तत्परता दिखाते हुए दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा।

Nagpur Conversion Case

दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

इस मामले में नागपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी अय्याज ताज मदारे और उसका साथ देने वाले अमीन शेख को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे जबरन पैसे वसूलने, यौन उत्पीड़न, धर्मांतरण के दावों और इस केस से जुड़े सभी डिजिटल सबूतों (जैसे फोन रिकॉर्ड और वीडियो) की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि क्या इस पूरे खेल में कुछ और लोग भी शामिल थे? बताया जा रहा है कि एक और आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

पुलिस ने क्या कहा?

मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि वे हर पहलू को ध्यान में रखकर तफ्तीश कर रहे हैं। चूंकि आरोप बेहद संवेदनशील और गंभीर हैं, इसलिए मोबाइल डेटा, बैंक से हुए वित्तीय लेन-देन और बाकी सबूतों को वैज्ञानिक तरीके से खंगाला जा रहा है। पूरी जांच होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि असल हकीकत क्या है।

यह पूरी खबर पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत और शुरुआती आरोपों पर आधारित है। मामले की कानूनी जांच अभी चल रही है। देश के कानून के मुताबिक, जब तक अदालत में आरोप साबित नहीं हो जाते, तब तक किसी भी आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।

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Disclaimer: यह समाचार विभिन्न सोशल मीडिया पोस्ट्स, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और प्रारंभिक पुलिस शिकायत के आधार पर तैयार किया गया है। इस मामले से हमारी वेबसाइट, संपादकीय टीम या लेखक का किसी भी पक्ष से कोई संबंध नहीं है। लेख का उद्देश्य केवल उपलब्ध जानकारी को समाचार के रूप में प्रस्तुत करना है। मामले की जांच जारी है और सभी आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। अदालत में दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानूनन निर्दोष माने जाते हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम का इंतजार करें।

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