गाजियाबाद में करवाचौथ से पहले शशांक पर चाकू से 12 वार किए गए। पुलिस ने पत्नी प्रिया शर्मा और जिम ट्रेनर प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है।

गाजियाबाद में करवाचौथ से पहले सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वसुंधरा सेक्टर-1 में रहने वाले 35 वर्षीय शशांक कंथारिया पर उनके घर में घुसकर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। पुलिस का आरोप है कि इस हमले की साजिश उनकी पत्नी प्रिया शर्मा ने कथित प्रेमी और जिम ट्रेनर प्रताप सिंह के साथ मिलकर रची थी। हमले में शशांक गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि घटना के समय दंपती की छोटी बेटी भी घर में मौजूद थी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
यह घटना 26 अक्टूबर 2026 की सुबह गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के वसुंधरा सेक्टर-1 स्थित एक आवासीय सोसाइटी में हुई।
पुलिस के मुताबिक, शशांक कंथारिया अपनी पत्नी प्रिया शर्मा और छोटी बेटी के साथ यहां किराये के फ्लैट में रहते थे। शशांक और प्रिया दोनों अकाउंटेंट के तौर पर काम करते थे। रिपोर्टों के अनुसार, शशांक डाक विभाग में सीनियर अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे।
आरोप है कि सोमवार तड़के जिम ट्रेनर प्रताप सिंह घर में दाखिल हुआ और सो रहे शशांक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में उनके शरीर पर करीब 12 वार किए जाने की जानकारी दी गई है।
हमले के दौरान शशांक ने शोर मचाया। उनकी चीखें सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। इसके बाद आरोपी को पकड़ने की कोशिश की गई और पुलिस को सूचना दी गई।
गंभीर रूप से घायल शशांक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी गर्दन पर गहरे घाव आए थे और जीभ भी चोटिल हुई थी। उनकी सर्जरी किए जाने की जानकारी भी सामने आई। हालांकि, उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
इस मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज को अहम माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि फुटेज में सुबह करीब 5:17 बजे प्रिया शर्मा को सोसाइटी से कार लेकर निकलते देखा गया।
इसके कुछ मिनट बाद प्रताप सिंह सोसाइटी में तेजी से जाते हुए दिखाई दिया। आरोप है कि वह शशांक के फ्लैट की ओर गया और घर में प्रवेश कर उन पर हमला किया।
रिपोर्टों के अनुसार, सुबह करीब 5:23 बजे प्रताप को घर से बाहर निकलते देखा गया। आसपास मौजूद लोगों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। स्थानीय लोगों और सुरक्षा गार्ड की मदद से उसे सोसाइटी के मुख्य गेट के पास पकड़ लिया गया।
बताया गया कि शशांक की चीखें सुनकर पड़ोसी बाहर आए थे। घर में मौजूद छोटी बच्ची के रोने की आवाज भी सुनाई दी थी। कुछ समय बाद शशांक को गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस का आरोप है कि प्रिया ने प्रताप के लिए घर में प्रवेश आसान बनाने में भूमिका निभाई थी। हालांकि, सीसीटीवी में दिखाई देने वाली गतिविधियों और कथित साजिश के बीच संबंध की पुष्टि जांच में जुटाए गए सभी साक्ष्यों के आधार पर होनी है।
पुलिस के मुताबिक, प्रिया शर्मा की मुलाकात प्रताप सिंह से जिम में हुई थी। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि प्रिया पिछले करीब सात से आठ महीने से वसुंधरा स्थित एक जिम में जा रही थी।
इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ीं। पुलिस की पूछताछ के संबंध में प्रकाशित खबरों में दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात कही गई है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों व्हाट्सऐप और फोन कॉल के जरिए भी संपर्क में रहते थे। पुलिस ने कथित बातचीत और मैसेज को जांच का हिस्सा बनाया है।
हालांकि, किसी निजी रिश्ते या उसके बारे में सामने आए दावों के आधार पर अपराध का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इस मामले में अहम सवाल यह है कि क्या दोनों के बीच हुई बातचीत से हमले की पूर्व योजना की पुष्टि होती है। इसका जवाब पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही सामने आएगा।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस का दावा है कि शशांक को अपनी पत्नी और प्रताप के कथित संबंधों के बारे में पता चल गया था। इस बात को लेकर उनके बीच विवाद होने की जानकारी भी सामने आई है।
बताया गया कि शशांक दिवाली के बाद अपना फ्लैट बदलने की योजना बना रहे थे। पुलिस को संदेह है कि इस घटनाक्रम ने कथित साजिश में भूमिका निभाई हो सकती है।
जांच के अनुसार, 25 अक्टूबर की सुबह प्रिया और प्रताप के बीच बातचीत हुई थी। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या उस दौरान शशांक पर हमले की योजना बनाई गई थी।
यह भी आरोप है कि प्रिया कभी-कभी तबीयत खराब होने की बात कहकर घर पर रुक जाती थी और शशांक के काम पर जाने के बाद प्रताप को बुलाती थी।
इन सभी घटनाओं को जोड़कर पुलिस कथित साजिश की कड़ियां तलाश रही है। फिलहाल, इन दावों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं, बल्कि पुलिस के आरोपों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू दंपती की छोटी बेटी की मौजूदगी है। रिपोर्टों के अनुसार, हमले के समय बच्ची घर में थी और पड़ोसियों ने उसके रोने की आवाज सुनी।
घरेलू विवाद या रिश्तों में तनाव का असर केवल संबंधित वयस्कों तक सीमित नहीं रहता। ऐसी घटनाएं बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
हालांकि, बच्ची की स्थिति या घटना के बाद उसकी देखभाल को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
शशांक पर हमले के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए प्रिया शर्मा और प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शशांक के भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ की गई और हमले में इस्तेमाल चाकू बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि गिरफ्तारी या जेल भेजे जाने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
इस मामले में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जा रही है। इनमें कथित साजिश की योजना, हमले में दोनों आरोपियों की भूमिका और घटना से पहले हुई बातचीत शामिल हैं।
पुलिस के लिए प्रमुख सवाल हैं कि क्या मोबाइल चैट और कॉल रिकॉर्ड से हमले की पूर्व योजना की पुष्टि होती है, प्रताप घर में किस तरह दाखिल हुआ और घटना से पहले तथा बाद में दोनों आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं।
सीसीटीवी फुटेज, बरामद चाकू, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इन साक्ष्यों को एक साथ रखकर ही घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
करवाचौथ को आमतौर पर पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे त्योहार से पहले पति पर जानलेवा हमले का मामला सामने आने के कारण यह घटना चर्चा में है।
लेकिन इस घटना को केवल त्योहार या कथित प्रेम संबंध तक सीमित करके देखना सही नहीं होगा। इसका सबसे गंभीर पहलू एक व्यक्ति पर हुआ जानलेवा हमला, एक छोटी बच्ची की मौजूदगी और पुलिस के सामने कथित साजिश की जांच है।
फिलहाल, शशांक की सेहत, कथित योजना के पीछे की परिस्थितियों और दोनों आरोपियों की भूमिका से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
गाजियाबाद के वसुंधरा में शशांक कंथारिया पर चाकू से हमला किए जाने के मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी प्रिया शर्मा और जिम ट्रेनर प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस कथित साजिश और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।