कोरोनावायरस महामारी ने दुनिया भर में अब तक 4.7 लाख से अधिक लोगों की जान ले ली है। भारत में, मरने वालों की संख्या 13,000 से अधिक है। लेकिन अच्‍छी खबर यह है कि भारत में अब इस महामारी के इलाज के लिए प्रभावी दवाएं उपलब्‍ध हैं।

DGCI ने भारत में अपनी COVID-19 उपचार दवा को रोल करने के लिए 3 कंपनियों को मंजूरी दी है। ये कंपनियां हैं – सिप्ला, ग्लेनमार्क और हेटेरो। और इनके द्वारा तीन दवाएं जिनमें सिप्रेम, फैबीफ्लू और कोविफर शामिल हैं।

तीनों ने कथित तौर पर अब तक के अच्छे परिणाम दिखाए हैं और अब उन्हें धीरे-धीरे सख्त चिकित्सा अवलोकन के तहत उपयोग में लाया जा रहा है।

ड्रग फर्म ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने शनिवार को कहा कि उनके ब्रांड के नाम तहत एंटीवायरल दवा फैबीफ्लू को लॉन्च किया है, जिसमें मध्यम कोविद -19 वाले मरीजों के इलाज के लिए लगभग 103 रुपये प्रति टैबलेट की कीमत है।

ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने कहा कि यह दवा 34 टैबलेट की एक स्ट्रिप के लिए 3,500 रुपये के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर 200 मिलीग्राम टैबलेट के रूप में उपलब्ध होगी।

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फैबीफ्लू टैबलेट से जुड़ी कुछ महत्‍वपूर्ण बातें-

  • फेबीफ्लू कोविद -19 के उपचार के लिए भारत में पहली असरदार दवा है जो अब भारत में मेडिकल स्‍टोर पर उपलब्‍ध होगी।
  • यह एक डॉक्टर के पर्चे पर आधारित दवा है, जिसकी सिफारिश की गई कोरोना मरीज को यह खुराक एक दिन में दो बार लेनी है
  • जिसका दैनिक 1,800 मिलीग्राम है, इसके बाद 800 मिलीग्राम प्रति दिन में दो बार 14 दिनों तक लेना है, दवा फर्म ने कहा।
  • 34 टेबलेटस् के इसकी कीमत 3,500 रुपये है। जिसमें 14 दिनों की खुराक है।
  • दवा अस्पतालों और बाजार दोनों के माध्यम से आपको उपलब्ध होगी।
  • कथित तौर पर, स्ट्राइड्स फार्मा, ब्रिंटन फ़ार्मास्युटिकल्स, लेसा सुपरजेनिक्स और ऑप्टिमस फ़ार्मा इसके लॉन्च के लिए तैयार कंपनियों में शामिल हैं।
  • Favipiravir मजबूत नैदानिक साक्ष्य द्वारा समर्थित है, जो मध्यम कोविद -19 के रोगियों में बहुत ही अच्‍छे परिणाम देती है।
  • अध्ययन के लिए 10 से अधिक प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों के रोगियों को नामांकित किया गया था।
  • यह चार दिनों के भीतर वायरल लोड में तेजी से कमी प्रदान करता है और तेजी से रोगसूचक और रेडियोलॉजिकल सुधार प्रदान करता है।

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