बेंगलुरु के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर एक अजीब और चिंताजनक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें एक व्यक्ति को बैगलूर के Bagalur इलाके में ट्रांस जैसी स्थिति में खड़ा दिखाया गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेज़ बहस शुरू हो गई है और लोगों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग करना शुरू कर दिया है।
इस वायरल क्लिप की चर्चा पिछले कुछ हफ़्तों में चंडीगढ़ में हुई एक डिलीवरी एजेंट घटना के बाद और तेज़ हो गई, जब इसी तरह का अजीब व्यवहार सामने आया था। कई वैज्ञानिकों का कहना है कि वीडियो में दिख रहे हालात Xylazine नामक ड्रग के कारण हो सकते हैं, जिसे अक्सर “zombie drug” कहा जाता है।
zombie drug Xylazine क्या है और कितना खतरनाक है?
May the progeny of the merchants of drugs be doomed and destroyed… May their end be painful and slow… https://t.co/UB41yVT7Lb
— Winston Smith (Āsurā) (@iAsura_) April 7, 2026
Xylazine एक नॉन-ओपियॉइड ट्रैंक्विलाइज़र है, जिसे मूल रूप से बड़े जानवरों जैसे घोड़ों और गायों को शांत करने के लिए बनाया गया है। इंसानों द्वारा गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से दबा देता है।
- इसका इस्तेमाल अक्सर अन्य अवैध ड्रग्स के साथ मिलाकर किया जाता है।
- इससे हृदय की धड़कन बहुत कम हो जाती है और शारीरिक गतिविधि लगभग बंद हो जाती है।
- प्रभावित व्यक्ति जागता रहता है, लेकिन हिल-डुल नहीं सकता।
आपातकालीन परिस्थितियों में इसे नालोक्सोन (Naloxone) से ठीक नहीं किया जा सकता, जिससे पहले प्रतिक्रिया देने वालों के लिए यह चुनौतीपूर्ण बन जाता है।
वैश्विक ड्रग ट्रैफिक और सिंथेटिक एड्स
“Zombie drugs” का आगमन इस बात का संकेत है कि वैश्विक ड्रग व्यापार अब सिंथेटिक ड्रग्स की ओर बढ़ रहा है। Xylazine की सस्ती कीमत के कारण ड्रग डीलर इसे अपने स्ट्रीट ड्रग्स में मिलाते हैं, जिससे यह खतरनाक मिश्रण बन जाता है।
इससे केवल तुरंत मृत्यु का खतरा नहीं बढ़ता, बल्कि लंबे समय तक त्वचा संबंधी रोग, गंभीर संक्रमण और कभी-कभी अंगों की कटाई जैसी स्थितियां भी पैदा हो सकती हैं।
बेंगलुरु में जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर #UdtaBengaluru हैशटैग के जरिए लोग कॉलेज क्षेत्रों और नाइटलाइफ ज़ोन में सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने शहर में युवा लोगों के बीच खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स को लेकर जागरूकता बढ़ा दी है।
पुलिस अभी तक यह पुष्टि नहीं कर पाई है कि बेंगलुरु में Xylazine या इसी तरह का कोई सिंथेटिक ड्रग मौजूद है या नहीं। हालांकि, वीडियो के वायरल होने से लोगों में “better safe than sorry” यानी सतर्क रहने की भावना पैदा हो गई है।
बेंगलुरु की यह घटना दिखाती है कि कैसे दुनिया भर में ड्रग्स का स्वरूप बदल रहा है और सिंथेटिक एड्स का खतरा बढ़ रहा है।
न केवल यह युवाओं के लिए खतरा पैदा करता है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में निवारण भी मुश्किल बनाता है।
शहर की सुरक्षा एजेंसियों और नागरिकों के लिए यह चेतावनी है कि किसी भी अजीब या संदिग्ध स्थिति को नजरअंदाज न किया जाए और जागरूकता बढ़ाई जाए।

















