Stackumbrella Bhopal: भोपाल में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए मियावाकी तकनीक का सहारा लेकर सघन पौधरोपण कर सिटी फॉरेस्ट तैयार कर रहा है। ऐसे ही ऑक्सीजन बैंक जल्दी ही पुराने भोपाल में आकार लेते नजर आएंगे। इन ऑक्सीजन बैंक का फायदा यह होगा कि पुराने भोपाल में वायु प्रदूषण घटेगा। वहीं यहां स्थित वॉटर बॉडी के आसपास यदि सघन पौधरोपण हुआ तो जल प्रदूषण भी कम होगा।
इससे शहर की आबोहवा सुधरेगी, इसका सीधा फायदा लोगों की सेहत पर होगा। पुराने भोपाल में ऑक्सीजन जोन बनाने की मांग को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी निगम कमिश्नर को अवगत करा चुके है। कमिश्नर ने उन्हें पुराने भोपाल में जगहों को चिन्हित कर जानकारी देेने की बात कही है। डॉ. केसवानी अब जगहों काे चिन्हित करने में लग गए हैं, ताकि पुराने भोपाल के लोगों को भी साफ हवा मिल सके।
सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में है पुराने भोपाल के यह क्षेत्र :

यूनियन कार्बाइड कारखाना सालों से मिथाइल आइसोसाइनाइड सहित अन्य जहरीले कचरे के कारण प्रदूषित है। इसके कारण आसपास की जगह भी प्रदूषित हो चुकी है। हमीदिया रोड पर वायु प्रदूषण पूरे भोपाल में सबसे अधिक है। भोपाल टॉकीज, सैफिया कॉलेज रोड, चौकी इमामबाड़ा, घोड़ा नक्कास, चौक बाजार, पीरगेट, इतवारा, मंगलवारा, बुधवारा, जुमेराती, घोड़ा नक्कास क्षेत्रों में आबादी का घनत्व इतना है कि यहां पेड़ बचे ही नहीं हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में लोगों का स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोध क्षमता कम होती जा रही है।
जल स्रोतों के पास लगाए जाएं प्रदूषण कम करने वाले पौधे :
केसवानी ने पुराने भोपाल के विभिन्न जल स्रोतोंं के पास भी पौधरोपण करने की बात कही है। विशेष रूप से ऐसे पौधे लगाए जाने चाहिए, जिससे प्रदूषण का स्तर कम हो और गंदा पानी मिलने से प्रदूषित हो चुके तालाबों को फिर से नया जीवन मिल सके। वहीं सघन पौधरोपण प्रदूषित भूजल को भी सुधारने का काम करेगा।
इन जगहों पर बनाए जाएं ऑक्सीजन जोन :
यूनियन कार्बाइड परिसर में मियावाकी तकनीक से पौधे लगाकर यहां प्रदूषण को खत्म किया जा सकता है। आरिफ नगर के आसपास खाली जमीन पर पौधे लगाए जा सकते हैं। नारियलखेड़ा में शासकीय जमीन पर भी पौधरोपण किया जा सकता है। भोपाल टॉकीज स्थित बड़ा बाग में पौधरोपण करने से यहां की बावड़ी को नया जीवन मिल जाएगा। नादरा बस स्टैंड के आसपास पौधरोपण होने से हमीदिया रोड पर प्रदूषण का स्तर कम होगा।
ईदगाह हिल्स स्थित शासकीय जमीन और ईदगाह के मैदान की पथरीली जमीन पर पौधरोपण होने से ईद के दौरान नमाजियों को ठंडी छाया मिलेगी। बेनजीर मैदान, सीड़ी तालाब, लैंडिया तालाब, छोटे तालाब और भूत बंगले की जमीन पर भी सिटी फॉरेस्ट डेवलप हो सकते हैं। कैंसर अस्पताल के सामने भी एक अच्छा सिटी फॉरेस्ट डेवलप किया जा सकता है। इसके अलावा अन्य विकल्पों पर भी विचार करने की बात कही जा रही है।
पुराने शहर के लोगों को भी मिले साफ हवा :
भोपाल देश के सबसे हरे भरे शहरों में से एक है। हमारा प्रयास इसकी हरियाली में और इजाफा कर प्रदूषण को कम करना है। पेड़ हर तरह की जहरीली हवा और रसायनों को अवशोषित कर पर्यावरण सुधार करते हैं। पुराने भोपाल में ऑक्सीजन बैंक बनने से जल, वायु और भूमि प्रदूषण कम होगा। – डॉ. दुर्गेश केसवानी, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा
स्वच्छ पर्यावरण आज की सबसे बड़ी जरूरत :
स्वच्छ पर्यावरण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। लगातार पेड़ कटने से पुराने भोपाल की हरियाली कम हो गई है। इस कारण प्रदूषण का स्तर बड़ा है। शहर की हरियाली और जल प्रदूषण को कम करने सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। इस विषय पर सब लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे। – जयकिशन लालचंदानी, अध्यक्ष पूज्य सिंधी पंचायत
ग्लोबल वार्मिंग रोकना हर आदमी की जिम्मेदारी :
लगातार बड़ रही गर्मी चिंता का विषय है। आज हर आदमी को पौधरोपण कर ग्लोबल वार्मिंग को रोकने में अपना योगदान देना चाहिए। ऐसे प्रयासों से ही अन्य शहर प्रेरणा लेंगे और सिटी फॉरेस्ट या ऑक्सीजन जोन बनाने पर काम करेंगे। इस विषय पर निगम अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे। – राजेश जोधवानी, समाजसेवी
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