सुशांत सिंह राजपूत बर्थडे स्पेशल: बॉलीवुड में काफी कम ही ऐसी हस्तियां होंगी जिन्होंने दर्शकों के साथ एक अलग फ्रीक्वेंसी शेयर की हो। ऐसे ही एक कलाकार हैं सुशांत सिंह राजपूत,हालांकि उन्होंने भले ही काफी कम फिल्मों में काम किया परंतु जितनी फिल्में की उनके दम पर अपनी अलग छाप लोगों के दिलों में छोड़ी। 21 जनवरी को जन्में सुशांत सिंह राजपूत केवल एक अभिनेता नहीं थे बल्कि वह एक जिज्ञासु व्यक्ति थे जिन्हें सितारों की दुनिया में दिलचस्पी थी। जिन्हें पढ़ना पसंद था। जिन्हें म्यूजिक में इंटरेस्ट था। परंतु इतने सारे शौक के चलते भी उस व्यक्ति के पास जीने की एक वजह नहीं बची।
सुशांत सिंह की कहानी ग्लैमर और शोहरत से काफी अलग है। वे एक एक्टर होने के साथ-साथ एक इंजीनियर थे, एक फिलोसोफर थे, उन्हें अंतरिक्ष में होने वाली घटनाओं से प्यार था और सबसे खास बात वह एक ऐसे व्यक्ति थे जो सवालों से भागते नहीं थे। सुशांत सिंह के परिवार वाले और उनके दोस्तों का कहना है कि एक जिंदादिल पर्सनालिटी थे। उनकी सोच बाकियों से काफी अलग थी। आज उनके जन्मदिन पर हम भी आपके लिए उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ ऐसे अनसुने पहलू लेकर आए हैं जिन्हें जानने के बाद आपके मन में भी सुशांत सिंह राजपूत के लिए प्यार और बढ़ जाएगा।
क्यों थे सुशांत सिंह राजपूत बाकी बॉलीवुड सितारों से अलग
गजब का एकेडमिक रिकॉर्ड: सुशांत सिंह राजपूत पढ़ाई में हमेशा आगे रहते थे। उन्हें फिजिक्स में बहुत ज्यादा दिलचस्पी थी। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर फिजिक्स ओलंपियाड में हर बार एक्सीलेंस हासिल किया। वे एक ऐसे व्यक्ति थे जो हर बात को एनालिटिकल और तार्किक बेस पर सोचता था। जिसने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 7 हासिल की और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री ली जो क्वांटम फिजिक्स में रुचि रखता था।
अंतरिक्ष में गहरी दिलचस्पी: सुशांत सिंह राजपूत को विज्ञान बहुत ज्यादा पसंद था। खासकर खगोल विज्ञान, उनके पास प्रोफेशनल टेलीस्कोप था। उन्हें केवल अंतरिक्ष के बारे में जानने का शौक नहीं था बल्कि वे इस बारे में इतने जिज्ञासु थे की उन्होंने चांद से जुड़े शोध में अपना सहयोग भी दिया।
बनाई थी 50 सपनों को लिस्ट: सुशांत सिंह राजपूत की विश लिस्ट बहुत लंबी थी। उनकी विश लिस्ट में 50 अलग-अलग सपने शामिल थे। जैसे की एडवांस फिजिक्स सीखना, प्लेन उड़ाना, मार्शल आर्ट सीखना, साइकोलॉजी पढ़ना, अंतरिक्ष के बारे में और ज्यादा जानना इत्यादि और उन इनमें से कई सारे सपने तो वह पूरे भी कर चुके थे।
पायलट बनने की ट्रेनिंग: सुशांत सिंह राजपूत को प्लेन उड़ने का बहुत शौक था। वे प्लेन उड़ाने की प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी ले रहे थे और जल्द ही उन्हें लाइसेंस भी मिलने वाला था। उनकी विश लिस्ट में से उनका एक और सपना जल्द ही पूरा होने वाला था। परंतु उससे पहले ही सुशांत ने हम सबको अलविदा कह दिया।
