पटना से लाया गया पीपल का पौधा बक्सवाहा की गुगवारा पंचायत में रौपा

पीपल नीम तुलसी अभियान के प्रमुख डॉ. धर्मेन्द्र कुमार पिछले सप्ताह 5 अगस्त को अपने बक्सवाहा प्रवास के दौरान पीपल का एक पौधा बक्सवाहा लेकर पहुंचे थे। जिसे मंगलवार को बक्सवाहा की गुगवारा पंचायत स्थित रामकुटी मंदिर के प्रांगण में रौप दिया गया। यह पौधा डॉ. धर्मेन्द्र ने बक्सवाहा के सामाजिक कार्यकर्ता राजेश यादव को सौंपा था, जिसे उन्होंने बच्चों की मदद से रामकुटी मंदिर में लगा दिया।

पटना से लाया गया पीपल का पौधा बक्सवाहा की गुगवारा पंचायत में रौपा
पीपल नीम तुलसी अभियान (Peepal Neem Tulsi Abhiyan) के प्रमुख डॉ. धर्मेन्द्र कुमार (Dr. Dharmendra Kumar) पिछले सप्ताह 5 अगस्त को अपने बक्सवाहा प्रवास के दौरान पीपल का एक पौधा बक्सवाहा (Buxwaha) लेकर पहुंचे थे। जिसे मंगलवार को बक्सवाहा की गुगवारा पंचायत स्थित रामकुटी मंदिर के प्रांगण में रौप दिया गया। यह पौधा डॉ. धर्मेन्द्र ने बक्सवाहा के सामाजिक कार्यकर्ता राजेश यादव को सौंपा था, जिसे उन्होंने बच्चों की मदद से रामकुटी मंदिर में लगा दिया।


राजेश यादव ने बताया कि हर्ष यादव, हर्षिता गिरी, इशिता ने मंदिर के पुजारी तंशु बाबा के सहयोग से इस पौधे को मंदिर प्रांगण में मंत्रोच्चार करते हुए लगा दिया। इस मौके पर गांव के महेंद्र असाटी, रामकिशन लोधी, बलराम गिरी, महेश, शामिल रहे। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता राजेश यादव ने उपस्थित होकर बच्चों को पर्यावरण के महत्व पर जानकारी दी। साथ ही बच्चों को शपथ दिलाई की वे भविष्य में न पेड़ काटेंगे और न काटने देंगे। 

बच्चों ने अपने परिश्रम से लगाया पौधा : 
खास बात यह है कि यह सभी पौधे बच्चों ने अपने परिश्रम से लगाए हैं। कार्यक्रम के बाद बच्चों ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण में वृक्षों की महिमा जग जाहिर है। प्रत्येक पौधे एवं पेड़ ने अपने-अपने अनुकूलन में जीव जंतुओं समेत मानव संस्कृति की रक्षा का बोझ उठाया है।

जिसका एहसान मानव कभी भी चुका नहीं सकता। बच्चों ने वृक्षों के राजा पीपल की महिमा का गुणगान करते हुए बताया कि इसमें सभी रोगों को एक साथ दूर करने की क्षमता है। प्राय सभी पेड़ों के आंशिक गुण इस पेड़ में मौजूद हैं, जिसे हम पीपल कहते हैं।

अन्य वृक्ष भी लगाए गए हैं मंदिर प्रांगण में : 
बच्चों ने बताया कि काल में ऑक्सीजन की कमी ने प्रकृति से छेड़छाड़ करने का नतीजा हम सबको सिखा दिया है। इस भयंकर नतीजे से भी यदि हम कुछ नहीं सीखे, तो वह दिन दूर नहीं जब हमारी पीठ पर सिलेंडर और नाक पर ऑक्सीजन मास्क होगा। 

हम सभी को ऑक्सीजन की प्रचुर मात्रा वाला वृक्ष पीपल, हर घर में पूजी जाने वाली तुलसी, फलों के राजा आम, विटामिन सी की प्रचुर मात्रा वाले वृक्ष इमली एवं पेट के रोगों को दूर करने वाले पपीते के पेड़ भी रामकुटी मंदिर में लगाए गए हैं। 

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