अवैध रूप से बन रहे थे पटाखे, 3 मृतकों की हुई पहचान
भिवाड़ी। राजस्थान के भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में तेज धमाका (chemical factory Dhamaka) होने से 8 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें दिल्ली एम्स रेफर किया गया है। तीन मृतकों की पहचान बिहार के मोतिहारी जिले के मिंटू, नितेश और सुजान के रूप में हुई है। इस फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। मौके से बारूद, पटाखे और पैकिंग के डिब्बे मिले हैं।
हादसा खुशखेड़ा कारौली इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुआ। घटना के समय करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। शव बुरी तरह जल गए थे। कई शवों के कंकाल भर बचे थे। बॉडी पाट्र्स के टुकड़े बिखरे मिले। रेस्क्यू टीम ने इन टुकड़ों को पॉलीथीन में इकट्ठा किया।
कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने कहा- देखकर लग रहा है कि छोटा एक्सप्लोसिव मटेरियल था। गैस रिसाव नहीं था। एडीएम सुमिता मिश्रा के अनुसार, फैक्ट्री मालिक का नाम राजेंद्र है। उन्होंने किसी तिवारी को यह फैक्ट्री लीज पर दी थी। दोनों से संपर्क नहीं हो पाया है।
फैक्ट्री में तेज ब्लास्ट के साथ लगी आग
घटना का सीसीटीवी सामने आया है। सीसीटीवी में दिख रहा है कि फैक्ट्री में तेज ब्लास्ट के साथ आग लग गई। ब्लास्ट इतना तेज था कुछ देर के लिए ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो।

मंत्री बोले- गैरकानूनी तरीके से बनाए जा रहे थे पटाखे
मंत्री संजय शर्मा ने कहा-यह गारमेंट जोन है, यहां दूसरा व्यवसाय नहीं हो सकता, लेकिन गैरकानूनी तरीके से पटाखे बनाने का काम गेट पर ताले लगाकर किया जा रहा था। मृतकों की पहचान डीएनए से कराई जा रही है। अधिकतर मजदूर बिहार के बताए जा रहे हैं। खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर बिहार के मोतिहारी जिले के कलेक्टर से लगातार संपर्क में हैं। राज्य सरकार ने एक कमेटी गठित की है। जिला प्रशासन, खासकर रीको को निर्देशित किया गया है। पूरे भिवाड़ी और खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया जाएगा। फैक्ट्री जिस काम के लिए रजिस्टर्ड है, उसके अलावा कोई अन्य काम होता पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कलेक्टर-एसपी को जांच के निर्देश दिए
वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। मंत्री ने खैरथल-तिजारा कलेक्टर अर्तिका शुक्ला और एसपी मनीष कुमार को मामले में जांच के निर्देश दिए। साथ ही मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।
फॉरेंसिक टीम ने हड्डियों, जले पटाखों के सैंपल लिए
कोटपूतली से आई हुई फॉरेंसिक टीम मौके पर सबूत जुटा रही है। टीम ने अब तक फैक्ट्री से हड्डियों, जले हुए पटाखों के सैंपल्स लिए हैं
प्रत्यक्षदर्शी बोले- फैक्ट्री के गेट पर रहता था ताला
पास की फैक्ट्री के कर्मचारी सुरेश कुमार ने बताया- अचानक धमाका होते ही आग लग गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड आने के बाद हमें बाहर निकाल दिया। फैक्ट्री लगभग डेढ़-दो महीने से चल रही थी। यहां पटाखे बनते थे, लेकिन अंदर किसी को जाने नहीं दिया जाता था। गेट पर हमेशा ताला लगा रहता था।











