हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ गाजियाबाद केस ट्वीटर के लिए नुकसान दायक साबित हुआ है, आईटी नियमों के तहत ट्वीटर पर सख्त कार्यवाही की गई है। ट्वीटर को भारतीय एक्‍ट 79 के तहत मुली सुरक्षा को हटा दिया गया है यानि ट्वीटर भारत के लिए अब गैरकानूनी सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म की श्रेणी में आ चुका है।

ट्वीटर पर उठाए गए इस बड़े कमद के पीछे नए दिशानिर्देशों का पालन न करना है, यह मुख्यधारा के बीच एकमात्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसने नए कानूनों का पालन नहीं किया है: सरकारी सूत्र

गाजियाबाद केस ने बढ़ाया विवाद

हाल ही में वायरल हुए गाजियाबाद केस को सोशल मीडिया पर कई सेलिब्रिटियों और पत्रकारों जैसे स्‍वारा भास्‍कर, राणा अय्यूब, स्थानीय सपा नेता उम्मेद पहलवान इदरीसी व जुबैर द्वारा काफी शेयर किया गया। इन लोगों द्वारा शेयर की गई इस खबर में गाजियाबाद के मुस्लिम बुजुर्ग को प्रताडित करते दिखाया गया है। जिसमें बताया गया कि बुजुर्ग को जय श्री राम बोलने पर मजबूर किया गया। लेकिन यूपी पुलिस ने जब इस तथ्‍य की जांच की तो ये न्‍यूज फेक निकली जिसका संज्ञान यूपी पुलिस ने सोशल मीडिया पर शेयर किया।

इस फेक वीडियो के तहत हुई कार्यवाही-


गाजियाबाद पुलिस ने की तथ्‍य की जांच

फेक न्‍यूज शेयर करने और गलत खबरों को बढ़ावा देने के लिए यूपी पुलिस ने ट्वीटर सहित स्‍वारा भास्‍कर, राणा अय्यूब, स्थानीय सपा नेता उम्मेद पहलवान इदरीसी व जुबैर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

फेक न्‍यूज फैलाना समाज में गडबड़ी और दंगों की वजह भी बन सकता है, इसलिए सोशल मीडिया पर कोई खबर शेयर करने से पहले इसकी जांच जरूर करें

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