भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने वहां मौजूद अधिकारियों और लोगों को हैरान कर दिया। रोती-बिलखती एक विवाहिता ने अपने पति पर ऐसा आरोप लगाया, जिसे सुनकर पूरे हॉल में सन्नाटा छा गया। महिला का कहना था कि उसका पति उसकी मौजूदगी में ही अपनी सगी बहन के साथ संबंध बनाता है और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट करता है।
यह पूरा मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज परिसर में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान सामने आया। इस कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर सहित प्रशासन और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
जनसुनवाई में फूटा महिला का दर्द

जनसुनवाई में पहुंची महिला ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि उसके पति और उसकी सगी बहन के बीच पिछले कई सालों से संबंध हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि महिला का आरोप है कि उसे उसी कमरे में रहने के लिए मजबूर किया जाता है, जहां यह सब होता है।
पीड़िता का कहना है कि जब भी उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसने यह भी बताया कि वह कई बार थाने पहुंची, लेकिन उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और पुलिस उसे बार-बार टालती रही।
महिला ने यह भी दावा किया कि उसके पति की पहली पत्नी भी इसी कारण घर छोड़कर चली गई थी। पीड़िता के मुताबिक यह संबंध करीब 13 साल से चल रहा है और अब उसकी जिंदगी पूरी तरह से नरक बन चुकी है।
महिला आयोग ने दिए सख्त निर्देश
जब यह मामला राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के सामने आया तो उन्होंने इसे बेहद गंभीर माना। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए।
अध्यक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई और कहा कि अगर किसी महिला की शिकायत को नजरअंदाज किया गया है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उनका साफ कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
30 हजार से ज्यादा मामले लंबित, उठे सवाल
जनसुनवाई के दौरान एक और बड़ा मुद्दा सामने आया। जानकारी दी गई कि मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग में कई पद खाली होने के कारण महिलाओं से जुड़ी करीब 30 हजार शिकायतें लंबित पड़ी हैं।
इस मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर विजया रहाटकर ने कहा कि इस समस्या पर जल्द चर्चा की जाएगी और समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी ताकि महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके।
पीछा करने वाले मनचले की शिकायत भी पहुंची आयोग तक

कार्यक्रम के दौरान एक अन्य महिला ने भी अपनी परेशानी बताई। उसने कहा कि पिछले एक साल से एक युवक उसका लगातार पीछा कर रहा है। इस वजह से उसका घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है।
महिला का आरोप था कि उसने कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह सुनकर आयोग की अध्यक्ष ने मौके पर ही पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए और महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आयोग ने एक टूटते परिवार को भी जोड़ा
जहां एक तरफ गंभीर शिकायतें सामने आईं, वहीं इस जनसुनवाई में एक परिवार को दोबारा जोड़ने का उदाहरण भी देखने को मिला। पिछले दो महीने से अलग रह रहे एक पति-पत्नी को आयोग की टीम ने समझाया और दोनों की काउंसलिंग की गई।
काफी बातचीत के बाद दोनों ने फिर से साथ रहने का फैसला किया। कार्यक्रम के मंच पर ही आयोग की अध्यक्ष ने उन्हें एक पौधा भेंट किया और नई शुरुआत की शुभकामनाएं दीं। वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर इस फैसले का स्वागत किया।
महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए आयोजित हुई जनसुनवाई
इस कार्यक्रम में करीब 50 से ज्यादा मामलों की सुनवाई की गई। इनमें घरेलू हिंसा, साइबर क्राइम, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, पीछा करने और पारिवारिक विवाद जैसे कई गंभीर मामले शामिल थे।
राष्ट्रीय महिला आयोग का कहना है कि ऐसी जनसुनवाई का उद्देश्य उन महिलाओं को न्याय दिलाना है जो किसी कारण से सीधे दिल्ली स्थित मुख्यालय तक नहीं पहुंच पातीं। इसी वजह से आयोग अलग-अलग राज्यों में जाकर महिलाओं की शिकायतें सुन रहा है।
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