किताबों के शौकीन: सुशांत सिंह राजपूत को किताबों का भी बहुत ज्यादा शौक था। वे केवल टाइमपास के लिए नहीं पढ़ते थे बल्कि वह किताबों के माध्यम से हर जटिल विषय पर ज्ञान हासिल करते थे। उनके पास क्वांटम फिजिक्स, न्यूरोसाइंस, साइकोलॉजी और बायोग्राफी की कई सारी किताबें मौजूद थी। वह किताबें केवल पढ़ते नहीं थे बल्कि किताबों के नोट्स भी बनाते थे और उस पर अपने मत भी रखते थे।
स्पिरिचुअल प्रैक्टिस: सुशांत सिंह राजपूत स्पिरिचुअल प्रैक्टिस भी करते थे। उन्होंने अपने जीवन में ध्यान, माइंडफूलनेस और स्पिरिचुअल अवेयरनेस को हमेशा प्राथमिक दी। उनका मानना था कि विज्ञान और स्पिरिचुअलिटी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
बिना किसी क्रेडिट के मदद: सुशांत सिंह राजपूत एक ऐसे व्यक्ति थे जो बहुत ही ज्यादा संवेदनशील थे। उन्होंने हमेशा जरूरतमंद लोगों की मदद की। उनके तरफ से हर महीने बच्चियों की शिक्षा, छोटे बच्चों के लिए पोषण युक्त भोजन जैसी व्यवस्था की जाती थी और इस सब का वह कभी ना प्रचार करते थे ना क्रेडिट लेते थे।
सुशांत सिंह राजपूत की लव लाइफ: सुशांत सिंह राजपूत की लव लाइफ भी उनके व्यक्तित्व की तरह काफी गहरी और संवेदनशील रही। उनका पहला रिलेशनशिप टीवी इंडस्ट्री से जुड़ी अंकिता लोखंडे के साथ रहा। इन दोनों का रिश्ता 6 साल चला,परंतु बाद में म्यूचुअल डिफरेंस की वजह से दोनों अलग हो गए। इसके बाद सुशांत का नाम कृति सेनन के साथ जोड़ा गया। हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद सुशांत सिंह राजपूत का नाम रिया चक्रवर्ती के साथ जुड़ा और इन दोनों ने जीवन में काफी उतार-चढ़ाव भी देखें ।
सुशांत सिंह राजपूत की फिल्मों का यादगार सफर
सुशांत सिंह राजपूत ने अपने करियर की शुरुआत भले ही टेलीविजन से की लेकिन बॉलीवुड में उन्होंने काफी जल्दी स्थान भी बना लिया और नाम भी कमा लिया। बिना किसी बड़े हाथ के सुशांत सिंह राजपूत ने केवल अपनी कला के दम पर लोगों के दिल में जगह बनाई। उनकी फिल्में ‘M.S. धोनी’, ‘छिछोरे’, ‘काई पो छे’ लोगों को आज भी पसंद आती है।
बेमिसाल अभिनय के बाद भी सुशांत सिंह राजपूत को बाद में काफी स्ट्रगल करनी पड़ी। उनकी कुछ फिल्में ‘राब्ता’, ‘सोनचिरैय्या’ ‘ड्राइव’ बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई जबकि ‘सोनचिरैया’ को तो बाद में अंडररेटेड मूवी का टैग भी मिला। परंतु लगातार मिल रही असफलता की वजह से सुशांत सिंह राजपूत काफी नकारात्मकता से घिर गए और चुनौती पूर्ण किरदारों को करने की उनकी उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। शायद यही वजह थी कि सुशांत सिंह राजपूत जीवन के प्रति काफी नकारात्मक हो गए और आत्महत्या जैसा रास्ता अपना लिया।
सुशांत सिंह राजपूत केवल एक अभिनेता नहीं थे बल्कि एक उभरते हुए दार्शनिक और संवेदनशील व्यक्ति थे। उनका यह दृष्टिकोण आज भी हमें याद दिलाता है कि एक व्यक्ति की गहराई ,उसकी सफलता से नहीं बल्कि उसके पीछे की जिज्ञासा से मापी जानी चाहिए।






