Jio Platforms IPO Listing ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर 1,358 रुपये पर लिस्ट हुए। करीब 21.36% प्रीमियम के साथ कंपनी का बाजार मूल्य लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये पहुंचा।

मुकेश अंबानी की कंपनी Jio Platforms ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत करके निवेशकों का ध्यान खींचा है। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 1,358 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए। यह कीमत 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस से 21.36% अधिक है। इस मजबूत शुरुआत के साथ जियो भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई, जबकि पहले स्थान पर इसकी पैरेंट कंपनी Reliance Industries बनी हुई है।
कंपनी का लगभग 30,213 करोड़ रुपये का IPO भारतीय शेयर बाजार के बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल है। इसकी लिस्टिंग से टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार में निवेश करने वाले निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
Speech by Shri Anant Ambani, Director, Jio Platforms, at the listing ceremony of JPL IPO https://t.co/KiShhOhJnV
— Reliance Industries Limited (@RIL_Updates) October 28, 2026
Jio Platforms के शेयरों की लिस्टिंग से उन निवेशकों को शुरुआती फायदा मिला, जिन्हें IPO में शेयर आवंटित हुए थे। इश्यू प्राइस और लिस्टिंग प्राइस के बीच का अंतर इस शुरुआती रिटर्न को समझने में मदद करता है।
12 शेयरों के एक लॉट के हिसाब से गणना करें तो IPO में निवेश की राशि 13,428 रुपये थी। लिस्टिंग प्राइस पर उन्हीं 12 शेयरों का मूल्य 16,296 रुपये होता है। इस तरह शुरुआती मूल्य अंतर 2,868 रुपये बैठता है।
हालांकि, यह केवल लिस्टिंग प्राइस के आधार पर निकाली गई गणना है। वास्तविक मुनाफा शेयर बेचने के भाव, ब्रोकरेज और लागू टैक्स पर निर्भर करेगा।
लिस्टिंग के समय Jio Platforms का बाजार पूंजीकरण लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये बताया गया। इस मूल्यांकन के साथ कंपनी ने भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी कंपनियों में अपनी जगह बनाई।
पहले स्थान पर Reliance Industries रही, जबकि भारती एयरटेल बाजार मूल्य के लिहाज से जियो के बाद तीसरे स्थान पर रही। जियो की अलग लिस्टिंग से निवेशकों को रिलायंस समूह के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार का मूल्यांकन स्वतंत्र रूप से करने का अवसर मिला है।
यह उपलब्धि केवल शेयरों की शुरुआती कीमत तक सीमित नहीं है। इससे यह भी पता चलता है कि निवेशक भारत के डिजिटल कनेक्टिविटी, मोबाइल इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के कारोबार को कितनी अहमियत दे रहे हैं।
Jio Platforms का IPO 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इसका प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था।
इस इश्यू के जरिए कंपनी ने लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा। IPO को संस्थागत निवेशकों सहित विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों से मजबूत मांग मिली। शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद अब निवेशकों की नजर कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की विकास योजनाओं पर रहेगी।
IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि मजबूत लिस्टिंग अपने आप में भविष्य में लगातार बढ़त की गारंटी नहीं होती।
Jio Platforms की लिस्टिंग भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। कंपनी का कारोबार मोबाइल कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और संबंधित तकनीकी क्षेत्रों से जुड़ा है। शेयर बाजार में अलग पहचान मिलने के बाद निवेशक इसके प्रदर्शन और विकास की संभावनाओं का अधिक सीधे आकलन कर सकेंगे।
हालांकि, शेयर की आगे की चाल कई बातों पर निर्भर करेगी। इनमें कंपनी की आय, मुनाफे की वृद्धि, प्रतिस्पर्धा, निवेश योजनाएं और बाजार की परिस्थितियां शामिल हैं।
निवेशकों को केवल लिस्टिंग के दिन मिले प्रीमियम के आधार पर खरीदने या बेचने का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट और आधिकारिक घोषणाओं को देखना भी जरूरी है।
Jio Platforms IPO की दमदार लिस्टिंग ने शुरुआती निवेशकों को आकर्षक मूल्य अंतर दिया है। लेकिन शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। इसलिए निवेश से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और अपने निवेश लक्ष्यों का मूल्यांकन करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसे निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।