भारत में इन दिनों कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की अचानक आई कमी ने होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में चिंता की लहर पैदा कर दी है। खासकर मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशनों का कहना है कि अगर जल्...

भारत में इन दिनों कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की अचानक आई कमी ने होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में चिंता की लहर पैदा कर दी है। खासकर मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशनों का कहना है कि अगर जल्द गैस की सप्लाई बहाल नहीं हुई तो आने वाले 48 घंटों में कई होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ सकती है।
दरअसल इस संकट की जड़ पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव बताया जा रहा है। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका सीधा प्रभाव भारत की एलपीजी सप्लाई चेन पर देखने को मिल रहा है। इसी वजह से देश के कई बड़े शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की उपलब्धता अचानक कम हो गई है।
मुंबई में होटल और रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शेट्टी के मुताबिक अभी लगभग 10 से 20 प्रतिशत रेस्टोरेंट्स को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अगर सप्लाई जल्द ठीक नहीं हुई तो अगले एक-दो दिनों में करीब 60 प्रतिशत रेस्टोरेंट प्रभावित हो सकते हैं।
उनका कहना है कि हालात ऐसे ही रहे तो दो दिन के अंदर पूरे शहर में होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की स्थिति बन सकती है। एसोसिएशन ने इस मामले को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और महाराष्ट्र के सिविल सप्लाई मंत्री छगन भुजबल को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग भी की है।
रेस्टोरेंट मालिकों के अनुसार पिछले हफ्ते से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई लगभग रुक गई है। कई जगहों पर अगर सिलेंडर मिल भी रहा है तो उसकी कीमत काफी बढ़ गई है। आम तौर पर करीब 1750 रुपये में मिलने वाला सिलेंडर अब कुछ जगहों पर लगभग 1950 रुपये में बेचा जा रहा है।
सिर्फ कमर्शियल सेक्टर ही नहीं, बल्कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ता भी इस स्थिति से प्रभावित हो रहे हैं। कई शहरों में सिलेंडर बुक करने के बाद 2 से 8 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस देरी की वजह से लोगों में घबराहट बढ़ रही है और कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें भी देखने को मिल रही हैं।
डीलरों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो कुछ कमर्शियल होटल-रेस्टोरेंट सस्ते घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं, जो नियमों के खिलाफ है और सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक साबित हो सकता है।
मुंबई के अलावा बेंगलुरु और कोलकाता में भी होटल इंडस्ट्री मुश्किल दौर से गुजर रही है। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर गैस की सप्लाई बहाल नहीं हुई तो शहर के कई होटल 10 मार्च से बंद हो सकते हैं।
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि शहर में कई ऐसे होटल हैं जो रोजाना हजारों छात्रों, ऑफिस कर्मचारियों और अस्पतालों से जुड़े लोगों को खाना उपलब्ध कराते हैं। अगर गैस नहीं मिली तो इन सेवाओं पर भी सीधा असर पड़ेगा। कोलकाता में भी कई बेकरी और रेस्टोरेंट अब वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने में जुट गए हैं क्योंकि गैर-घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है।
इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए घरेलू एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी का उत्पादन बढ़ाएं और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराएं।
इसके साथ ही सिलेंडर बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ताओं को दूसरे सिलेंडर की बुकिंग करने से पहले कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि लगभग 48 घंटे से लेकर 15 दिन के बीच होती थी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकना है।
स्थिति को संभालने के लिए भारत अब एलपीजी आयात के नए स्रोत भी तलाश रहा है। जानकारी के मुताबिक अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे देशों से गैस आयात बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है ताकि सप्लाई चेन को स्थिर किया जा सके। इसके अलावा तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम – को भी उत्पादन और वितरण में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने रेस्टोरेंट, होटल और अन्य उद्योगों की गैस जरूरतों की समीक्षा के लिए एक विशेष कमेटी भी बनाई है। इस कमेटी में तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं जो अलग-अलग सेक्टर की मांग का आकलन करेंगे और उपलब्ध गैस के हिसाब से वितरण की योजना तैयार करेंगे। फिलहाल अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और जरूरी सेवाओं को एलपीजी सप्लाई में प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं जिन संस्थानों में पाइप्ड गैस नेटवर्क उपलब्ध है, वहां इस संकट का असर कम देखने को मिल रहा है।
Ministry of Petroleum & Natural Gas, Government of India tweets, "In light of current geopolitical disruptions to fuel supply and constraints on supply of LPG, the Ministry has issued orders to oil refineries for higher LPG production and using such extra production for domestic… pic.twitter.com/Ojw1sWdrY6
— ANI (@ANI) March 10, 2026
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित नहीं हुई है और कई ऐसे मार्ग हैं जहां से ईंधन का आयात बिना रुकावट जारी है। सरकार का दावा है कि जल्द ही स्थिति सामान्य करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।