CJP के 10 अक्टूबर के दिल्ली प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी। PM मोदी पर नेताओं के तंज, ट्रेनों में बदलाव, 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने के प्रस्ताव और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की पूरी जानकारी।

दिल्ली में 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित Cockroach Janata Party (CJP) के प्रदर्शन से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रंका ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन पर लगाई जा रही पाबंदियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रदर्शन से संबंधित प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन से पहले रेलवे ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) से 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का अनुरोध किया है। हालांकि, स्टेशनों को बंद करने के प्रस्ताव और अंतिम आदेश के बीच अंतर है। यात्रियों को अंतिम स्थिति की पुष्टि आधिकारिक सूचनाओं से करनी चाहिए।
🚨 CJP LEADERS CAUGHT MOCKING MODI JI! Abhijeet Dipke, Sourav Das & Ashutosh Ranka appear to mock PM Modi after trains heading towards Delhi were stopped. This video is a shame on the BJP government which has bent before cockroaches. https://t.co/ZIDJTleiK9
— News Matrix (@NewsMatrixIND) October 9, 2026
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए ‘विश्वगुरु’ और ‘56 इंच महामानव’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए दावा किया कि युवाओं के प्रदर्शन की तैयारी के बीच रेलवे सेवाओं को रोक दिया गया।
दिपके ने अपने बयान में प्रधानमंत्री से अपना ब्लड प्रेशर जांचते रहने की बात भी कही। यह टिप्पणी सरकार की सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों को रोकने के कथित प्रयासों पर राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर सामने आई।
पार्टी नेता सौरव दास ने मौजूदा स्थिति की तुलना आपातकाल के दौर से की। उन्होंने दावा किया कि उस समय भी इंदिरा गांधी की सरकार ने ट्रेनों को इस तरह नहीं रोका था। उन्होंने दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा की प्रतिक्रिया को लेकर भी टिप्पणी की।
वहीं, आशुतोष रंका ने सवाल उठाया कि अगर सरकार का दावा है कि प्रदर्शन में लोग शामिल नहीं हो रहे हैं, तो फिर इतनी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था क्यों की जा रही है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यदि सरकार युवाओं के सड़कों पर उतरने से चिंतित है, तो उसे पूरा देश ही बंद कर देना चाहिए।
ये सभी टिप्पणियां CJP नेताओं के राजनीतिक बयान हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन आरोपों और टिप्पणियों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर पहुंचने वाली कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किया है।
बताया गया कारण इन रेलवे स्टेशनों के आसपास संभावित यातायात दबाव और भीड़ प्रबंधन से जुड़ा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि दिल्ली आने-जाने वाली सभी ट्रेनें बंद कर दी गई हैं।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का नंबर, प्रस्थान या आगमन का समय और रेलवे की ताजा सूचना जांच लें। अंतिम समय में सेवा संबंधी बदलाव होने पर यात्रा की योजना प्रभावित हो सकती है।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए DMRC से 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का अनुरोध किया है। आशंका जताई गई है कि प्रदर्शनकारियों की आवाजाही के कारण संवेदनशील स्थानों के आसपास भीड़ बढ़ सकती है।
फिलहाल, इस अनुरोध को सभी 57 स्टेशनों के बंद होने की अंतिम पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए। प्रभावित स्टेशनों की सूची, बंद रहने का समय और प्रतिबंधों की वास्तविक स्थिति के लिए DMRC की आधिकारिक घोषणा देखना जरूरी है।
CJP के जंतर-मंतर पर पहले हुए प्रदर्शनों के दौरान भी मध्य दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशन, जिनमें राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय शामिल हैं, सुरक्षा कारणों से बंद किए गए थे। उन प्रतिबंधों के कारण सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने अदालत तक पहुंचने में पेश आ रही दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया था।
CJP ने 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े विवाद को भी चुनौती दी है। अभिजीत दिपके का तर्क है कि जंतर-मंतर निर्धारित प्रदर्शन स्थलों में शामिल है, इसलिए वहां सभा करने के लिए अनुमति की आवश्यकता पर सवाल उठाया जाना चाहिए।
हालांकि, निर्धारित प्रदर्शन स्थल होने का अर्थ यह नहीं है कि वहां किसी भी सभा के लिए सभी परिस्थितियों में बिना शर्त अनुमति मिल जाती है। पुलिस सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और अन्य लागू शर्तों के आधार पर प्रतिबंध लगा सकती है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने इस साल की शुरुआत में पार्टी को जंतर-मंतर पर एक दिन के प्रदर्शन की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी थी। मौजूदा विवाद 10 अक्टूबर के प्रस्तावित कार्यक्रम से जुड़ा है।
प्रदर्शन पर लगी पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई हो रही है। अदालत का अंतिम फैसला और प्रदर्शन के संबंध में जारी होने वाले आधिकारिक आदेश आगे की स्थिति स्पष्ट करेंगे।
Cockroach Janata Party, जिसे CJP के नाम से जाना जाता है, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मई 2026 में एक युवा-केंद्रित आंदोलन के रूप में उभरी थी।
इसकी पृष्ठभूमि में मुख्य न्यायाधीश की एक अलग सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से किए जाने से जुड़ा विवाद बताया जाता है। इसके बाद पार्टी और उससे जुड़े समर्थकों ने बेरोजगारी तथा युवाओं से संबंधित मुद्दों पर अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाईं।
पार्टी के पहले के प्रदर्शनों में राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) से संबंधित कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल रही है।
हालिया प्रदर्शन ऐसे समय में प्रस्तावित है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision या SIR) को लेकर भी राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों और उनके जवाबों का आकलन संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के मद्देनजर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, हजरत निजामुद्दीन स्टेशन और मध्य दिल्ली के आसपास यात्रा करने वालों को अपनी योजना में अतिरिक्त समय रखना चाहिए।
रेलवे यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति आधिकारिक रेलवे माध्यमों से जांचनी चाहिए। मेट्रो यात्रियों को DMRC की वेबसाइट और आधिकारिक सोशल मीडिया अपडेट पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि पुलिस के अनुरोध और अंतिम परिचालन आदेश में बदलाव संभव है।
जंतर-मंतर तथा आसपास के इलाकों में सड़क यातायात पर भी दबाव पड़ सकता है। यदि किसी यात्री को अदालत, कार्यालय, अस्पताल या रेलवे स्टेशन पहुंचना है, तो उसे यात्रा शुरू करने से पहले संभावित मार्ग परिवर्तन और सुरक्षा प्रतिबंधों की जानकारी लेनी चाहिए।
CJP ने सोशल मीडिया पर अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि ट्रेनों, मेट्रो और सड़कों पर प्रतिबंधों के बावजूद उसका प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि, प्रदर्शन का वास्तविक स्वरूप, इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था पर अंतिम स्थिति संबंधित अधिकारियों की घोषणाओं से ही स्पष्ट होगी।