Agriculture

बीज घोटाला बेनकाब: रबी सीजन में नगांव के किसानों से टूटा भरोसा

रबी सीजन में नकली बीजों की मार

रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही असम के नगांव जिले में खेती एक बार फिर उम्मीदों से भरनी चाहिए थी। लेकिन इस बार खेतों में बीज के साथ भरोसा भी बोया गया और वही भरोसा अब टूटता नजर आ रहा है। नकली और घटिया कृषि बीजों ने किसानों को ऐसे संकट में डाल दिया है, जिससे उबरना आसान नहीं होगा। नगांव के कई इलाकों में यह समस्या सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि किसानों के जीवन और भविष्य पर सीधा असर डाल रही है।

खेती पर संकट: रबी सीजन में नकली बीजों की मार

रबी सीजन किसानों के लिए सबसे अहम समय होता है। इसी दौरान बीज खरीदे जाते हैं और पूरी साल की उम्मीदें इन्हीं बीजों पर टिकी होती हैं। लेकिन इस साल पश्चिमी नगांव और आसपास के स्थानीय बाजारों में नकली बीजों का जाल फैल गया।
अच्छी पैदावार और उन्नत किस्मों के नाम पर किसानों को घटिया और फर्जी बीज थमा दिए गए। खेतों में जब ये बीज उगे ही नहीं या कमजोर फसल निकली, तब किसानों को ठगी का एहसास हुआ।

नगांव फेक सीड मामला: मजबूरी का फायदा उठाते व्यापारी

रबी सीजन में नकली बीजों की मार

इस पूरे नगांव फेक सीड केस में कुछ व्यापारी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाते दिख रहे हैं। रबी सीजन में किसान बीज खरीदने से बच नहीं सकते। इसी मजबूरी के बीच:

  • झूठे दावे किए गए

  • गलत जानकारी दी गई

  • सस्ते दामों का लालच दिया गया

नतीजा यह हुआ कि कई किसानों की फसल या तो पूरी तरह बर्बाद हो गई या उम्मीद से बहुत कम पैदावार हुई।

लाइसेंस व्यवस्था पर सवाल: नियम होते हुए भी लापरवाही

इस घोटाले का सबसे गंभीर पहलू नगांव कृषि विभाग की भूमिका है। नियम मौजूद होने के बावजूद बीज बेचने के लाइसेंस ऐसे लोगों को दे दिए गए:

  • जिनके पास जरूरी योग्यता नहीं

  • जिनके पास सही भंडारण व्यवस्था नहीं

  • और जिनके पास कोई स्थायी ढांचा तक नहीं है

यह साफ दिखाता है कि असम में बीज लाइसेंस प्रणाली सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है।

शांतिजन बाजार: जहां नियम बिखरते नजर आए

सबसे चिंताजनक हालात शांतिजन बाजार, नगांव में सामने आए। यहां करीब एक दर्जन व्यापारी:

  • अस्थायी झोपड़ीनुमा दुकानों से बीज बेच रहे थे

  • न स्थायी काउंटर थे

  • न गोदाम, न गुणवत्ता जांच

फिर भी उनके पास सरकारी लाइसेंस होना किसानों के लिए हैरानी और गुस्से दोनों का कारण बना।

विभाग की कार्रवाई: देर से लेकिन जरूरी कदम

रबी सीजन में नकली बीजों की मार

मीडिया रिपोर्ट्स और ऊपर से आए निर्देशों के बाद आखिरकार कृषि विभाग हरकत में आया
जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने शांतिजन बाजार में छापेमारी की:

  • कई अवैध बीज दुकानों को सील किया गया

  • व्यापारियों को सख्त चेतावनी दी गई

  • दोबारा गलती पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई

हालांकि किसान मानते हैं कि यह कदम जरूरी था, लेकिन अगर पहले उठाया जाता तो नुकसान इतना बड़ा न होता।

नकली बीजों से टूटा किसानों का भरोसा

इस पूरे संकट में सबसे ज्यादा मार किसानों ने झेली है। कई किसान पहले ही:

  • फसल खराब होने

  • आर्थिक नुकसान

  • और बढ़ते कर्ज

का सामना कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि अगर सिर्फ दुकानदारों पर कार्रवाई होगी और जिम्मेदार अधिकारियों को छोड़ा गया, तो यह समस्या फिर दोहराई जाएगी।

आगे की राह: पारदर्शिता ही एकमात्र समाधान

रबी सीजन में नकली बीजों की मार

नगांव का यह मामला सिर्फ एक जिले की कहानी नहीं है, बल्कि यह पूरे असम के लिए चेतावनी है।
अगर:

  • लाइसेंस प्रक्रिया पारदर्शी नहीं हुई

  • निगरानी सख्त नहीं हुई

  • और जवाबदेही तय नहीं हुई

तो खेती पर किसानों का भरोसा और कमजोर होगा।

सीधे शब्दों में कहें तो — किसानों को ठगना सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि समाज की जड़ों को कमजोर करना है।

अब वक्त आ गया है कि असम में खेती को बचाने के लिए सिस्टम को मजबूत किया जाए, ताकि किसान फिर से भरोसे के साथ बीज बो सके और भविष्य की फसल सुरक्षित रह सके।

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