Galgotias Professor Neha Singh: एक टेक्नोलॉजी समिट, एक रोबोट डॉग और कुछ सेकंड का इंटरव्यू और देखते ही देखते एक असिस्टेंट प्रोफेसर राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गई। नेहा सिंह का नाम तब सुर्खियों में आया जब इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 में एक रोबोटिक डॉग को लेकर विवाद खड़ा हुआ।
इस विवाद के बाद अब नेहा सिंह ने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल पर ‘ओपन टू वर्क’ का स्टेटस लगा दिया है। जिसपर सवाल उठ रहे हैं कि क्या नेहा सिंह को नौकरी से निकाल दिया गया है? या उन्हें यह बलि का बकरा बनाया गया है? इस पूरे मसले में गलती नेहा सिंह की थी या संस्थान की?

गलगोटिया प्रोफेसर नेहा सिंह की भूमिका आखिर क्या है ?
नेहा सिंह गलगोटिया यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम करती हैं। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल से मिली जानकारी से पता चलता है कि वह AI या रोबोटिक विभाग से जुड़ी हुई नहीं हैं, बल्कि वे कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट संभालती हैं। नेहा सिंह के लिंकडइन प्रोफाइल के अनुसार वे कम्यूनिकेशन डिपार्टमेंट की हेड है। मतलब वे टेक्निकल फैकल्टी का हिस्सा नहीं बल्कि मैनेजमेंट और कम्युनिकेशन से जुड़ी टीचर हैं।
शायद कम्युनिकेशन स्ट्रांग होने की वजह से ही गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर उन्हें प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया था। क्योंकि ऐसे बड़े आयोजनों में फैकल्टी सदस्य संस्थान की ओर से प्रस्तुति देते हैं। फिर वह चाहे प्रोजेक्ट का हिस्सा हो या ना हों। नेहा सिंह के कम्युनिकेशन स्किल को तो हर कोई वीडियो में देख चुका है जिससे साफ पता चलता है कि नेहा सिंह कम्युनिकेशन में भले ही स्ट्रांग थी लेकिन तकनीकी डिपार्टमेंट से उनका कोई लेना-देना नहीं था।
क्यों नेहा सिंह विवादों का केंद्र बन गई?

जैसा कि हम सब जानते हैं दिल्ली के भारत मंडपम में AI इंपैक्ट समिट 2026 जारी था और इस दौरान अलग-अलग यूनिवर्सिटी के स्टाल लगाए गए थे। गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने भी यहां अपना स्टॉल लगाया था। स्टॉल में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने एक रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया और बताया कि यह यूनिवर्सिटी के सेंटर आफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित किया गया है।
जबकि सोशल मीडिया और अन्य तकनीकी समुदायों ने दावा किया किया मॉडल असल में चीन की कंपनी यूनिटरी रोबोटिक का यूनिटरी GO 2 है जो बाजार में कमर्शियल रूप से उपलब्ध है। ऐसे में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के तकनीकी विभाग पर सवाल उठने लगे और इसकी सफाई के लिए गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने नेहा सिंह को आगे कर दिया।
शायद इसीलिए क्योंकि कम्युनिकेशन में उनसे स्ट्रांग और कोई नहीं था। नेहा सिंह अपनी यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए कई अजीब से तर्क दिए। शायद उनके पास पूरी जानकारी नहीं थी या उत्साह के चलते वह अपनी बात सही तरीके से रख नहीं पाई। परंतु इसी वजह से नेहा सिंह बलि का बकरा बन गई।
क्या है नेहा सिंह का बायो ?
नेहा सिंह गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कम्युनिकेशन विभाग की हेड हैं। नेहा सिंह का एजुकेशनल बैकग्राउंड देखा जाए तो उन्होंने इलाहाबाद के गर्ल्स हाई स्कूल एंड कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीकॉम पास किया। बीकॉम करने के बाद उन्होंने इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से MBA पूरा किया।
पढ़ाई पूरी करने के बाद नेहा सिंह 2018 से 2019 तक GITAM में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्य कर चुकी हैं। इसके पश्चात उन्होंने 2022 से 2023 तक ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी में भी असिस्टेंट प्रोफेसर का पद संभाला। वही गलगोटिया यूनिवर्सिटी में वे 2023 से नियुक्त हुई और वह असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।
नेहा सिंह लिंक्डइन प्रोफाइल विवाद
नेहा सिंह के लिंक्डइन प्रोफाइल पर AI समिट (ai summit galgotias university) विवाद के बाद से ‘ओपन टू वर्क’ का स्टेटस दिखाई दे रहा है। जिससे सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है कि क्या कॉलेज में उन्हें निकाल दिया है? हालांकि कॉलेज ने सार्वजनिक रूप से उन्हें बेदखल करने की कोई पुष्टि नहीं की है।
यहां तक की कुछ रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि उन्हें कॉलेज में निकाला नहीं है। लेकिन फिर उनका लिंक्डइन प्रोफाइल ‘ओपन टू वर्क’ क्यों दिखा रहा है। कॉलेज अपनी अक्षमता का ठीकरा कहीं नेहा सिंह के ऊपर तो नहीं फोड़ रहा? क्योंकि नेहा सिंह टेक्निकल विभाग से कोर रूप से जुड़ी हुई नहीं हैं तो ऐसे में नेहा सिंह पर पूरा दोष डालना कहीं से भी उचित नहीं।
फिर ओपन टू वर्क क्यों?
जिसके पीछे सोशल मीडिया पर तर्क दिए जा रहे हैं कि शायद वह बेहतर करियर ऑप्शंस ढूंढ रही हैं। शायद विवाद के बाद में इस कॉलेज में काम करना सही नहीं समझती। या उन्होंने भविष्य की सिक्योरिटी को देखते हुए हाय पेइंग जॉब्स के लिए ओपन टू वर्क स्टेटस कर रखा है।
कुल मिलाकर नेहा सिंह और AI सम्मिट विवाद केवल एक साधारण विवाद नहीं रह गया। बल्कि यह अब एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की छवि की बात हो गई है। जहां इस बात की पुष्टि नहीं हो पा रही है आखिर नेहा सिंह को गलगोटिया यूनिवर्सिटी में काम से निकाल दिया है? या नेहा सिंह ने खुद ही काम छोड़ने का फैसला कर ओपन टू वर्क वाला स्टेटस अपडेट कर दिया है।

