हैदरपोरा मुठभेड़: कश्‍मीर में सालों से चला रहा है मौत का शिलशिला खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा, कभी आंतकवादी तो कभी पुलिस की गोली कोई ना कोई बेकसूर आए दिन कश्‍मीर में दम तोड देता है। अब इस बात में कितनी सच्‍चाई है या कितना झूठ ये तो जांच का विषय है लेकिन, हैदरपोरा मुठभेड़ में कश्‍मीर पुलिस की गोलियों से जो लोग मरे हैं, व्यक्तियों के परिवारों ने कहा है कि वे निर्दोष नागरिक थे, जबकि पुलिस ने कहा है कि दोनों “आतंकवादी सहयोगी” थे।

व्यवसायी अल्ताफ भट और डेंटल सर्जन मुदासिर गुल सोमवार को हैदरपोरा में एक विवादास्पद आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान मारे गए। पुलिस ने शुरू में दावा किया था कि उन्हें आतंकवादियों ने मार गिराया था, लेकिन बाद में कहा कि वे गोलीबारी में मारे गए होंगे। पुलिस ने कहा कि दोनों लोग “आतंकवादी सहयोगी” थे।

हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए लोगों के घरवाले सड़क पर हैं ओर सरकार से लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि उनके बचचों को यतीम क्‍यों किया गया। सोशल मीडिया पर लगातार प्रदर्शन के वीडियो सामने आ रहे हैं जो हैरान और परेशान कर देने वाले हैं

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