Ayodhya Ram Mandir pran pratishtha Live Updates : अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला के आगमन का इंतजार खत्म हुआ। 84 सेकेंड के शुभ मुहूर्त में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रभु राम के पांच साल के बाल स्वरूप मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में पीएम नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख भागवत, और सीएम योगी आदित्यनाथ यजमान बने। दोपहर 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से लेकर 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड के अभीजीत मुहूर्त में मंत्रोच्चार के बीच भगवान राम के बाल स्वरूप की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के बाद पहली आरती भी संपन्न हुई। इस दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग और मृगशिरा नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बना जो अत्यंत शुभ माना जाता है।

Ayodhya Ram Mandir pran pratishtha

रामलला मूर्ति की हुई प्राण-प्रतिष्ठा

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की मूर्ति। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रामलला, राममंदिर में विराज चुके हैं।

भारतीय वायु सेना ने की मंदर परिसर में पुष्पवर्षा

रामलला की मूर्ति का अनावरण होने पर भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के हेलिकॉप्टरों ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में फूलों की वर्षा की। समारोह के लिए यहां आमंत्रित लोगों ने मंदिर परिसर में जय श्री राम के नारे लगाए।

22 तारीख पूरे देश के लिए दिवाली की तरह: मुकेश अंबानी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरपर्सन मुकेश अंबानी, रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने के लिए अयोध्या पहुंची। राम जन्मभूमि मंदिर पहुंची नीता अंबानी ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक दिन है,” भगवान राम आज आ रहे हैं। वहीं, मुकेश अंबानी ने कहा कि 22 तारीख पूरे देश के लिए दिवाली की तरह है।

अनुराधा पौडवाल ने गाया राम भजन

रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर गायिका अनुराधा पौडवाल ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले राम भजन गाया।

12:13 PM : प्राण प्रतिष्ठा का मंत्र क्या है

ऊँ प्राणमाहुर्मातरिश्वानं, वातो ह प्राण उच्यते।
प्राणे हं भूतं भव्यं च, प्राणे सर्वं प्रतिष्ठितम् ॥
ऊँ ओं हीं कयरल वं शं षं सं हं ल क्ष हं स।
अस्या भगवता रामचंद्रस्यप्रतिमाया प्राणा इह प्राणा।
ऊँ ओं ह्रीं क य र ल वं शं, षं सं न क्षं ह स।
अस्या प्रतिमाया जीव इह स्थित।
ऊँ ओं ह्रीं क्रों य र ल वं शं ष स ह ले क्षं ह स।
अस्या प्रतिमाया सर्वेन्द्रियाणि, वाङ् मनस्त्वक् चक्षु श्रोत्रजिह्वा।
घ्राणपाणिपादपायूपस्थानि, इहेवागत्य सुखं चिरं तिष्ठन्तु स्वाहा।।
(प्राण प्रतिष्ठा के लिए अथर्ववेद से लिया गया मंत्र)